ये गूंगी शाम

ये गूंगी शाम

ये गूंगी शाम

ये गुंगी शाम मेरे कानों में कुछ कहती है, तु है कहीं आसपास ये अहसास मुझे दिलाती है,
बेशक तू मुझे छोड़ गया, वादा अपना तोड़ गया,

किया था वादा तूने ता-उम्र साथ निभाने का, हर ग़म मेरा बांट कर मुझे खुशी के फूलों की लड़ियां दिखाने का,

दे गया तू ग़म उम्र-भर का, ले गया तू खुशियां सारी मेरी,
तुझको चाहा, तुझे पूजा, तेरी इबादत की बस यही ख़ता थी मेरी,

प्यार के बदले प्यार की ही तो चाहत की थी, एक सुहानी शाम की ही तो चाहत की थी,
दे गया तू मुझे तड़पती ये शाम, ये गुंगी और बहरी एक शाम,

जो ना तेरा संदेशा लाती है, ना मेरा पैग़ाम तुम तक पहुंचाती है,
मगर फिर भी ना जाने क्यों ये तेरे आसपास होने का अहसास दिलाती है।

प्रेम बजाज © ®
जगाधरी ( यमुनानगर )

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • आपकी सीमा | App ki Seema

    आपकी सीमा ( App ki seema )    पृथ्वियां तो बहुत हैं ब्रम्हांड मे किंतु,जल और वायु के प्रभाव मे ही होती है श्रृष्टि की रचना… आपकी संगत और योग्यता के आधार पर ही होती है आपके व्यक्तित्व की पहचान….. व्यक्तिगत मे आप कैसे हैं इससे समाज को कोई फर्क नहीं पड़ता किंतु ,आप समाज…

  • किसानों का दर्द | Kavita Kisano ka Dard

    किसानों का दर्द ( Kavita Kisano ka Dard )      देख कर फसलों की सूरत जीवित है कौन? टूटकर  बिखरा  है   हृदय तन मन है मौन   छींट  कर  बीजों  को  मैंने उम्मीद पाली, काट दिया अब हाथ जैसे यह वर्फ जाली।   कष्ट भरा किससे कहें हम अपनी कहानी, ले   गया   आशाएं  सारा…

  • लोहड़ी आई रे

    लोहड़ी आई रे लोहड़ी आईसभी जनों बधाईहर्ष उल्लास गाना बजानाखान पान संग होपंजाबी गीत। खूब जलेगीफुले रेवड़ी अग्नि मेंअर्पित होंगे। नाचेंगे सारेमहफिल सजेगीआग के बीच। मुबारक होनव जोड़ो लोहड़ीकी सौगात हो। खुशियों डेराजात पात का भेदमिटाना आज। लोहड़ी आईसुंदरी मुंदरी केगीत गायेगे। लता सेन इंदौर ( मध्य प्रदेश ) यह भी पढ़ें :-

  • तुझसे शर्माना और तुझसे मुस्कुराना

    तुझसे शर्माना और तुझसे मुस्कुराना कुछ मुस्कूराना चाहता हू हाँ तेरी बातो पर खुलकर हसना चाहता हू तेरी खिलखिलाते हुए चेहरे को देखकर मै मुस्कुराना चाहता हूं मै शर्माना चाहता हू तेरी मासूम चेहरे को देखकर तेरी मद‌होश भरी बातो पर तेरी शैतानी भरी हाथो के इधर उधर छुअन से शर्माकर अपने चेहरे पर हाथ…

  • कुम्हार | Kumhar kavita

    कुम्हार ( Kumhar )   बाबू ले लो ना दिए घर तेरा रोशन हो जाएगा। एक वक्त की रोटी के लिए मेरा चूल्हा भी जल जाएगा। मेरी भूख तब मिटेगी जब तेरा हर कोना जगमग आएगा। ले लो ना बाबू जी कुछ दिए मेरा चूल्हा भी जल जाएगा। छोटे बड़े दीपक से अंधकार मिट जाएगा…

  • जीवन का लक्ष्य

    जीवन का लक्ष्य (कुछ प्रेरणादायक बातें जो मैं स्वयं से कहता हूँ..) अपने लिए जीना सीखो कब तक औरों के लिए तुम ऐसे जीते रहोगे,अपनी खुशी के लिए करना सीखो कब तक औरों को खुश करते रहोगे। नापसंद को मना करना सीखो कब तक यूँ झिझक महसूस करते रहोगे,जब तुम सच्चे हो अपने जीवन में…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *