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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • गरीबों के मसीहा रतन टाटा
    आलेख

    गरीबों के मसीहा रतन टाटा देश के हीरा थे

    ByAdmin October 11, 2024October 11, 2024

    महान देशभक्त,दया के सागर, गरीबों के मसीहा, उद्योग जगत के महानायक रतन टाटा अब हम सभी के बीच नहीं रहे। इस तरह के लोग एक युग में बस एक बार जन्म लेते हैं। पारसी परिवार में उनका जन्म 28 दिसंबर,1937 इसवीं को इसी मुंबई में तबके बॉम्बे, बंबई, प्रेसिडेंसी, ब्रिटिश इंडिया में हुआ था। रतन…

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  • माँ से ख़ुशी
    कविताएँ

    माँ से ख़ुशी

    ByAdmin October 11, 2024October 11, 2024

    माँ से ख़ुशी माँ दुर्गा का साया जीवन में हो lआयी ख़ुशियों की छाया अहो llपग – पग शांति का निवास हो lप्रतिदिन प्रकाश का वास हो llतू अंबे , जग दंबे lतुही दुर्गा , तुही लक्ष्मी ll खेलो – कूदो उल्लास के आँचल में lक्लेश – कष्ट दूर हो छाह के भाव में llओड…

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  • रजनी गुप्ता ‘पूनम चंद्रिका’ की रचनाएँ
    कविताएँ

    रजनी गुप्ता ‘पूनम चंद्रिका’ की रचनाएँ

    ByAdmin October 11, 2024September 2, 2025

    शायद नींद आ जाए दिया उल्फ़त का जल जाए तो शायद नींद आ जाएकसक दिल की निकल जाए तो शायद नींद आ जाए ज़रा-सा पास आओ तुम यही है क़ल्ब का अरमाँघड़ी भर यह बहल जाए तो शायद नींद आ जाए तुम्हारे दिल में ही हमदम कभी अपनी मुहब्बत काअगर इक खिल कमल जाए तो…

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  • मुहब्बत में वफ़ा-परवर खड़े हैं
    ग़ज़ल

    मुहब्बत में वफ़ा-परवर खड़े हैं

    ByAdmin October 11, 2024October 11, 2024

    मुहब्बत में वफ़ा-परवर खड़े हैं मुहब्बत में वफ़ा-परवर खड़े हैंलगा के ताज को ठोकर खड़े हैं न थामा हाथ भी बढ़कर किसी नेयूँ तन्हा हम शिकस्ता-तर खड़े हैं करूँ कैसे तुम्हारा मैं नज़ाराज़माने में सौ दीदा-वर खड़े हैं शजर आता न कोई भी नज़र अबबशर सब धूप में थक -कर खड़े हैं मिरे ज़हनो गुमाँ…

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  • रूह़-ए-नज़र
    ग़ज़ल

    रूह़-ए-नज़र | Rooh-e-Nazar

    ByAdmin October 11, 2024October 11, 2024

    रूह़-ए-नज़र ( Rooh-e-Nazar ) नक़्शा वो आज तक मेरी रूह़-ए-नज़र में है।जलवा वो आज तक मेरी रूह़-ए-नज़र में है। छुपते थे जिसको साय में शर्मा के वो सदा।परदा वो आज तक मेरी रूह़-ए-नज़र में है। हंसते हुए दिया था जो उसने गुलाबे इ़श्क़।तोह़फ़ा वो आज तक मेरी रूह़-ए-नज़र में है। लिक्खा था ख़ूने दिल से…

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  • Koi Baat Nahi
    ग़ज़ल

    कोई बात नहीं | Koi Baat Nahi

    ByAdmin October 11, 2024October 11, 2024

    कोई बात नहीं ( Koi Baat Nahi ) दिल दुखाने की कोई बात नहींदुख न जिसमें हों वो हयात नहीं उनका जाना तो कोई बात नहींऐसा लगता है कायनात नहीं दिल इसी बात से परेशाँ हैएक उसकी ही इल्तिफ़ात नहीं उसने दीवाना कर दिया इतनायाद अब कोई हादसात नहीं चाँद तारे भी तुझको दे देताक्या…

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  • रतन टाटा: एक ऐसा नाम जो युगों तक जीवित रहेगा
    आलेख

    रतन टाटा: एक ऐसा नाम जो युगों तक जीवित रहेगा

    ByAdmin October 11, 2024October 11, 2024

    रतन टाटा, वह व्यक्तित्व हैं जो सिर्फ एक उद्योगपति नहीं, बल्कि एक प्रेरणा स्रोत थे। उनका जीवन एक ऐसे सफर की तरह था जिसमें विनम्रता, संघर्ष, और सफलता की अनूठी कहानी है। साधारणता से असाधारण बनने का यह सफर न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया के लिए मिसाल बना। रतन टाटा का जन्म 1937 में…

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  • Utar Jaoge
    ग़ज़ल

    उतर जाओगे | Utar Jaoge

    ByAdmin October 10, 2024October 10, 2024

    उतर जाओगे ( Utar Jaoge ) बेवफ़ाई की जिस दिन डगर जाओगेमेरी नज़रों से उस दिन उतर जाओगे दिल की कश्ती अगर सौंप दो तुम मुझेपार दरिया के फिर बेख़तर जाओगे प्यार करने लगोगे जब तुम हमेंहम जिधर जायेंगे तुम उधर जाओगे होश उड़ जायेंगे हुस्न वालों के भीप्यार से मेरे इतना निखर जाओगे हाथ…

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  • Natika Moonch ka Ek Baal
    नाटक

    मूंछ का एक बाल | Natika Moonch ka Ek Baal

    ByAdmin October 10, 2024October 14, 2024

    पात्र परिचय :1) मंजू आयु 23 वर्ष।2) विदेश बाबू आयु 24 वर्ष।3) साहूकार”बा” ( बिजनेस पार्टनर ) आयु 35 वर्ष ।4) सुभाष राणा आयु 28 वर्ष ।5) मीना आयु 18 वर्ष। मंच व्यवस्था : अस्पताल। कुछ औरतें (राजपूतानी लहंगा चोली, चुनरी एकदम पतली व पारदर्शी) आदमी ( सफेद धोती , कुर्ता, पगड़ी पहने हुए) बैठे…

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  • रतन टाटा जी को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि
    आलेख

    उद्योग जगत के महानायक रतन टाटा जी को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि

    ByAdmin October 10, 2024October 10, 2024

    उद्योग जगत के महानायक रतन टाटा जी अब नहीं रहे, यह देश के लिए अपूरणीय क्षति हुई है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। इन्होंने समाज कल्याण के लिए जो कार्य किया, कोई कर नहीं सकता, इस बात से ये दुनिया भी वाकिफ़ है। आज के ज्यादातर उद्योगपति अपने कारोबार को सिर्फ़ अपने फायदे के…

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