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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • राम अवतार शर्मा “राम ” की कविताएं | Ram Avatar Sharma “Ram ‘ s ” Poetry
    कविताएँ

    राम अवतार शर्मा “राम ” की कविताएं | Ram Avatar Sharma “Ram ‘ s ” Poetry

    ByAdmin May 11, 2025August 27, 2025

    ” गौरी नंदन “ मिटा दो मेरे – – – – – – गौरी नंदन, तुम को वंदन ।करता बारम्बार ,मिटा दो मेरे कष्ट अपार ॥ प्रथम पूज्य वंदना तुम्हारी,दर्शन की उत्कंठा भारी ।मन मंदिर में आन विराजो,करना नहीं अबार ।मिटा दो मेरे – – – – – – – ॥ [ 1 ] विघ्न…

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  • माँ का आँचल
    आलेख

    “माँ का आँचल – प्रेम की छाँव, बलिदान का गीत”

    ByAdmin May 11, 2025May 11, 2025

    माँ केवल जन्म देने वाली नहीं, बल्कि जीवन की पहली गुरु, मार्गदर्शिका और सबसे करीबी मित्र है। उसकी ममता जीवनभर हमें सुरक्षा, सुकून और संस्कार देती है। माँ का आशीर्वाद किसी कवच से कम नहीं, जो हर मुश्किल में हमें संबल देता है। मदर्स डे पर उसे सम्मान देना मात्र एक औपचारिकता नहीं, बल्कि उसके…

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  • मां की ममता मां का प्यार
    आलेख

    माँ: त्याग की मूर्ति या शोषण की शिकार?

    ByAdmin May 11, 2025May 11, 2025

    हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट देखी, जिसमें लिखा था — “अगर घर में चार रोटियाँ हों और खाने वाले पाँच, तो एक ही शख्स होगा जो कह देगा कि मुझे भूख नहीं है — और वो है माँ।” यह वाक्य दिल को छू गया, लेकिन इसके साथ एक गहरा सवाल भी मन…

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  • Kavita Maa ki Yaadein
    आलेख

    माँ से बढ़कर कुछ नही

    ByAdmin May 11, 2025May 11, 2025

    साथियो मुझे बहुत ही गहरा एहसास हुआ एक इंसान की मातृ भक्ति को देखकर की कैसे वो अपनी बूढ़ी माँ की सेवा करता है। दोस्तों कुछ करो कितने भी दयालू बनो , दान धर्म करो , परन्तु यदि वो इंसान अपने माता पिता की सेवा या उनका आदर नहीं करता तो वो कभी भी सुखी…

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  • Koi to Hai
    आलेख

    मदर्स डे | Mother’s day

    ByAdmin May 11, 2025May 11, 2025

    जब ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई, तो सृजनकर्ता ब्रह्मा ने सृष्टि को संवारने के लिए अनेक रूप रचे। देव, असुर, गंधर्व, यक्ष, किन्नर, मानव — सब अस्तित्व में आए। परंतु जब उसने देखा कि हर जीव अपनी सुरक्षा, पोषण और संवेदना के लिए किसी शक्ति की तलाश में है, तो ब्रह्मा ने अपनी करुणा से एक…

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  • Indian
    कविताएँ

    भक्त हूँ मैं देख ऐसा देश का

    ByAdmin May 10, 2025May 10, 2025

    भक्त हूँ मैं देख ऐसा देश का साथ दूंगा मैं हर लम्हा देश का !भक्त हूँ मैं देख ऐसा देश का ख़ून से सींचा वतन हर सैनिक नेहै बना तिरंगा चेहरा देश का छोड़ कर मां बाप सब भाई बहनहाँ निभाता सैनिक वादा देश का लहराना तिरंगा अदू की छाती परगा रहा है दिल ये…

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  • स्त्री ही स्त्री की दुश्मन
    आलेख

    स्त्री ही स्त्री की दुश्मन: क्यों?

    ByAdmin May 8, 2025May 8, 2025

    आज जब हर ओर स्त्री सशक्तिकरण की बात हो रही है, तो यह प्रश्न और भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि क्या स्त्री को सशक्त बनने के लिए केवल पुरुषों से लड़ना पड़ता है? क्या उसके संघर्ष का केन्द्र पुरुष ही है? यदि हम गहराई से सोचें, तो पाएँगे कि स्त्री के मार्ग की सबसे…

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  • मेरी डायरी से
    संस्मरण

    मेरी डायरी से

    ByAdmin May 6, 2025June 18, 2025

    मनुष्य जब जीवन के उत्तरार्ध में होता है तो जिंदगी के अनुभवों को किसी  सुपात्र व्यक्ति को सौंपना चाहता है। सोचता है जिंदगी में जो कुछ हम नहीं रह कर सके उसे आने वाली पीढ़ियों को सौंप दूं । जिससे ज्ञान की धारा सतत बहती रहे । जितने भी बड़े बुढो से मिलता हूं एक…

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  • मुझ से खफा खफा ये सुंदरियाँ
    आलेख

    मुझ से खफा खफा ये सुंदरियाँ : भाग.. 1

    ByAdmin May 6, 2025May 6, 2025

    अचानक मेरे फोन पर कुछ तस्वीरे, कुछ फिल्मे आयी तो मैं चौक पड़ा.. कोई नया नम्बर था.. अपरिचित.. किसी खूबसूरत महिला की तस्वीरे थी.. अलग अलग परिधान में वह बहुत ही सुंदर और लुभावनी लग रही थी.. मैने याददाश्त पर जोर लगाया मगर कुछ याद नही बन पड़ा कि वो कौंन है.. यक़ीनन वह मेरे…

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  • न्याय की पुकार
    कविताएँ

    न्याय की पुकार

    ByAdmin May 6, 2025July 17, 2025

    न्याय की पुकार उपेक्षित को आज तक न्याय नहीं मिला,अपेक्षित को आज तक न्याय नहीं मिला। सालों से होते ज़ुल्मो सितम ग़रीबों से,ग़रीब को आज तक न्याय नहीं मिला। सुनते नहीं पुकार कानों में ठोंसा कपास,शोषित को आज तक न्याय नहीं मिला। बहिन बेटियों से होते बलात्कार सरे आम,अछूत को आज तक न्याय नहीं मिला।…

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