• सफल जीवन उसने ही पाया!

    सफल जीवन उसने ही पाया! आया है सो एक दिन जाएगा,पर,जाने से पहले पछताएगा।कुछ काम तो कर ले बन्दे !वर्ना बच्चों के बीच शर्माएगा। बचपन, जवानी और बुढ़ापा,जीवन का हर रंग गहरा पा।अच्छा बोयेगा,अच्छा काटेगा,हरा-भरा-सा आजीवन रहेगा। बचपन में जिसे संस्कार मिला,पढ़ने का अच्छा आधार मिला।जवानी उसकी पहचान बनातीताकत भी राष्ट्र के काम आती। कुसंस्कारों…

  • तुझ से जुड़ा इंतज़ार

    तुझ से जुड़ा इंतज़ार यह कहना आसान है कि “भूल जाओ उसे,”पर जिसने सच्चा प्रेम किया, वो उसे भला कैसे भूल पाता।जिस दिल में बसी हो वो आरज़ू बनकर,उसकी यादों से इंसान कभी दूर नहीं जाता। हर रात खामोशियों में उसकी सदा गूंजती है,हर सुबह उसकी चाह में दिल मचल जाता।वो पास नहीं, फिर भी…

  • तुम बिन अधूरा प्रेम

    तुम बिन अधूरा प्रेम आंखों में भरा घना सा अंधेरा,पर तुम्हारे बिना मैं सो ना सका। दिल में बंद असह्य पीड़ाओं का समंदर,फिर भी उछलती लहरों जैसा रो ना सका। कमी रह गई शायद मेरे प्यार में कुछ,जो ईश्वर ने जुदा कर दिया हमें। टूटकर बिखर गया हमारे इश्क का हार,शिद्दत से संभाले हुए एहसासों…

  • हमने देखी है | Hamne Dekhi Hai

    हमने देखी है ( Hamne Dekhi Hai ) वह्म जैसी कोई बला ही नहीं।इस मरज़़ की कहीं दवा ही नहीं। हमने देखी है हम बताएंगे।हिज्र जैसी कोई सज़ा ही नहीं। लाख कोशां रहे अ़दू लेकिन।क़द हमारा कभी घटा ही नहीं। ज़ुल्म ढाता है रात दिन फिर भी।उसकी नज़रों में ये ख़ता ही नहीं। अ़हदे ह़ाज़िर…

  • पयाम-ए-इश्क़ | Payaam-e-Ishq

    पयाम-ए-इश्क़ ( Payaam-e-Ishq ) पयाम-ए-इश्क़ है ये दिल्लगी नहीं प्यारेहै दिल की बात कोई सर-ख़ुशी नहीं प्यारे गुनाह वो करें लेकिन सज़ा मिले हमकोये फ़ैसला भी ख़ुदा का सही नहीं प्यारे चमन से रुठी बहारें हैं एक मुद्दत सेयहाँ पे डाली कोई अब हरी नहीं प्यारे सुनाते दर्द ही दिल का हमेशा महफ़िल मेंये शायरी…

  • बिठाये पहरे हैं | Bithaye Pahre Hain

    बिठाये पहरे हैं ( Bithaye Pahre Hain ) दर पे मुर्शिद बिठाये पहरे हैंइन के सर पर भी अब तो ख़तरे हैं दाग़ दामन पे लाख हों इनकेफिर भी उजले सभी से चेहरे हैं जब्र करता है इसलिए जाबिरलोग गूंगे हैं और बहरे हैं तुम भी दिल में हमारे बस जाओइसमें कितने ही लोग ठहरे…

  • किताब जिंदगी की | Kitaab Zindagi ki

    किताब जिंदगी की ( Kitaab Zindagi ki ) जिंदगी की किताब मे,अभी कुछ पन्ने खाली हैं ,आओ रंग दें उन्हे भी ,जो पल अभी बाकी हैं ।न जाने कब जिंदगी कीशाम हो जाए,न जाने कब शाम तो आए ,पर सुबह न आए।हर सांस पर अटकी है,दूसरी आती हुई सांस, ।न जाने कब प्रबल ,अनहोनी हो…

  • विकसित भारत के स्वप्नद्रष्टा : डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम

    उनकी आंखों में स्वप्न तैरता रहता है, भारत को 2020 तक विकसित देशों के समान समृद्ध शाली बनाने का, भारत के हर व्यक्ति को वह आवाहन करते हैं कि देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए संकल्पित हो, विशेष कर युवाओं की आंखों में वे यह स्वप्न भली भांति भर देना चाहते हैं। वे स्वप्नदर्शी…

  • अतुलित बल धामम्

    हनुमान जी महाराज अतुलित बलवान हैं। वे ऐसे बलशाली हैं जिसकी कोई तुलना न की जा सके। कई लोगों को लगता है कि हनुमान जी महाराज कैसे संपूर्ण पहाड़ को उखाड़ सकते हैं लेकिन शक्तिशाली, अखंड ब्रह्मचारी व्यक्ति के लिए सब कुछ संभव है। उसके लिए कोई भी कार्य असंभव नहीं है। आज का अक्सर…

  • अतुकांत और छंद विहीन कविता

    अतुकांत और छंद विहीन कविता एक ऐसी कविता होती है जिसमें कोई निश्चित तुक या छंद नहीं होता है। यह कविता अपने विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र होती है और इसमें कोई निश्चित रूप या पैटर्न नहीं होता है। अतुकांत कविता की विशेषताएं: छंद विहीन कविता के उदाहरण: अतुकांत कविता के…