Category: विवेचना

बदलते समय के साथ बदलती हुई हिंदी को स्वीकार करना वक्त की जरूरत है
बदलते समय के साथ बदलती हुई हिंदी ( Badalte samay ke sath badalti hui Hindi ) हिंदी दिवस आते आते हिंदी भाषा की चर्चा जोर पकड़ लेती है। हर तरफ हिंदी भाषा की चर्चा शुरू हो जाती है। सरकारी कार्यालयों, स्कूल कॉलेजों में हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए…

मुंशी प्रेमचंद जयंती विशेष
आज ही के दिन 31 जुलाई 1880 को कथा सम्राट धनपत राय श्रीवास्तव अर्थात मुंशी प्रेमचंद जी का जन्म हुआ था।अपनी सरलता,मौलिकता से मन मोह लेने वाली कहानियों, उपन्यासों के रूप में मुंशी प्रेमचंद जी आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। यूँ तो उनकी बहुत सी कहानियों, उपन्यासों ने मेरा मन मोहा है…

हम जीतेंगे | Hum jeetenge
अंततः अगले 21 दिनों (14 Apr ) तक पूरे देश मे लॉकडाउन (एक तरह से कर्फ्यू) लगा दिया गया।इस महामारी को देखते हुए सरकार का यह कदम स्वागतयोग्य है। अगले 21 दिनों तक निश्चित ही हम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा लेकिन यह देश के लिए, हमारे लिए बहुत जरूरी है। मैं सोचता…

बेटियां – दुर्भाग्य या सौभाग्य ???
बेटियां – दुर्भाग्य या सौभाग्य ??? राजेश के जब दूसरी बेटी हुई वह उदास थे।वह रो रहे थे इसलिए नही कि उनके एक के बाद दूसरी भी बेटी ही हुई बल्कि इसलिए क्योंकि उनके पास उन्हें पालने-पोसने के लिए कुछ नही था। वह बेहद मुफ़लिसी के दौर से गुजर रहे थे..वक्त उनका चारो तरफ से…

भारत की लचर ज्युडिशियल और पुलिसिंग
हमारे देश के ज्युडिशियल और पुलिस व्यवस्था को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं । वजह यह है कि कई बार देखा गया है कि गंभीर से गंभीर आरोप लगने के बाद भी आरोपियों को छोड़ दिया जाता है । चलिए जानते हैं भारत के सिस्टम के उन लूपहोल्स के बारे में जिसकी वजह…

खुद को पर्फेक्ट के बजाय बेहतर बनाने की कोशिश करें
खुद को पर्फेक्ट के बजाय बेहतर बनाने की कोशिश करें । हमेशा महिलाओं से उम्मीद की जाती है कि वह हर काम में परफेक्ट हो हर बात में सही बात अपनाएं और जिम्मेदारी से हर मोर्चे पर एक बेहतरीन आदर्श प्रस्तुत करें । महिलाएं खुद भी खुद को परफेक्ट बनाने और अपने से जुड़े हर…

नजरिया जिंदगी के प्रति
नजरिया यानी कि एटीट्यूड हमारी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ही । जिंदगी के हर हिस्से में इसका काफी योगदान होता है । हर इंसान अलग होता है । हर इंसान की सोच अलग होती है और हर कोई अपने आप में एक अलग सोच रखता है । इसीलिए हर इंसान का नजरिया भी अलग…

हिंदी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा | Hindi bhasha
विश्व हिंदी दिवस विशेष हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है । पहली बार विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन नागपुर में 1976 में किया गया था जिसमें 30 देश शामिल हुए थे । हिंदी एक ऐसी भाषा है जो सीखी जा सकती है और साथ ही यह…