• मलाल

    “गुरुजी, आप नीतू को स्कूल की साफ सफाई के काम से हटा दीजिए।” ग्रामीण जितेंद्र ने प्राथमिक विद्यालय के हेड मास्टर कृष्ण सर को स्कूल जाते देखकर रास्ते में ही उन्हें रोककर कहा। “भैया जी, शायद आपको पता नहीं.. उसको तो मैंनें छात्रहित में स्कूल की साफ-सफाई हेतु पिछले 1 साल से रख रखा है।…

  • अंजनी कुमार सिंह: शब्दों के पार की साधना

    अंजनी कुमार सिंह का नाम उन बिरले साहित्यकारों में शुमार है जिनके लिए साहित्य महज़ एक व्यवसाय या प्रसिद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि एक गहरी साधना है। उनका लेखन केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि आत्मा का उद्घोष है जो युगों के पार संवाद स्थापित करता है। यह संवाद केवल बौद्धिक नहीं, बल्कि आत्मिक स्तर पर पाठक को झकझोरता…

  • होशियारी

    जम्मू-कश्मीर और लेह-लद्दाख में केवल पोस्टपेड सिम कार्ड ही काम करते हैं। सुरक्षा कारणों से प्रीपेड सिम कार्ड जम्मू-कश्मीर में काम नहीं करते हैं। दोस्त के आश्वासन पर घूमने के इरादे से, मैं कश्मीर पहुंच चुका था। रात हो गई थी। शायद रात के 9 बज रहे थे। मुझे अभी अपने गंतव्य स्थल तक पहुंचने…

  • मैंने उसी दिन सोच लिया था

    एक छोटे से कस्बें में, कस्बें से दूर एक धार्मिक परिवार रहता था, परिवार में सिर्फ चार लोग थे,माँ, पत्नी, बेटी और ख़ुद,एक छोटी सी कच्ची झोपड़ी में रहते थे, चारों ओर जंगल ही जंगल था। माता जी भगवान शंकर की पूजा किया करती थी,पास में ही एक कुआं और एक शिवलिंग स्थापित किया हुआ…

  • राजपाल सिंह गुलिया की कविताएं | Rajpal Singh Golia Poetry

    उसके मुँह से बात निकली उसके मुँह से बात निकली,बात क्या औकात निकली. थक गया भिखारी दुआ दे,तब कहीं खैरात निकली. घूस समझा था जिसे वह,सा’ब की सौगात निकली. करवटें बदली हजारों,तब कहीं वो रात निकली, नेक समझा था सभी ने,नार वह बदजात निकली. नाव थी महफूज़ वह जो,धार के अनुवात निकली. उसको देखा तो…

  • बज्मे सुखन पीपलसाना ने किया आल इंडिया मुशायरा आयोजित

    आज बज्मे सुखन पीपलसाना की जानिब से फ़राज़ अकादमी पीपलसाना मुरादाबाद उत्तर प्रदेशमें आल इंडिया मुशायरा आयोजित किया गया। जिस में देश के मशहूर और मारूफ शोहरा हजरात ने हिस्सा लिया। मुशायरे की शुरुआत हाजी अमीर हुसैन साहब ने शमा को रोशन कर की। कार्यक्रम की शुरुआत आयत ए करीमा और नात शरीफ को पढ़कर…

  • काम होते गए ख़ुशी मिलती गई

    एक कस्बें में एक ग़रीब परिवार अपने इकलौते बेटे के साथ रहता था, उनकी पंसारी की एक छोटी सी दुकान थी.बेटा उनकी शादी के १५ साल बाद हुआ । बेटा बचपन से ही बड़ा होशियार था,१० वी और १२ वी कक्षा में अच्छे अंकों से पास हुआ, छात्र वृत्ति प्राप्त करने वाला छात्र था.प्रथम श्रेणी…

  • दोषी कौन?

    “अरे बेटा, तू राजू का दोस्त है ना?” राह चलते एक महिला ने रोहित को रोकते हुए पूछा। “हाँ जी, बताइए। कोई खास बात?” रोहित ने पूछा। “तुझे तो पता ही होगा कि राजू ने अपनी पत्नी सोनिका को शादी के 6 माह बाद ही मारपीट करके घर से बाहर क्यों निकाल दिया?” “कैसी बातें…

  • प्रियंका सौरभ की कॉलम

    “शिक्षा का बाज़ार और कोचिंग की बढ़ती निर्भरता” जब विद्यालय शिक्षण का केंद्र नहीं रहते, तो शिक्षा व्यापार बन जाती है। हर तीसरा स्कूली छात्र प्राइवेट कोचिंग ले रहा है। शहरी परिवार औसतन 3988 रुपये सालाना कोचिंग पर खर्च कर रहे हैं। ग्रामीण परिवार औसतन 1793 रुपये सालाना खर्च करते हैं। विद्यालयों की शिक्षण गुणवत्ता…

  • ढाट कवि कागा

    हुक्मरान जवान रोज़गार की तलाश में भटक रहे है,इंसान अरमान की आश में भटक रहे हैं। जीवन में जीना घुट कर इज़्ज़त आबरू नहीं,किसान क़िस्मत की तलाश में लटक रहे हैं। ग़रीब अपनी गै़रत की हिफ़ाज़त ख़ात़िर करते कोशिश,रोज़ी की तलाश में मायूस मटक रहे हैं। महंगाई की मार से परेशान मज़दूर धंधा नदार्द,पगार की…