Zindagi Ghazal

  • आपबीती | Zindagi Ghazal

    आपबीती ( Aapbeeti )    सौ पलों की एक पल में आपबीती हम सुनाते हैं ग़ज़ल में आपबीती सब अना की क़ैद में जकड़े हुए हैं कौन सुनता है महल में आपबीती ? जीते जी ही कह सकोगे हाल अपना कौन कह पाया अजल में आपबीती ? अपने अपने दर्द में ही लोग ग़ुम हैं…