कविताएँ

  • Corona par Kavita | दबंग कोरोना

    दबंग कोरोना ( Dabang Corona )   ये हाल है और पूछते हैं कि क्या हाल है? अरे यह कोरोना है दबंग हैं सब इससे तंग है। धर लेता तो नहीं देखता धनी निर्धन सरकारों की भी परीक्षा लेता है देखो वह झूठ कितना बोलता है उनकी पोल पट्टी सब खोलता है अफसरों की हनक…

  • Kavita Raat Kaali | रात काली रही

    रात काली रही ( Raat Kaali Rahi )   रात  काली  रही  दिन  उजाला  भरा, बीतीं बातों पे चिन्तन से क्या फायदा।   वक्त कैसा भी था, दुख से या सुख भरा, बीतें लम्हों पे चिन्तन से क्या फायदा।   जब उलझ जाओगे, बीतीं बातों में तुम, आज की मस्तियाँ ग़म मे ढल जाएगी।  …

  • Kavita Papi pet ke khatir | पापी पेट की खातिर

    पापी पेट की खातिर ( Papi pet ke khatir )   वो चिड़िया रोज सवेरे है आती करने चीं चीं चीं चीं मधुर स्वर लहरियां उसकी मेरे मीठे स्वप्न पर,भारी है पड़ती। जाग जाता हूं फटाफट उसके लिए दाना पानी रख आता हूं फुदक फुदककर है खाती कभी जलपात्र में नहाती मानो मुझे हो रिझाती…

  • May Danava | मय दानव (महाभारत)

    मय दानव ( महाभारत ) ( May Danava  )   खाण्डव वन में मय दानव ने, इन्द्रप्रस्थ रच डाला। माया से उसने धरती पर,कुछ ऐसा महल बनाया।   अद्भुत उसकी वास्तु शिल्प थी,कुछ प्रतिशोध भरे थे, जिसके कारण ही भारत में, महाभारत युद्ध कराया।   कौरव ने जब खाण्डव वन को, पाण्डवों को दे डाला।…

  • Kavita | एक पेड़

    एक पेड़ ( Ek Ped )   कभी धूप कभी पानी मे ,देती हमें शीतल छाया । आजा आराम करले संगी ,चल रही मंद मंद हवा ।।   जब  होती  तेज  धूप ,चिंता  हमारी  कम करती । मंजिल तक पहुँचने मे ,मदद हमारी हमेशा करती ।। देती हमें कीमती चीजे ,कभी न स्वार्थ वो दिखलाती…

  • Agnisuta par Kavita | अग्निसुता

    अग्निसुता ( Agnisuta )   द्रौपदी  ने  खोले  थे  केशु, जटा अब ना बांधूंगी। जटा पर दुःशासन का रक्त, भीगों लू तब बाधूंगी। मेरे प्रतिशोध की ज्वाला से,जल करके नही बचेगे, मै कौरव कुल का नाश करूगी, केशु तभी बाधूंगी।   धरा पर नारी को कब तक सहना,अपमान बताओं। पुरूष की भरी सभा मे,द्रोपदी की…

  • Kavita | वह बचपन की याद पुरानी

    वह बचपन की याद पुरानी ( Woh bachpan ki yaad purani ) दही  बिलोती  दादी नानी नहीं रही वह कथा कहानी कहां  गई  पीपल की छांव वो बचपन की याद पुरानी   सावन  के  झूले  कहां  अब कहां बरसता टिप टिप पानी बहुत सुहानी लगती हमको वो  बचपन  की  याद पुरानी   निकर पहन स्कूल…

  • माँ शैलपुत्री कृपा करो | Maa Shailputri par Kavita

    माँ शैलपुत्री कृपा करो ( Maa shailputri kripa karo )   हे माँ शैलपुत्री कृपा करो, हमें अपनी शरण देकर माँ अपनी दया कर देना माँ ।।   सत्य  की  राह चुने हम, ऐसी  सुमति  हमें  देना , हम बालक नादान है तेरे, अपनी छाव मैं रखना माँ ।   हे माँ शैलपुत्री आ जाओ…

  • सनातन नववर्ष | Sanatan nav varsh par kavita

    सनातन नववर्ष ( Sanatan nav varsh )   वर्ष नया हो हर्ष नया हो घटा  प्रेम  की  छाई  हो जीवन का उत्कर्ष नववर्ष मधुर  बजे  शहनाई  हो   सनातन संस्कृति हमारी केसरिया  बाना  लहराये राज तिलक राम का हुआ राममय  माहौल  हो जाए   मां दुर्गा शक्ति स्वरूपा आकर हर ले कष्ट सारे चैत्र नवमी…

  • Kavita | दुनिया

    दुनिया ( Duniya )   रात  मे  चाँद को , जिसने  चमकना  सिखाया । सूरज की किरणों को ,आलोक फैलाना बताया ।। ग्रीष्म ,वर्षा ,शीत ,बसंत ,होती अजीब घटनाएं है । वंदन  है  प्रभु ! उन्हें , जिसने  ये दुनिया बनाया ।। उफनती  नदियों  को , जिसने  बहना  सिखाया । गहरी  काली  झीलो  को ,…