Nyaya harayeko desh

न्याय हराएको देश | Nepali Sahityik Rachana

न्याय हराएको देश

( Nyaya harayeko desh )

 

 

यो आमा बुवा ले दिएको संकार को हार हो,

यो व्यक्ति को मात्रै हार हैन, सम्पूर्ण मानव सभ्यता,

यो सत्य को, यो विश्व व्यापी न्याय को, समय को,

जिवन दर्शनका साथ साथै शास्वत नियम को पनि हार हो।

यो एउटा निर्मला, एउटा सुष्मिता को मात्रै बलात्कार हैन,

यो एउटा आमा को संस्कार, एउटा आमा को मान को पनि बलात्कार हो।

यो राष्ट्रिय अस्मिता, यो राष्ट्र को संविधान माथि घटेको बलात्कार हो।

यहाँ एउटा स्त्री को कपडा मात्रै च्यातिएको छैन्,

एउटा छोरी को वस्त्र संग सँगै राष्ट्र को गौरव,

राष्ट्र को इतिहास, पुर्खा का बलिदान पनि च्यातिएका छन्।

कहिले सम्म यी विषयमा तिमीलाई सरोकार हुँदैन सरकार।

आखिर कहिले सम्म यो दबेको आवाज को सुनवाई हुँदैन सरकार।

कहिले सम्म नारीले असुरक्षा महसुस गर्नु पर्ने हो,

आखिर कहिले सम्म इज्जत को लिलामी रोकिँदैन सरकार।

धिक्कार छ त्यी पुरुषहरु को पुरुषत्व माथि जसले स्तृत्व को सम्मान गर्दैन,

धिक्कार छ त्यो समाज माथि जसले मातृत्व को मान राख्दैन,

ममता को परिभाषा हुन स्त्री, प्रेम साध्य, अति पूज्य हुन स्त्री,

धिक्कार छ त्यी योबन माथि जसले शरीर बाहेक स्त्री को भिन्न पहिचान देख्दैन।

धनाढ्य भनाउँदो हरुको कोटको पाकेटमा लुकेको मेरो देश को न्याय फिर्ता ले सरकार।

या तेरो मौन ले लुटिएको अस्मिता फिर्ता ले या सत्ता हाप, राजीनामा दे सरकार ।

म त्यही टेबलमा धुला जमेका फाइल, तैंले दिन नसकेको न्यायको परीणाम हूँ,

सज्जन को मौन लाई साक्षी राखी, मेरो देश को न्याय बेचियो।

अब सज्जन हरु मौन छैनन्, अब छिनो फानो गर, एक एक हिसाब दे सरकार,

मेरो देशको संविधान, बेचिएको न्याय फिर्ता ले सरकार।

 

?

Swami Dhayan Anant

लेखक :  स्वामी ध्यान अनंता

( चितवन, नेपाल )

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आमा | Aama

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