दिल की खूबसूरती
सुनने में थोड़ा अलग लगता है,थोड़ा बोरिंग भी और कुछ लोगों को थोड़ा अजीब भी।लेकिन आज की इस आधुनिकता की दौड़ में सबसे मुश्किल चीज है ये दिल वाली खूबसूरती। वो कहावत है ना सूरत नहीं सीरत अच्छी होनी चाहिए।
बस कुछ ऐसा ही, लेकिन देखा जाए तो आजकल सबको सूरत बढ़िया चाहिए सीरत तो जैसे उनके लिए कुछ है ही नहीं। आज की इस सोशल मीडिया वाली दुनियां की चकाचौंध में लोग इतना मशगूल है कि उन्हें इंसान की अच्छाई दिखती ही नहीं क्योंकि उनको चाहिए व्यूज और लाइक्स के लिए अच्छा, सुंदर चेहरा बस।
लेकिन सच कहूं तो इस सूरत का क्या करोगे जो एक वक्त के बाद ढल जाएगी,दिल की खूबसूरती हमेशा बरकरार रहती ये बात तब याद आएगी।
खैर समझाना भी किसे जो समझना चाहता नहीं,आजकल सबको ये लगता अगर कोई चुप है,अकेले बैठा है,कहीं आना जाना,मिलना जुलना पसंद नहीं करता है तो इसका मतलब या तो उसने प्यार में धोखा खाया है या वो घमंडी है।
लेकिन ये सच नहीं है,अगर अपनी साफ नजरों से,विचारों से देखा जाए तो वो इंसान अपनी अच्छाई से,अपनी पाक नियत से और नेकदिल की वजह से सबके असली चेहरे पहचान चुका है।
आजकल अच्छा दिल या किसी के मन भी भावनाएं कोई अहमियत नहीं रखती,सबके लिए बस पैसा,चकाचौंध और ये होड़ वाला दिखावा मायने रखता।
दिल,दिल की गहराई ये शब्द शब्दों में कितना आसानी से लिख लेते है ना,मगर इसे समझ पाना उतना ही मुश्किल है। ठीक वैसे ही जैसे हम किसी किताब का कवर देख उसे छोड़ देते लेकिन उसके अंदर का सार हमारे जीवन के लिए सार्थक,ज्ञानवर्धक हो सकता इस बात को नज़र अंदाज कर देते।
इसलिए दिल की खूबसूरती पहचानिए, चेहरे से खूबसूरत तो खिलौने भी होते।।

रचनाकार : योगेश किराड़ू
बीकानेर ( राजस्थान )
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