Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • रतन टाटा जी
    कविताएँ

    श्री रतन टाटा जी को श्रध्दांजलि

    ByAdmin October 10, 2024October 10, 2024

    श्री रतन टाटा जी को श्रध्दांजलि देखो लोग कलयुग से आजसतयुग पुरुष की विदाई हो गई।जो जीता और मरता थाबस भारत देश के लिए।जिसने पिन और नामक से लेकरहवाई जहाज तक बनाकर दिखाया।ऐसे महान पुरुष श्री रतन कोश्रध्दा सुमन अर्पित करता हूँ।। जीवन का उनका जो लक्ष्य थाउसको उन्होंने सदा पूरा किया।मानवता की ह्रदय पर…

    Read More श्री रतन टाटा जी को श्रध्दांजलिContinue

  • प्राची अमर उजाला है
    कविताएँ

    प्राची अमर उजाला है | Prachi Amar Ujala Hai

    ByAdmin October 10, 2024October 10, 2024

    प्राची अमर उजाला है ( Prachi Amar Ujala Hai ) संसार प्रकृति के नियमों के अधीन है lऔर परिवर्तन एक नियम है lशरीर तो मात्र एक साधन है lआज इसका है ,तो कल उसका है lओ मेरी भारत की बेटी lक्या सोचा था ? क्या होगया ? तुझे प्रतिभा का दर्पण नहीं ,प्रतिभा की उमँग…

    Read More प्राची अमर उजाला है | Prachi Amar Ujala HaiContinue

  • कलाम अहमद खान
    आलेख

    कलाम अहमद खान : ‘शून्य से सूरज की ओर‘ ले जाने वाली शख्सीयत

    ByAdmin October 10, 2024October 10, 2024

    हिन्दी एवं मराठी साहित्य के आकाश पर सूर्य की भांति प्रकाशमान एक नाम कलाम अहमद खान। आपने हिन्दी और मराठी साहित्य को जोड़ने के लिये सेतु का कार्य किया है, आपकी मराठी पर जितनीr पकड़ है उतनी ही हिन्दी साहित्य पर। वक्त के समंदर में युग भी डूब जाएगानाम कलाम अहमद का फिर भी जगमगाएगा…

    Read More कलाम अहमद खान : ‘शून्य से सूरज की ओर‘ ले जाने वाली शख्सीयतContinue

  • चिट्ठी-पत्री
    आलेख

    कहाँ खो गई अपनों की चिट्ठी-पत्री

    ByAdmin October 10, 2024October 10, 2024

    संचार क्रांति के इस युग में अब नहीं आती कहीं से भी अपनों की चिट्ठी-पत्री। बदलते दौर में घर से जाते समय अब कोई नहीं कहता कि पहुंतें ही चिट्ठी लिखना। आज की नयी पीढ़ी पत्र लेखन की कला से कोसो दूर है। वास्तव में नयी पीढ़ी यह भी नयी जानती कि डाकिया भी कोई…

    Read More कहाँ खो गई अपनों की चिट्ठी-पत्रीContinue

  • Jeevan tarangini
    कविताएँ

    जीवन तरंगिणी : ( दिकु के प्रति प्रेम के भाव )

    ByAdmin October 10, 2024October 10, 2024

    जीवन तरंगिणी ( Jeevan tarangini ) जीवन की इस तरंगिणी में, तेरे साथ बहता हूँ,हर लहर में तेरा नाम लेकर मैं खुद को ढूंढता हूँ।तेरे बिना भी दिल की धड़कनों में तू ही बसी रहती है,बस एक तेरे वजूद से ही तो मेरी दुनिया चलती है। हर ख्वाब में तेरे संग होने का एहसास पाता…

    Read More जीवन तरंगिणी : ( दिकु के प्रति प्रेम के भाव )Continue

  • भरोसा टूट जाता है
    ग़ज़ल

    भरोसा टूट जाता है | Bharosa Toot Jata Hai

    ByAdmin October 10, 2024October 10, 2024

    भरोसा टूट जाता है ( Bharosa Toot Jata Hai ) मुसीबत जब भी आती है भरोसा टूट जाता हैसभी मुख मोड़ते हैं और रिश्ता टूट जाता है नहीं है खेल बच्चों का लगाना दिल किसी से भीज़रा सी ठेस लगने पर ये शीशा टूट जाता है सलीक़े से निभाओ आप रिश्तों को मुहब्बत केपरखिए मत…

    Read More भरोसा टूट जाता है | Bharosa Toot Jata HaiContinue

  • शिकायत
    कविताएँ

    शिकायत Shikayat

    ByAdmin October 10, 2024October 10, 2024

    शिकायत ( Shikayat ) तूने नज़रें फेरीं, मगर तू मेरी रूह में बसी रह गई,तेरे बिना ये अधूरापन, जैसे कोई दास्तां अधूरी रह गई।तेरे बिना भी ये दिल तुझसे ही जुड़ा रहता है,शिकायतें हैं तुझसे, पर प्यार फिर भी हदों से परे करता है। तेरी खामोशियों में छिपी हैं अनगिनत बातें,तेरे ख्यालों से अब भी…

    Read More शिकायत ShikayatContinue

  • बांसुरी बजाने बाला
    कविताएँ

    बांसुरी बजाने बाला

    ByAdmin October 10, 2024October 10, 2024

    बांसुरी बजाने बाला बांसुरी बजाने बाला कन्हाई नहीं होता।मजबूरी में लिया फैसला बेवफाई नही होता। बाज़ू न होने का दर्द उससे पूछो।जिसका कोई भाई नहीं होता। मां को ठुकराओगे इस कदर तो।दुःख में आंचल सहाई नहीं होता। उसकी सूरत ओ लिबास मत देखो।सच कहने वाला सौदाई नहीं होता। रह कर दिल में न मिलने का…

    Read More बांसुरी बजाने बालाContinue

  • Unse Umeed Kaisi
    ग़ज़ल

    उनसे उम्मीद कैसी | Unse Umeed Kaisi

    ByAdmin October 10, 2024October 10, 2024

    उनसे उम्मीद कैसी ( Unse Umeed Kaisi ) उनसे उम्मीद कैसी वफ़ा की जनाब।बात है जिनके लब पर दग़ा की जनाब। यार नाख़ुश हैं अग़यार भी हैं ख़फ़ा।कौन सी हम ने ऐसी ख़ता की जनाब। ठीक हो कर वही दिल दुखाने लगे।रात-दिन जिनकी हमने दवा की जनाब। जिसके शैदाई हैं एक मुद्दत से हम।यह है…

    Read More उनसे उम्मीद कैसी | Unse Umeed KaisiContinue

  • दिल तो करता है कि
    कविताएँ

    दिल तो करता है कि | Dil to Karta Hai Ki

    ByAdmin October 10, 2024October 10, 2024

    दिल तो करता है कि ( Dil to Karta Hai Ki ) धूप को बांध एक गठरी मेंहवा का रुख मोड़ दूं … सहरा की तपती रेत मेंपानियों की बौछार कर दूं… दिल को भींच हाथों मेंलहू हलक में उसके उतार दूं… उधड़ती बुनती ज़िंदगी कोऊन का गोला सा बना उछाल दूं… क्या कहेगा कोई,…

    Read More दिल तो करता है कि | Dil to Karta Hai KiContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 114 115 116 117 118 … 833 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search