आज़म नैय्यर हाइकु

आज़म नैय्यर हाइकु

आज़म नैय्यर हाइकु

1

जीवन में ख़ुश रहो
दूर ग़म को करो
प्यार से हंसो

2

 

नफ़रत नहीं प्यार करो
सबसें हमेशा
आओ गले लगो

3

दो भुला बेवफ़ा को
यूं आहें मत भरो
यूं ग़म में मत जलो

4

बात मेरी जरा सुनो
यूं न फेरकर मुंह चलो
दोस्ती में वफ़ा करो

5

यूं न देखो चुप रहो
अपना हाले दिल
आज़म को कुछ सुनो

 

✏

शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

यह भी पढ़ें : 

ग़म के साये में पल रही दिल्ली

 

 

Similar Posts

  • भाषा है हिंदी | Bhasha hai Hindi

    भाषा है हिंदी ( Bhasha hai hindi ) करो वंदन~मातृ भाषा हिंदी काअभिनंदन•हिंदी दिवस~विश्व पटल परफैले सुयश•माथे की बिंदी~देवनागरी लिपिभाषा है हिंदी•प्रभु भजन~लोरी शेरो शायरीहिंदी गज़ल•हिंदी पे नाज़~हर दिल अज़ीजसिर का ताज़•जगाती प्रीत~सप्त सुरों में गूँजेगीत-संगीत•हिंदी है शान~हिंदुस्तानियों का हैये अभिमान•शुभकामना~हिंदी हो राष्ट्र भाषायही भावना• निर्मल जैन ‘नीर’ऋषभदेव/राजस्थान यह भी पढ़ें :-

  • तेरी ये बातें

    तेरी ये बातें ( हाइकु )   1 तेरी ये बातें है झुठे सनम ये तेरे वो वादे   2   देखी है रोज़ मैंनें तो ए  सनम तेरी ही राहें   3   दिया है दग़ा प्यार में ही निकली दिल से आहें   4   गुम कहीं वो ढूंढ़ती है उसको रात दिन…

  • बसंत हाइकु | Basant par Haiku

    बसंत हाइकु ( Basant Haiku )    १. कोयल गायें, सरसों लहलायें बसंत आये !! २. सरसों छाये, ओढ़े पीली चादर, खेत मुस्काये !! 3. बागों में शोर लदने लगे जब, आमों पे बौर !! ४. नई डालियाँ, बसंत ने खिलाई नई कलियाँ !! ५. बसंत कवी, मीठी धूप सृजन कराये रवि !! डी के…

  • बेटियां : हाइकु

    बेटियां बेटी का धन,लक्ष्मी, विद्या, पार्वती,जैसा है मन।।१।। धान सी फलें,परिवार की जड़,फूल सी खिले ।।२।। बेटी चहके,घर आँगन ज्योंपुष्प महके ।।३।। ईश सजीव,बेटियां होती है,जग की नींव ।।४।। बिछा के मन,बेटियों बना देती,मकाँ को घर।।5।। बेटी की छाँव,जहां पड़ते पाँव,स्वर्ग सी ठाँव ।।6।। कैसा भी दौर,बिटियाँ के हाथों में,जग की डोर ।।7।। डी के…

  • माहिया | Mahiya

    माहिया ( Mahiya ) सर्दी * * * नए रंग में, जनवरी धमकी, कड़ी ठंड में!! * ठंड की धुन, बहे शीत लहर शरीर सुन्न !! * बर्फ से लदे, देवदार के पेड़ कुल्फी से लगे !! * पूस की रात, ठंडी हवाओं संग, करती बात !! * बड़ा सयाना, गले लगाए आग, जाड़ा दीवाना…

  • गणेश विसर्जन | Ganesh Visarjan

    गणेश विसर्जन ( Ganesh Visarjan ) माथ चन्दन~गणेश विसर्जनकोटि वंदन●शुभभावना~अनन्त चतुर्दशीपूर्ण कामना●धर्म में वृद्धि~घर-घर में शांतिसुख समृद्धि●मंगल मूर्ति~हे! गणपति बप्पादो हमें स्फूर्ति●मन में हर्ष~हे! बप्पा जल्दी आनाअगले वर्ष● निर्मल जैन ‘नीर’ऋषभदेव/राजस्थान यह भी पढ़ें :-

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *