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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • मन के भाव
    कविताएँ

    मन के भाव | Kavita Man ke Bhav

    ByAdmin July 2, 2024

    मन के भाव ( Man ke Bhav ) करूँ मैं कैसे व्यक्त भाव मन के ठहरते नहीं जब भाव मन के भावों ने ही तोड़ दिया रिश्ते सारे बिखर गए भाव के मनके मनके मर सी गई हैं भावनाएं मन की सूख सी गई हैं शाखे जीवन की अपनापन तो कहीं दिखता नहीं दिल से…

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  • बहुत खूबसूरत हैं ये यादें
    कविताएँ

    बहुत खूबसूरत हैं ये यादें

    ByAdmin July 1, 2024July 1, 2024

    बहुत खूबसूरत हैं ये यादें इंतजार उनका करने की कुछ ऐसी आदत पड़ी है। जानते हैं कि नहीं आएंगे वो, फिर भी द्वार पर नज़र गड़ी है। रह रह कर राह तकते हैं, आए नहीं वो यादों से निकलकर। लग रहा है थक गई है घड़ी भी चल‌ चलकर। उम्र गुजर गई पर खुद को…

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  • ये बहके बहके से कदम
    कविताएँ

    ये बहके बहके से कदम | Kavita ye Behke Behke se Kadam

    ByAdmin July 1, 2024July 1, 2024

    ये बहके बहके से कदम ये बहके बहके से कदम थाम लो तुम जरा। लड़खड़ा ना जाए कहीं संभलना तुम जरा। चकाचौध की दुनिया चमक दमक लुभाती। भटक ना जाए तरुणाई चिंता यही सताती। मधुर मधुर रसधारो में छल छद्मों का डेरा है। डगर डगर पे चालाकियां अंधकार घनेरा है। झूठा आकर्षण झूठे वादे केवल…

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  • मूल पंजाबी कविता: रणधीर | अनुवादक: डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक
    कविताएँ

    मूल पंजाबी कविता: रणधीर | अनुवादक: डॉ. जसप्रीत कौर फ़लक

    ByAdmin July 1, 2024October 21, 2024

    भारतीय साहित्य अकादमी, (पंजाबी काव्य) 2023 का युवा कवि पुरस्कार विजेता रणधीर की चर्चित काव्य पुस्तक “ख़त जो लिखने से रह गए” में से चुनिन्दा कविताओं का अनुवाद करते हुए प्रसन्नचित हूँ। उनकी यथार्थ से जुड़ी हुई कविताएँ पाठकों को अपनी ओर आकर्षित करने में समर्थ हैं। समाज की कुरीतियों के सामने नये प्रश्न चिन्ह…

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  • बरखा बहार आई
    कविताएँ

    बरखा बहार आई | Kavita Barkha Bahar Aayi

    ByAdmin July 1, 2024

    बरखा बहार आई ( Barkha Bahar Aayi ) 1. बरखा बहार आई,मौसम मे खुशबू छाई | मिट्टी की खुशबू सोंधी,पैरों के साथ आई | बारिस मे अमृत बरसा,चौतरफा हरियाली छाई | बारिस की बूँन्दे जैसे,कलियों-पत्तों मे मोती आईं | 2.बादल मे इन्द्र-धनुष,रंगों की टोली लेकर | आई है बरखा रानी,चिडियों की बोली लेकर | कोयल…

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  • दुआ रही सबकी
    कविताएँ

    दुआ रही सबकी | Kavita Doa Rahi Sabki

    ByAdmin July 1, 2024

    दुआ रही सबकी ये दुआ रही हम सबकी, हो जाए सारी जहां आपकी। यह खुशी का दिन सदा, आते रहे आपके जीवन में रोजाना। बनिए खिलकर सुगन्धित फूल। हो रोशनमय आपसे ,आपका कुल। जन्म का सद्फल है आपको पाना। माया के तम में ना हो कभी डगमगाना। नित गुणगान हो आपके व्यक्तित्व की। ये दुआ…

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  • रिश्तों की डोर | Kavita Rishton ki Dor
    कविताएँ

    रिश्तों की डोर | Kavita Rishton ki Dor

    ByAdmin July 1, 2024July 1, 2024

    रिश्तों की डोर ( Rishton ki Dor ) घरौंदे टूटकर फिर बनते हैं बदलते हैं महल खंडहर और खंडहर महल में सतत चलती ही रहती है यह प्रक्रिया हार के बाद कभी जीत न मिली हो ऐसा नहीं होता किसी के साथ कोशिश तो करिये और एक बार शायद सफलता इसी मे हो होती नहीं…

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  • Problems and life
    कविताएँ

    समस्या और जीवन | Kavita Samasya aur Jeevan

    ByAdmin July 1, 2024July 1, 2024

    समस्या और जीवन समस्या और जीवन दोनों रहते हैं संग-संग l दोनों की महिमा का भारी विचित्र प्रसंग l घुल-मिल ऐसे रहते पति-पत्नी जैसे संग l टांगें पकड़ खींचें कोई निकले न आगे l गाजे-बाजे-गाजे साथ-साथ इक दूजे की बारात l कोई किसी से जीत न पाया l नूरा कुश्ती का आज तक अंत न…

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  • रिमझिम-रिमझिम बारिश आई
    कविताएँ

    रिमझिम-रिमझिम बारिश आई

    ByAdmin July 1, 2024

    रिमझिम-रिमझिम बारिश आई   रिमझिम-रिमझिम बारिश आई। गर्मी सारी दूर भगाई।। बारिश ले कर आये बादल। भीग गया धरती का आँचल।। चली हवाएं करती सन-सन। झूम उठे हैं सबके तन-मन।। बादल प्यारे गीत सुनाते। बच्चे मिलकर धूम मचाते।। जीव जन्तु और खेत हर्षाए। पंछियों ने पँख फैलाए।। बनते घर में मीठे पूड़े। चाय के संग…

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  • टीम इंडिया को जीत की बधाई
    कविताएँ

    टीम इंडिया को जीत की बधाई

    ByAdmin June 30, 2024June 30, 2024

    टीम इंडिया को जीत की बधाई ख़्वाब जिसे सभी ने आँखों में सजाया। टीम इंडिया ने सपना सच कर दिखाया। T20 वर्ल्ड कप चैंपियन खिताब जीतकर, भारत ने विश्व में जीत का परचम लहराया। नहीं है भारतीय किसी भी क्षेत्र में अब पीछे, एक बार फिर इन्होंने साबित कर दिखाया। सभी खिलाड़ियों की काबिलियत देख…

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