तेरी गुस्ताख़ बातें | Teri Gustakh Baatein
तेरी गुस्ताख़ बातें ( Teri gustakh baatein ) तेरी गुस्ताख़ बातों से दिवाना टूट जाता है हुई थी जो ख़ता तुम से भरोसा टूट जाता है रहें हो ना मगर अब तुम सुनाऊँ दास्ताँ किसको मोहब्बत के लिखे नग्में फ़साना टूट जाता है गुजारे थे शहर में वो कभी बीतें हुए पल…

