रतन टाटा जी

श्री रतन टाटा जी को श्रध्दांजलि

श्री रतन टाटा जी को श्रध्दांजलि

देखो लोग कलयुग से आज
सतयुग पुरुष की विदाई हो गई।
जो जीता और मरता था
बस भारत देश के लिए।
जिसने पिन और नामक से लेकर
हवाई जहाज तक बनाकर दिखाया।
ऐसे महान पुरुष श्री रतन को
श्रध्दा सुमन अर्पित करता हूँ।।

जीवन का उनका जो लक्ष्य था
उसको उन्होंने सदा पूरा किया।
मानवता की ह्रदय पर भी
लोगों को उन्होंने अभिदान दिया।
कितना क्या कुछ किया उन्होंने
ये तो उनको भी नही पता था।
पर भारतीयों को विश्व-स्तर पर
उन्होंने सदा ही स्थापित किया।।

सादा जीवन उच्चविचारों के साथ
जीते थे वो अपना यह जीवन।
हर वर्ग का ध्यान वो रखकर
करते थे नये नये अविष्कार।
इसलिए तो लखटकिया कार का
किया भारत में सपना साकार।
विश्व-स्तर के बड़े-बड़े देशो ने भी
सदा किया उनका गुणगान।।

संजय ऐसे सयंमी महापुरुष को
दिलसे देता श्रध्दांजलि श्रध्दांजलि।।

Sanjay Jain Bina

संजय जैन “बीना”

मुंबई

—0—

उद्योगपतियों में वो प्रथम था
उसके लिए सर्वोपरि वतन था
दूरदर्शी स्वप्नद्रष्टा दृढ़ परिश्रमी
भारत का वो नायाब रतन था

उसके समकक्ष न पहुँचा कोई
दानवीर में कोई जैसे कर्ण था
जन जन की उम्मीदों का सूरज
भारत का वो नायाब रतन था

पदम् विभूषण से सम्मानित
भारत देश का वो कोहिनूर था
दुनिया को अलविदा कह गया
भारत का वो नायाब रतन था

नश्वर देह को त्यागी भले उसने
लाखो दिलो में अजर अमर था
युवा कारोबारियों का आदर्श जो
भारत का वो नायाब रतन था

वीरेंद्र सालेचा

वीरेंद्र सालेचा

अहमदाबाद गुजरात

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • दिल से आगाज़ | Poem on valentines day in Hindi

    दिल से आगाज़ ( Dil se aagaaz ) दिल से आगाज़ , रूह पर अंजाम हो ऐसा ‘फसाना लिख जाता है यह…. इश्क खुद ना मुक्कम्मल रहकर भी मुक्कम्मल कर जाता है यह….इश्क कभी दीदार-ए-चांद,कभी इक ‘ बूंद ‘की खातिर चकोर सा कभी, तो किसी को पपीहा सा तरसा जाता है यह… इश्क #HappyValentinesDay लेखिका…

  • संभऴ ज्या रे मानव सुरज्ञान | Kavita Sambhal ja re

    संभऴ ज्या रे मानव सुरज्ञान   संभऴ ज्या रे मानव सुरज्ञान संभऴ ज्या रे मानव सुरज्ञान   गाइडलाइन जारी कर दी दिल्ली बड़ा-बड़ा फरमान संभऴ ज्या रे मानव सुरज्ञान 2   मुंह पर मास्क दो गज दूरी बचा लेगी तेरी ज्यान संभऴ ज्या रे मानव सुरज्ञान 2   संकट रो खोटो टाइम है सोच समझ…

  • संगीत | Poem in Hindi on music

    संगीत ( Sangeet )   थिरक उठते साज सारे संगीत सबको प्यारा लगे स्वर लहरियां जब बजे झंकार करे इकतारा बजे   सात सुरों की तान छेड़े गीतों के तराने सभी मन में उमंगे जगे संगीत के बजते तार कभी   गीत गजल मधुर मधुर कर्णप्रिय धुन प्यारी ढोल ताशे साज बाजे बांसुरी की तान…

  • बसंत पंचमी | Basant Panchami

    बसंत पंचमी ( Basant Panchami )   ऐसी करनी हम करते चले -2 ॥ध्रुव॥ हो जाये हमारा जीवन साकार ऐसी करनी हम करते चले -2 ॥ध्रुव॥ चहुँ और हो बसंत जैसी बहार जीवन बने सदैव सुखकार रहे निरामय हमारे विचार ऐसी करनी हम करते चले -2 ॥ध्रुव॥ निर्लिप्तता से जीवन जिये भार मुक्त हम खुद…

  • हौसलों काळजिया म | Rajasthani Kavita

    हौसलों काळजिया म हौसलों काळजै भर कै धीरज मनड़ा मै धर कै मोरचा मै उतरणो है सुरमां रणयोद्धा बण कै   दण्ड बैठक कसरत योग सारो बचावै है भौतिकवाद घणों बेगो मुश्किलां लाख ल्यावै है   कहर कुदरत को बरस्यो दवा कुदरत ही देसी ठगोरा जगां जगां बैठ्या जीवन री पूंजी ठग लेसी   मौत…

  • प्यार करता हूँ | Pyar Kavita

     प्यार करता हूँ  ( Pyar karta hun )   बहार क्या होती है फूल क्यूँ खिलते हैं भँवरे क्यों गाते हैं खुशबू क्यों बिखरती है सूरज क्यों निकलता है चाँद रात भर आकाश में, क्यूँ चक्कर लगाता है बारिश क्यों होती है दिन क्यूँ होता है रात क्यूँ ढलती है। हवा क्यों बहती है पँछी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *