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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • जल की बूंद-बूंद पर संकट
    आलेख

    जल की बूंद-बूंद पर संकट: नीतियों के बावजूद क्यों प्यासी है भारत की धरती?

    ByAdmin June 29, 2025June 29, 2025

    भारत दुनिया की 18% आबादी और मात्र 4% ताजे जल संसाधनों के साथ गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। भूजल का अत्यधिक दोहन, प्रदूषण, असंतुलित खेती, और जलवायु परिवर्तन इसके प्रमुख कारण हैं। सरकारी योजनाओं और नीतियों के बावजूद कार्यान्वयन और जनभागीदारी की कमी से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जल संरक्षण को…

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  • सोच-समझकर बोलो
    कहानियां

    सोच-समझकर बोलो

    ByAdmin June 28, 2025June 28, 2025

    “मम्मी खाना खा लो। पापा ने भेजा है।” 5 वर्ष की मनु ने रजनी से कहा। “मुझे नहीं खाना। नाली में फेंक दे इसे।” अपने पति अशोक से नाराज रजनी ने मनु से कहा। “क्या?” मासूमियत व हैरानी से मनु ने पूछा। “तुझे एक बार में समझ में नहीं आ रहा, सुनाई नहीं आ रही?…

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  • जगन्नाथ रथ यात्रा
    निबंध

    जगन्नाथ रथ यात्रा: आस्था, एकता और अध्यात्म का महापर्व

    ByAdmin June 28, 2025June 28, 2025

    पुरी, ओडिशा में हर साल होने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि भारत की समृद्ध संस्कृति, अटल आस्था और सामाजिक समरसता का जीता-जागता प्रमाण है। यह वह अनुपम अवसर होता है जब स्वयं भगवान नगरवासी बनकर अपने भक्तों के बीच आते हैं, और सजीव संपर्क स्थापित करते हैं। यह उस महान परंपरा…

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  • छेड़खानी और समझदारी
    कहानियां

    ‘छेड़खानी और समझदारी’

    ByAdmin June 28, 2025June 28, 2025

    तीन व्यक्ति चौपाल पर खड़े होकर महिलाओं पर बढ़ती छेड़खानी की घटनाओं पर चर्चा कर रहे थे। तीनों व्यवसायी हैं। उनमें से पहला व्यक्ति बोला:- “कल यहीं मेरी दुकान के सामने एक लड़के ने एक लड़की को छेड़ा और उसके साथ बदतमीजी की। आसपास के सभी लोगों ने इस घटना को अपनी आंखों से देखा,…

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  • hosiyari
    कहानियां

    होशियारी

    ByAdmin June 28, 2025June 28, 2025

    जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख में केवल पोस्टपेड सिम कार्ड ही काम करते हैं। सुरक्षा कारणों से प्रीपेड सिम कार्ड जम्मू-कश्मीर में काम नहीं करते हैं। दोस्त के आश्वासन पर घूमने के इरादे से, मैं कश्मीर पहुंच चुका था। रात हो गई थी। शायद रात के 9 बज रहे थे। मुझे अभी अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचने…

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  • मलाल
    कहानियां

    मलाल

    ByAdmin June 27, 2025June 27, 2025

    “गुरुजी, आप नीतू को स्कूल की साफ सफाई के काम से हटा दीजिए।” ग्रामीण जितेंद्र ने प्राथमिक विद्यालय के हेड मास्टर कृष्ण सर को स्कूल जाते देखकर रास्ते में ही उन्हें रोककर कहा। “भैया जी, शायद आपको पता नहीं.. उसको तो मैंनें छात्रहित में स्कूल की साफ-सफाई हेतु पिछले 1 साल से रख रखा है।…

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  • अंजनी कुमार सिंह
    आलेख

    अंजनी कुमार सिंह: शब्दों के पार की साधना

    ByAdmin June 26, 2025June 26, 2025

    अंजनी कुमार सिंह का नाम उन बिरले साहित्यकारों में शुमार है जिनके लिए साहित्य महज़ एक व्यवसाय या प्रसिद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि एक गहरी साधना है। उनका लेखन केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि आत्मा का उद्घोष है जो युगों के पार संवाद स्थापित करता है। यह संवाद केवल बौद्धिक नहीं, बल्कि आत्मिक स्तर पर पाठक को झकझोरता…

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  • होशियारी
    कहानियां

    होशियारी

    ByAdmin June 26, 2025June 26, 2025

    जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख में केवल पोस्टपेड सिम कार्ड ही काम करते हैं। सुरक्षा कारणों से प्रीपेड सिम कार्ड जम्मू-कश्मीर में काम नहीं करते हैं। दोस्त के आश्वासन पर घूमने के इरादे से, मैं कश्मीर पहुंच चुका था। रात हो गई थी। शायद रात के 9 बज रहे थे। मुझे अभी अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचने…

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  • मैंने उसी दिन सोच लिया था
    कहानियां

    मैंने उसी दिन सोच लिया था

    ByAdmin June 26, 2025June 26, 2025

    एक छोटे से कस्बें में, कस्बें से दूर एक धार्मिक परिवार रहता था, परिवार में सिर्फ चार लोग थे,माँ, पत्नी, बेटी और ख़ुद,एक छोटी सी कच्ची झोपड़ी में रहते थे, चारों ओर जंगल ही जंगल था। माता जी भगवान शंकर की पूजा किया करती थी,पास में ही एक कुआं और एक शिवलिंग स्थापित किया हुआ…

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  • Rajpal Singh Golia Poetry
    कविताएँ

    राजपाल सिंह गुलिया की कविताएं | Rajpal Singh Golia Poetry

    ByAdmin June 25, 2025June 25, 2025

    उसके मुँह से बात निकली उसके मुँह से बात निकली,बात क्या औकात निकली. थक गया भिखारी दुआ दे,तब कहीं खैरात निकली. घूस समझा था जिसे वह,सा’ब की सौगात निकली. करवटें बदली हजारों,तब कहीं वो रात निकली, नेक समझा था सभी ने,नार वह बदजात निकली. नाव थी महफूज़ वह जो,धार के अनुवात निकली. उसको देखा तो…

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