Aapbeeti

आपबीती | Zindagi Ghazal

आपबीती

( Aapbeeti ) 

 

सौ पलों की एक पल में आपबीती
हम सुनाते हैं ग़ज़ल में आपबीती

सब अना की क़ैद में जकड़े हुए हैं
कौन सुनता है महल में आपबीती ?

जीते जी ही कह सकोगे हाल अपना
कौन कह पाया अजल में आपबीती ?

अपने अपने दर्द में ही लोग ग़ुम हैं
चुप है इस जंग ओ जदल में आपबीती

क्या पता फिर वक़्त फ़ुरसत दे न तुझको
कर बयाँ तू आजकल में आपबीती

और बहरें तो ‘अहद’ मुश्किल बहुत हैं
कर बयाँ बहरे रमल में आपबीती !

 

शायर: :– अमित ‘अहद’

गाँव+पोस्ट-मुजफ़्फ़राबाद
जिला-सहारनपुर ( उत्तर प्रदेश )
पिन कोड़-247129

यह भी पढ़ें :

याद आया | Yado ki Shayari

 

Similar Posts

  • आप सा कोई नहीं | Aap sa Koi Nahi

    आप सा कोई नहीं ( Aap sa Koi Nahi ) बेवफ़ा हैं बावफ़ा कोई नहीं इस जहां में आप सा कोई नहीं वक़्त आया जब बुरा तो यूँ लगा मुझसे जैसे आशना कोई नहीं मौत आयी तो कहा ये ज़ीस्त ने दूसरा तो रास्ता कोई नहीं एक माँ के सारे बच्चे मर गये इससे बढ़…

  • आप भी | Ghazal Aap Bhi

    आप भी ( Aap Bhi ) ह़ुज़ूर आप भी कैसा कमाल करते हैं। ज़रा सी बात पे लाखों सवाल करते हैं। सितम ये कैसे वो ज़ोहरा जमाल करते हैं। हर एक गाम पे हम से क़िताल करते हैं। अजीब ह़ाल रक़ीबों का होने लगता है। वो जब भी बढ़ के हमारा ख़याल करते हैं। हमेशा…

  • मिली जब से मुहब्बत

    मिली जब से मुहब्बत मिली जब से मुहब्बत हम सफ़र की बात करते हैंहुईं पूरी मुरादें , रहगुज़र की बात करते हैं बड़े नादान है अब पूछते दिल में हमारे क्याये दिल हम हार बैठे अब जिगर की बात करते हैं सफ़ीना आज मेरा जब फँसा है इस भँवर में तोकरें हम याद रब को…

  • ज़मीरों की तिज़ारत | Zamiron ki Tijarat

    ज़मीरों की तिज़ारत ( Zamiron ki tijarat )   कुछ लोग ज़मीरों की तिज़ारत नहीं करते रंजिश में रक़ीबों की ख़िलाफ़त नहीं करते। ये दौर ज़रा फ़र्क ज़रा अजनबी सा है मतलब न हो तो लोग मुहब्बत नहीं करते। है फ़ितरतों में अपनी वफ़ा और अकीदत हम दोस्ती में यार सियासत नहीं करते। कब तक…

  • हम से | Ghazal Hum Se

    हम से ( Hum Se ) मुदावा इस ग़म-ए-दिल का किया जाता नहीं हम से। तुम्हारे बिन किसी सूरत जिया जाता नहीं हम से। दबे लफ़्ज़ों में ले लेते हैं अक्सर ग़मज़दा हो कर। तुम्हारा नाम भी खुल कर लिया जाता नहीं हम से। जो तुम आकर पिलाओ तो ख़ुशी से पी के मर जाएं।…

  • वो पहली मोहब्बत | Pehli Mohabbat

    वो पहली मोहब्बत ( Wo pehli mohabbat )   वो पहली मोहब्बत का बीता ज़माना याद आता है, वो छोटी-छोटी बातों पे रूठना मनाना याद आता है! ख्वाबों ख्यालों में रहना आसमान में उड़ने का मज़ा, हो दुनिया से बेख़बर इश्क-ऐ-फ़साना याद आता है! एक दूजे की आगोश में दिन रात का वक़्त गुजरना अपनी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *