कहानियां

  • अनाथ

    “कहाँ मर गयी? और कितनी आवाज लगानी पड़ेगी? जल्दी से भैया का दूध गर्म करके लेकर आ। देख नहीं रही कि भैया भूख के कारण लगातार रोता जा रहा है।” राधा ने गुस्से से तेज़ आवाज में दस वर्षीय आराध्या से कहा। “बस अभी लायी मम्मी। थोड़ा सा स्कूल का काम बाकी रह गया था,…

  • शूल शैया

    शूल शैया पर लेटे भीष्म पितामह के इच्छा मृत्यु के वरदान को आज अभिशप्त साबित करता ये एक-एक पल, एक -एक युग सा भीष्म पितामह को महसूस हो रहा था।         दर्द जिस्म के पोर – पोर  से लहू बनकर सैलाब ला चुका था।       विडंबना यह कि मुख से आह भी निकालना स्वयं का…

  • पौधे की कीमत

    संध्या मैडम ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, “बच्चों कल पर्यावरण दिवस है। कल हम सभी शिक्षक व बच्चें पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेंगे तथा बाकी लोगों व बच्चों को भी पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रेरित करेंगे। पर्यावरण दिवस के अवसर पर सभी बच्चे अपने घर से एक-एक पौधा लेकर आएंगे और उसको स्कूल में…

  • ‘सन्तुष्टि’

    2 साल बाद एक दिन राजेंद्र ने अपने मित्र एवं पूर्व शिक्षक साथी संतोष को कॉल की और उनसे पूछा- “संतोष भाई, कैसे हाल-चाल है? घर परिवार में सब ठीक है?” “सब बढ़िया है राजेन्द्र भाई। तुम सुनाओ।” संतोष ने कहा। “हमारे यहाँ भी घर परिवार में सब ठीक हैं भैया। तुमसे बात किये हुए…

  • प्यार जताओ, मगर संभलकर

    काव्या की डायरी उठाकर अलमारी में रखते समय अचानक डायरी से एक पर्ची निकलकर नीचे गिरी। काव्या की मम्मी ने उस पर्ची पर लिखा पढ़ना शुरू किया-“तुम बेहद खूबसूरत हो। तुम्हारी आंखें, तुम्हारे होंठ, सब मुझे तुम्हारी ओर खींचते हैं। जी करता है कि बस तुम्हें देखता रहूं। तुम्हारी आवाज़, तुम्हारी बातें सुनता रहूँ। तुम्हारी…

  • सवाल

    “हेलो काव्या, मैं विनीता बोल रही हूँ। क्या तुमने एमएससी मैथ एंट्रेंस एग्जाम का फॉर्म भरा है??” “हां विनीता, मैंने भी फॉर्म भरा है। मैंने सुना है कि इस बार सभी का एग्जाम सेंटर बरेली कॉलेज बरेली को ही बनाया गया है।” “ठीक कह रही हो, मेरा एग्जाम भी बरेली कॉलेज बरेली में ही है।…

  • जानलेवा आदत जो छूटे न

    एक दिन अभिषेक अपने सेवानिवृत्त गुरु दिवाकर जी से मिलने उनके घर पहुँचा। गुरुजी को चरण स्पर्श करके उसने उनका हाल-चाल लेना शुरू ही किया था कि इतने में गुरु जी का लड़का आनन्द अपने मुँह को ढ़ककर कमरे में कुछ सामान लेने आता है। इस तरह मुँह को ढका हुआ देखकर अभिषेक ने आनंद…

  • अंतर्द्वंद्व

    1996 की बात है। 12 वर्षीय मानव के घर पर गांव से उसके चाचा-चाची जी आये। चाची को समोसे बहुत पसंद थे। चाची ने आते ही समोसे खाने की अपनी इच्छा जाहिर की और बोली, “मुझे चेतराम के यहां के समोसे खाने हैं। बहुत दिनों से यहां आने की सोच रही थी, आज आई हूं…

  • “डॉक्टर का पर्चा”

    जब से राघव ने अपने बेटे का इलाज़… बच्चों के प्रसिद्ध डॉक्टर, डॉ० अग्रवाल से शुरू किया, तबसे राघव के बेटे की तबीयत में काफी सुधार हुआ। पिछले एक महीने से वे हर सप्ताह अपने बच्चे को डॉक्टर साहब को दिखाने आ रहे हैं। डॉक्टर साहब का पर्चा सिर्फ़ 5 दिनों के लिए ही वैलिड…

  • छेड़खानी

    एक दिन रमेश सर (कंप्यूटर शिक्षक) जैसे ही कंप्यूटर सेंटर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि सेंटर प्रबंधक श्री शमीम अहमद जी व कुछ पुलिस वाले रमेश सर के इंतजार में ही बैठे हैं। रमेश सर को देखते ही प्रबंधक महोदय ने कहा,“यहीं है रमेश सर, जिनका आप इंतजार कर रहे थे।” रमेश सर के अंदर…