Deepawali ke geet

खुशियों की फुलझड़ी जलाओ | Deepawali ke geet

खुशियों की फुलझड़ी जलाओ

( Khushiyon ki phuljhadi jalao )

 

आई दिवाली नाचो गाओ
खुशियों की फुलझड़ी जलाओ
दीप प्रेम के रोशन करते
स्वागत में सब घर सजाओ
खुशियों की फुलझड़ी जलाओ

 

प्यार के मोती जग लुटाओ
स्नेह सुधारस खूब बहाओ
दीन हीन को गले लगाकर
मानवता का धर्म निभाओ
खुशियों की फुलझड़ी जलाओ

 

भाईचारा खूब बड़े अब
प्यार घोले रिश्तों मैं सब
घर घर में खुशहाली लाओ
सद्भावों की सरिता बहाओ
खुशियों की फुलझड़ी जलाओ

 

बड़ों का सम्मान करें सब
संस्कारों का मान करें हम
दिवाली को दिव्य स्वरुप में
दीपोत्सव सब मिल मनाओ
खुशियों की फुलझड़ी जलाओ

 

 

रचनाकार : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

लो आई जगमग दिवाली | Diwali ke geet

 

Similar Posts

  • श्री कृष्ण प्रेम | Shri Krishna Prem 

    श्री कृष्ण प्रेम ( Shri Krishna Prem )   श्री कृष्ण प्रेम सुगंधि,श्री मद्भागवत में ********** तीन सौ पैंतीस दिव्य अध्याय, बारह प्रेरणा पुंज स्कंध । अठारह हजार श्लोक अनुपमा, शब्द आभा आनंद बंध । कथा श्रवण परम सुअवसर , सुषुप्त सौभाग्य जगावत में । श्री कृष्ण प्रेम सुगंधि,श्री मद्भागवत में ।। हिंद वांग्मय मुकुटमणि…

  • अध्यापिका | Adhyapika

    अध्यापिका ( Adhyapika )    अध्यापिका हो मेरी आप ही सबसे खास, आपने ही कराया मुझे जीवन का अभ्यास, आपने ही दिखाया मुझे मंजिल का रास्ता, आप ही हो मेरे लिए सबसे बड़ी फरिश्ता | आप ही मेरी राह हो, आप ही मेरी चाह हो आप ही मेरी भक्ती,आप ही मेरी शक्ती हो आप से…

  • महर्षि वाल्मीकि | Maharishi Valmiki par Kavita

    महर्षि वाल्मीकि ( Maharishi Valmiki )   बुरे कर्मों को छोड़कर सत्कर्मों में लगाया ध्यान, साधारण इंसा से बनें महर्षिवाल्मीकि भगवान। देवलोक के देवर्षि मुनि नारद जी के यह शिष्य, प्रचेता के ये दसवें पुत्र और संस्कृत के विद्वान।। महर्षिवाल्मिकी जीवन से मिलती प्रेरणा हजार, जो कभी राहगीर को लूटकर भरा पेट परिवार। आदिकवि एवं…

  • नव ऊर्जा का उत्सव

    नव ऊर्जा का उत्सव युवाओं का यह दिन अनमोल,बनाता है हर सपने को गोल।जोश, जुनून, और हौसलों का संग,युवाओं के दम पर बढ़ता ये रंग। देश की ताकत, नई उमंग,युवाओं में दिखता हर तरंग।ज्ञान की गंगा, साहस की धारा,युवा ही तो हैं भारत का सहारा। स्वामी विवेकानंद के शब्दों का असर,युवाओं में जलता है प्रेरणा…

  • फुरसत मिली | Poem fursat mili

    फुरसत मिली ( Fursat mili )   फुरसत मिली, पढ़ लूं तहरीरें लिखी जो पानियों ने पानी पर सुना है जनमों से सब्र लिये बहता है कोई आबशार किसी के लिये कहीं पर बरसता अब्र, गीली ज़मीं, पर प्यास लिये मेरा मन, पानी, पानी बहता दरिया शायद मेरे लिये यहीं पर…. उफ़ुक उधर भी था,…

  • रात ना होती | Raat na hoti | Kavita

    रात ना होती ( Raat na hoti )   मधुर ये बात ना होती, मधुर मुलाकात ना होती। धड़कनें थम गई होती, अगर ये रात ना होती।   खिलती हुई सुबहें, सुहानी शाम मस्तानी। हसीं पल ये प्यारे लम्हे, रात हो गई दीवानी।   सुहाने ये प्यारे जज्बात, दिलों की बात ना होती। हसरतें रह…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *