जीवन-भाग-2

जीवन-भाग-2

हारना कब जितना
कब मौन रखना कब
बोलना कब संतुलित
होंना कब विनम्रतापूर्वक
पेश आना आदि – आदि
तब कहि जाकर हम
इस जीवन रूपी नोका
को पार् पहुँचाने की
कोशिश कर सकते है
अतः हमनें आवेश में
अपने आप को सम
नही रखा और अनियंत्रित
होकर बिना सोचें आक्रमक
होकर कुछ गलत सब्दों
का प्रयोग कर दिया तो
इस जीवन रूपी नोका को
टूटने से वह डूबने से कोई
भी नही बचा सकता है
विवेक जीवन का नमक है
और कल्पना उसकी मिठास
एक जीवन को सुरक्षित रखता है
और दूसरा उसको मधुर बनाता है
जीवन को सही से अच्छा
बना मानव भव का सार
निकाल मोक्ष को प्राप्त
हम करे यही हमारे
लिए काम्य है ।

प्रदीप छाजेड़
( बोरावड़)

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • नजारा | Kavita Nazara

    नजारा ( Nazara ) रंग बिरंगी प्रकृति देखो, यौवन के मद मे झूमे, पर्वत पेंड़ों की ये श्रंखला, आकाश नारंगी को चूमें, हरित धरा पर सुमन खिले हैं, बनी मेखला गलियारा, कौन भला इस यौवन पर नही है अपना हिय हारा, अरुणोदय मे अस्ताचल का, अद्भुत देख नजारा, कुछ और देर को ठहर मै जाऊं,…

  • मैं नहीं हम की बात | Kavita

    मैं नहीं हम की बात ( Main Nahi Hum Ki Baat )     करें बंद अब,धरम की बातें। गंगा और जमजम की बातें।   चोटिल हैं ज़ज्बात अभी बस, करें  फकत  मरहम की बातें।   भूख प्यास विश्वास की बातें, बोझिल हर इक,साँस की बातें।   मिलजुलके सुलाझायें मसले, करें  ताल  कदम की बातें।…

  • उम्मीद | Poem Ummeed

    उम्मीद ( Ummeed ) एक उम्मीद सी,दिल में रहती है । जो प्यार से, हमसे कहती है । चिंताएं सारी ,छोड़ भी दो । खुशियों से , नाता जोड़ ही लो । वो दिन भी, जल्दी आयेगा । मन ,आनंदित हो जायेगा । जब साथ, मिलेगा अपनों का । संग संग देखे , सब सपनों…

  • खुशी के आंसू | Kavita

    खुशी के आंसू ( Khushi ke aansu : Kavita )     खुशियों के बादल मंडराये हृदय गदगद हो जाए भावों के ज्वार उमड़े खुशियों से दिल भर आए   नैनों में खुशी के आंसू मोती बनकर आ जाते हैं हर्षित मन के आंगन में आनंद के पल छा जाते हैं   उत्साह उमंगों का…

  • प्रशांत भूषण की निडरता | Prashant Bhushan par kavita

    प्रशांत भूषण की निडरता! ******* यह बोल प्रशांत भूषण के हैं – न झुकेंगे न सच का दामन छोड़ेंगे सच कहते थे सच कहते हैं सच कहते रहेंगे। न सत्ता के आगे घुटने टेकेंगे, न कोर्ट से डरेंगे। ना ही माफीनामा दायर करेंगे, कोर्ट जो सजा देगी- हंस हंस कर सहेंगे। भारत में नागरिक अधिकारों…

  • Dr. Alka Arora Ke Dohe : डॉ. अलका अरोडा के दोहे

    डॉ. अलका अरोडा के दोहे ( Dr. Alka Arora Ke Dohe ) ****** १) काँटे बोना छोड़ दो, चलो प्रीत की राह। सुख पाओगे विश्व में, मिट जाए हर आह।। २) याद सदा उपकार रख, कभी न उसको भूल। तू पाएगा सुख सदा, शूल बनेंगे फूल।। ३) निज सुख में इस विश्व का, हर पशु…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *