कलह ( हाइकु )

कलह ( हाइकु )

कलह ( हाइकु )

***

१)

कलह करे
घर संकट भरे-
बेमौत मरे ।

२)

कलह कांटा
जिस आंगन उगे-
नाश ही करे।

३)

कलह विष
नहीं हों आवेशित-
घर दूषित।

४)

कलह बुरा
परिवार बिखरे-
नहीं निखरे।

५)

सुलह हल
कलह है गरल-
संकट प्राण।

६)

कलह बांटे
छिन्न भिन्न संबंधी-
विकास रूके।

७)

बढ़े तनाव
बीमारी बढ़ जाए-
कलह देन।

 

नवाब मंजूर

लेखक-मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

 

यह भी पढ़ें :

जीवन का आनंद (दोहे)

 

Similar Posts

  • पास तू रहे ( हाइकु ) || Haiku Hindi

    पास तू रहे ( हाइकु ) ( Pass tu rahe )   1 पास तू  रहे हमेशा मेरे ए मां दूर न जाना 2 लौट आ तू मां घर अपनें तेरे बिन हूँ तन्हा 3 मां तेरे नहीं लगता दिल मेरा हूँ गमज़दा 4 रुला रही है तेरे यादें मां दिल लौट आ घर 5…

  • छू गई मन | Chhoo Gayi Man

    छू गई मन ( हाइकु )   छू गई मन, फ़िज़ाओ में बिखरी तेरी खुशबू !! आँखें है दंग, पढ़ी मन की चिट्ठी प्रीत के संग !! नेह धूप से, हर लेता है मीत, मन का शीत !! छोड़ के मौन, उड़ेगा ये पखेरू, ढूंढेगा कौन !! शीत का शोर, कुहासा ओढ़कर सूर्य है मौन…

  • निर्मल जैन ‘नीर’ के हाइकु | Nirmal Jain ke Haiku

    विश्व जनसंख्या दिवस बदलो सोच~बढ़ती जनसंख्याधरा पे बोझ●रोज सताती~कल की चिंता हमेंखूब रूलाती●गम ही गम~घटते संसाधनआँखे है नम●बुरा प्रभाव~शिक्षा,स्वास्थ्य,खानाहुआ अभाव●भूल न जाओ~जनसंख्या अंकुशखुशियाँ पाओ● नशा सदैवध्यान रखनाधूम्रपान है निषेधकभी मतकरना●बातरखना यादतम्बाकू गुटखे सेजीवन होताबर्बाद●नशाबहुत बुराखाँसी, दमा, कैंसररहे जीवनअधूरा●नशामुक्त समाजहम सबने मिलकरलिया संकल्पआज योग दिवस योग की माया~पहला सुख होतानिरोगी काया•स्वच्छ हो मन~नियमित योगा सेस्वस्थ हो…

  • गणेश विसर्जन | Ganesh Visarjan

    गणेश विसर्जन ( Ganesh Visarjan ) माथ चन्दन~गणेश विसर्जनकोटि वंदन●शुभभावना~अनन्त चतुर्दशीपूर्ण कामना●धर्म में वृद्धि~घर-घर में शांतिसुख समृद्धि●मंगल मूर्ति~हे! गणपति बप्पादो हमें स्फूर्ति●मन में हर्ष~हे! बप्पा जल्दी आनाअगले वर्ष● निर्मल जैन ‘नीर’ऋषभदेव/राजस्थान यह भी पढ़ें :-

  • गुरू | Guru

    गुरू ( Guru ) गुरू महान~ उनके चरणों में सारा जहान ● गुरू ही सार~ बिन गुरू लगता जग असार ● गुरू वंदन~ गुरू त्याग की मूर्ति गुरू चंदन ● गुरू ही आस्था~ प्रभु से मिलने का गुरू ही रास्ता ● गुरू प्रमाण~ जीवन सार तत्व गुरू ही प्राण ● निर्मल जैन ‘नीर’ ऋषभदेव/राजस्थान यह…

  • मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कंदमाता

    स्कंदमाता : हाइकु जगदंबिकादुर्गमा स्कंदमाताशरणागता दुर्गा भवानीस्कंदमाता अंबिकानम: चंद्रिका नौ नवरात्रिपूजन फलाहारअंबे के द्वार नौ दुर्गा रूपपंचम् स्कंदमातासुखप्रदाता षष्टमुखम्कार्तिकेय ललनशिरस: नमन रजनी गुप्ता ‘पूनम चंद्रिका’ लखनऊ, उत्तर प्रदेश यह भी पढ़ें:-

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *