ये मोहब्बत कैसी है
ये मोहब्बत कैसी है
🌷 ये मोहब्बत कैसी है 🌷
यह मोहब्बत है तेरी जो तुझे बेजार कर दिया है
ये कैसी मोहब्बत है जो खुद को शर्मसार कर दिया है
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वह खेलती है कैसे तेरी मोहब्बत से तेरी जान बन कर
तोड़ी है दिल तेरा और टुकड़े हजार कर दिया है
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अब छोड़ो भी मोहब्बत एतबार किसी से करना
आज तेरी मोहब्बत ने ही तुझे बीमार कर दिया है
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तुम तो कहते थे बहुत खूबसूरत है मोहब्बत तेरी
फिर क्यों छोटी सी मजाक को विस्तार कर दिया है
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तुम तो कहते थे उसे शरीफ पर बताओ तो कैसे
उसने तो आशिकों की लंबी कतार कर दिया है
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तुम समझोगे नहीं राहुल जुबां मोहब्बत के अफसाने के
वह माने ना माने मैंने उसे अपना हकदार कर दिया है
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अगर मिल जाए वह मुकम्मल हो जाए जिंदगी
नहीं मिले फिर भी जिंदगी को खुशबूदार कर दिया है
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मैं मानता हूं तुम करते हो बेपनाह मोहब्बत उससे
देकर जुदाई का जहर उसने खंजर आर पार कर दिया है
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लेखक :राहुल झा Rj 
( दरभंगा बिहार)
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