मोहब्बत में अंतर

मोहब्बत में अंतर | Mohabbat me Antar

मोहब्बत में अंतर

( Mohabbat me Antar )

पहले और अब में
बहुत अंतर आ गया है।
मिलने मिलाने का अब
दौर खत्म सा हो गया है।
आत्मीयता का तो मानों
अब अंत सा हो रहा है।
रिश्तें नाते तो अब सिर्फ
टेकनालाजी से निभ रहे है।।

वो भी क्या दिन थे
जब चुपके चुपके मिलते थे।
प्यार मोहब्बत के किस्से
खतों में लिखते थे।
और अपनी मोहब्बत को
खतों से जिंदा रखते थे।
इसलिए तो मोहब्बत को
इबादत भी कहते थे।।

जमाना अब देखो यारों
कितना बदल रहा है।
अपने पराये का भी
खेल बदल रहा है।
मोहब्बत की अब कहा
चर्चा होती है।
अब तो जिस्मों की
बस प्यास बुझाती है।।

भावनाएं दिल में होती थी
न की देखने दिखाने में।
मोहब्बत दिलसे करते थे
न की उसके रंगरूप से।
इसलिए मोहब्बत में यारों
दिलों का मिलन होता था।
पर अब तो मोहब्बत में
शरीर का मिलन होता है।।

Sanjay Jain Bina

जय जिनेंद्र
संजय जैन “बीना” मुंबई

यह भी पढ़ें :-

घर बेटी का | Kavita Ghar Beta Ka

Similar Posts

  • मेरी सुबह मेरी शाम | Meri Subah meri Shaam

    मेरी सुबह मेरी शाम ( Meri subah meri shaam )   मेरी सुबह भी तुम मेरी शाम हो मेरे चेहरे की हर मुस्कान हो कुदरत भी ठहर जाए जिसे देखकर बारिशों में भीगी तुम ऐसी शाम हो मेरी सुबह भी तुम मेरी शाम हो इतरा रहे हैं बाग जिन फूलों को देखकर उन फूलों की…

  • धरोहर | Dhrohar kavita

     धरोहर  ( Dhrohar :  Kavita )   ->बड़ी सुरक्षित हैं मेरे पास , तेरी धरोहर . . . . ॥ 1 .समेटकर रखी है मैंने , तेरी सारी यादों को ।  ये अक्सर आती हैं,और रूला देती हैं मुझे । नम हो जाती हैं मेरी आँखें , झरने सी बहती हैं । सजाकर रखी हैं…

  • Lokgeet | चैती

     चैती ( Chaiti Lokgeet )   काहे  गए  परदेश  सजनवा,  काहे  गए  परदेश। प्रीत मोरी बिसरा के सजनवा,छोड़ गए निज देश।   फागुन बीता तुम बिन सजनवा,चैत चढा झकझोर। भरी दोहपरी अल्लड उडे है, गेहूंआ काटे मलहोर।   पुरवा पछुआ कभी उडे तो, कभी उडे चकचोर। सांझ  ढलत  ही चैती गाए तब, नैन बरसाए नीर।…

  • जल बिन | Kavita

    जल बिन ( Jal Bin )   इकदिन समंदर भी सूख जाएगा व्यर्थ पानी बहाया जा रहा  घर-घर लगाकर समरसेबुल व्यर्थ पानी बहाया जा रहा    जहां थी जरूरत सभी को इक गिलास पानी की वहां चलाकर समरसेबुल व्यर्थ पानी बहाया जा रहा   पानी का कीमत इक दिन जाकर मैं मछलियों से पूछा, वो…

  • यादें | Yaadein

    यादें ( Yaadein )   कीमती होती है ,पुरानी खूबसूरत यादें, खुशी से आँखें नम हो जाती है । आज के दर्द को, कुछ पल के लिए भूलने में, ये कल की अच्छी यादें ही तो साथ निभाती है । हमारा आज ही कल बन जाएगा, बीता लम्हा दोबारा नहीं आएगा ; गमों की चादर…

  • अपनों की अहमियत | Apno ki Ahmiyat

    अपनों की अहमियत ( Apno ki ahmiyat )    मां का प्यार, और पापा का सर पे हाथ होता है, तो जिन्दगी की जंग बड़ी आसान हो जाती है। दिन भर बाहर रहकर जब घर पहुंचती हूं, नजरे सबसे पहले मां को ही ढूंढती हैं। घर की जिम्मेदारियां हमें मजबूर बनाती है। घर से निकाल,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *