Category: शेरो-शायरी
ख़ुदग़र्ज़ | Khudgarz
ख़ुदग़र्ज़ ( Khudgarz ) जिनको सिर्फ़ ख़ुद की आवाज़ सुनाई देती, जिन्हें सिर्फ़ अपना किया ही है दिखाई देता, ऐसे बेहिस लोगों से फिर क्या ही है बोलना, वही अंधों के आगे रोना अपना दीदा खोना, वो अपनी ही ख़्वाहिशातों के ग़ुलाम होते हैं, अपनी ग़लती पेभी शाबाशी सरेआम लेते हैं, अब हमें नहीं…
हिफ़ाज़त वतन की | Watan par Shayari
( हिफ़ाज़त वतन की ) Watan par Shayari करो हर क़दम पे हिफ़ाज़त वतन की करो सब वफ़ा से मुहब्बत वतन की अदू ख़ौफ़ खाए सदा भारत से ही बनो वो हमेशा ही ताक़त वतन की करे है मदद इक दूसरे की हमेशा बड़ी अच्छी है ही शराफ़त वतन की चलेगी मेरी सांस जब…
सबक | Sabak
सबक ( Sabak ) आज तकलीफ़ महसूस की कल भूल जाया करते हैं, अच्छे बुरे वक़्त का सबक हम याद ही कहाँ रखते हैं, चंद शहद में लिपटे ज़हर आलूदा जुमले में खो जाते, झूठे ख़्वाब सजाते, हक़ीक़त से कहाँ वास्ता रखते हैं, पल दो पल का साथ भी पूरी ज़िंदगी लगने लगती है, कभी…
ज़िंदगी | Zindagi par Shayari
ज़िंदगी ( Zindagi ) ज़िंदगी अब दग़ा रोज़ करने लगी मुफलिसी की यहाँ आह भरने लगी जुल्म का ही मिला है निशाँ ऐसा है आजकल ज़िंदगी रोज़ डरने लगी जो नहीं है नसीब में यहाँ तो लिखा आरजू प्यार की ज़ीस्त करने लगी लौट आ ऐ सनम शहर से गांव को ज़िंदगी रोज़ अब हिज्र…
माँ पर नज़्म | Maa par Nazm
माँ पर नज़्म ( Maa par nazm ) पिलाकर अमृत का प्याला, क्यों तनाव में रहती है माँ। घर की सारी बला उठाकर फटी जिन्दगी सीती है माँ। क्यों अधिकार मिटा उसका, इतना दुःख सहती है माँ। जग की धुरी कहलाने वाली, क्यों वृद्धाश्रम जाती है माँ ? नभ-सी ऊँची, सागर-सी गहरी, जन्म सभी…
मुंबई | Mumbai
मुंबई ( Mumbai ) नज़्म किस्मत की लकीर बदल देती है मुंबई, जद्दोजहद करना सिखाती है मुंबई। पारिजात के जैसे गमकती है दिनरात, फूलों की पंखुड़ियों पे सोती है मुंबई। झुकाती है आसमान देखो पसीने से, हर किसी का हौसला बढ़ाती है मुंबई। पहले तो सब्र का ये लेती है इम्तिहान, परों को खोलना भी…
जन्मदिन उस्ताद का | Janamdin Ustad ka
जन्मदिन उस्ताद का ( Janamdin ustad ka ) है जन्मदिन आज उस्ताद का पुलकित है अब तो ये मन आत्मा अब मनायेंगे ऐसे ही हर साल हम मेरे दिल की तो है इक यही कामना हाँ रहें ताजादम आप हर इक घड़ी ये ही है आपके वास्ते जी दुआ आप पे ख़ुशियों ही बरसात…
मेरा आबाद वतन | Mere Aabad Watan
मेरा आबाद वतन ( Mere aabad watan ) देश मेरा सबसे अच्छा कैसे मैं बयां करूं, मोहब्बत का पाठ पढ़ाएं कैसे मैं बयां करूं। उजली जमीन खिला है आसमान खुश नहरें बाग, ऐसा मुल्क को मैं कैसे अपने आप को अलग नयां करूं। ना मज़हब के झगडे ना ऊंच नीच में भेद है यहां,…
जनाब ये जिंदगी है | Janab ye Zindagi Hai
जनाब ये जिंदगी है ( Janab ye zindagi hai ) जीलो आज और कल हरदम बेझिझक जनाब हमें जिंदगी बार-बार नहीं मिलेगी जीवन में ढेर सारे ग़म और कहीं कहीं खुशी है जनाब गम लेकर बैठे तो तुम हमेशा उदास रहो, खूबसूरत है जनाब ज़िन्दगी हर पल खुश रहो जिंदगी भर हर पल तुम्हें…
राजा कृष्णदेव राय | Krishnadev Rai
राजा कृष्णदेव राय ( नज़्म ) प्रजा के होंठों की मुस्कान महफूज रखते थे कृष्णदेव राय, सहिष्णुता के धागे से सभी को बाँधे रखते थे कृष्णदेव राय। नफरत तो उनके अंदर प्रवेश ही नहीं कर पाई थी, मातृभूमि की रक्षा के लिए सदा तैयार रहते थे कृष्णदेव राय। हिन्दू हो या मुस्लिम,दोनों को एक…