मुझको मुझ सा दिखता है

मुझको मुझ सा दिखता है

मुझको मुझ सा दिखता है

पिंजरे में ख़ुश रहना कैसा दिखता है
देखो आ कर मुझको मुझ सा दिखता है

ये कैसा आलम है मेरी नींदोँ का
ख़्वाब है फिर भी टूटा फूटा दिखता है

आँख समंदर, गाल भंवर और बाल फ़लक़
आशिक़ को भी जाने क्या क्या दिखता है

रंग नहीं दिखते हैं जिसको दुनिया के
क्या उसको सपना भी काला दिखता है

पेशानी पर बल आने से दुनिया को
सुलझा हो कर भी वो उलझा दिखता है

उसने मेरी बात बदल दी ये कह कर
और हँसा कर, हँसता अच्छा दिखता है

नीम बाज़ आँखों की है ये सिफ़त ‘असद’
ख़ूब उजाले में भी पूरा दिखता है

असद अकबराबादी 

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • मुझको पहचाने | Mujhko Pahchane

    मुझको पहचाने  ( Mujhko Pahchane ) हवा में ऐसे उड़ाऊँगा अपने अफ़साने ज़माने भर का हरिक शख़्स मुझको पहचाने मिज़ाजे-दिल भी कहाँ तक मेरा कहा माने छलक रहे हैं निगाहों से उसकी पैमाने मुझे सलाम यूँ करते हैं रोज़ रिंदाने बुला बुला के पिलाते हैं मुझको मैख़ाने मैं महवे जाम न होता तो और क्या…

  • कुछ रिश्तों की इतनी ही उम्र होती है

    आज सर्दियों की धुंध भरी शाम है। मैं धीरे-धीरे चलते हुए घर लौट रहा हूँ। सड़क के किनारे लगीं पोल लाइटों से उर्जित प्रकाश कोहरे को नीली चादर की भांति खुद से लपेटे हुए है । अर्पिता के साथ बिताए पल मुझे यूं ही याद आने लगे हैं। वह कोहरे की इस नीली चादर को…

  • बंधन | Bandhan

    पात्र = 20 वर्ष की नवयौवना किट्टो (नायिका) 21 वर्ष रॉय (विलेन) 22 वर्ष साहित्यिक नवयुवक (नायक) किट्टो 20 वर्ष की खुशमिजाज एक चुलबुली अपनी मुस्कान की खुशबू से फूलों की भाति सबके दिलों में एक उमंग जगा देने वाली नवयौवना। उसके केशों की लट हवा के झोंके से कभी माथे के इस ओर आ…

  • बिल्लू | Bachon ki rochak kahani

    बिल्लू  ( Billu )  “मक्खी आया है पहले बैटिंग हम करेंगे” रवि ने कहा। हम अपने होम ग्राउंड बाबा मैदान में अगले मैच के लिए तैयार थे। एक मैच हम पहले ही जीत चुके थे चूंकि विपक्षी टीम मैच और ₹101 गंवा चुकी थी इसलिए वह फिर से एक मैच खेलने की जिद कर रहे…

  • सच्चा प्यार – अ ट्रू लव स्टोरी

    प्रभात और संध्या दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते थे। नाम तो उनके विपरीत थे। पर दोनों को देखकर यूं लगता था मानो “मेड फॉर ईच अदर” है। कहने को तो उनकी अरेंज मैरिज थी, लेकिन उनके बीच में लव मैरिज से ज्यादा प्रेम था। प्रभात एक छोटा-सा व्यापारी था और संध्या स्कूल में…

  • निवेश

    एक था धनीराम और एक था सुखीराम। दोनों में गाढ़ी मित्रता थी। दोनों ही शुगर के मरीज थे। दोनों की माली हालत अच्छी नहीं थी। उन्होंने साथ में बहुत काम किये लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर उनके किसी मित्र ने उन्हें प्रॉपर्टी(जमीन) खरीदने-बेचने के काम की सलाह दी और बताया कि जमीन के रेट दिन…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *