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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • हे परम प्रिय मन रूप अंतरात्मा!
    विवेचना

    हे परम प्रिय मन रूप अंतरात्मा!

    ByAdmin May 12, 2024

    हे परम प्रिय मन रूप अंतरात्मा! कोटि-कोटि नमन आप एक ईश्वर द्वारा विभूषित अति उत्तम,महत्वपूर्ण देन है। आप की महिमा अपरंपार है। हवा से भी तेज गति है,आपने जीवन के लिए सैनिक का काम,चारों दिशाओं में मन रूप नजर दौड़ती, सूचना लाती।जीवन के हर एक प्रश्नों का उत्तर,मानो एक प्रश्न उत्तरी हैं। आप हो अति…

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  • माता की भूमिका
    कविताएँ

    माता की भूमिका | Kavita Mata ki Bhumika

    ByAdmin May 12, 2024

    माता की भूमिका माता ही हमारी जान-प्राण-शक्ति, हम उनके जिगर के टुकड़े। माता की भूमिका अनुपम,अद्भुत। माता जी के बिना बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव नहीं जीवन में। मां की कारीगरी,कला-कौशल से बच्चे सफल ,जिंदगी में मुस्कान। बच्चों के लिए ही समर्पित जीवन। क्योंकि हम रहते एक मिट्टी का पुतला, माँ ही उसमें सार्गर्भित गुण…

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  • Ghazal Phir koi Khwab
    ग़ज़ल

    फिर कोई ख़्वाब | Ghazal Phir koi Khwab

    ByAdmin May 11, 2024

    फिर कोई ख़्वाब ( Phir koi Khwab )   फिर कोई ख़्वाब निगाहों मे बसाने आजा फिर मेरे घर को करीने से सजाने आजा एक मुद्दत से तरसता हूँ तेरी सूरत को ग़मज़दा हूँ मुझे तस्कीन दिलाने आजा तुझको लेकर हैं परेशाँ ये दर-ओ-दीवारें अपना हमराज़ इन्हें फिर से बनाने आजा जिसको सुनते ही ग़म-ए-दिल…

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  • Rabindranath Tagore par Kavita
    कविताएँ

    महान प्रख्यात कवि रवींद्रनाथ टैगोर

    ByAdmin May 11, 2024May 11, 2024

    महान प्रख्यात कवि रवींद्रनाथ टैगोर   जन्म के साथ ही प्रख्यात ज्ञान लेकर पधारे थे धरा धाम में। 7 मई1961 कोलकाता की धरा की बड़ाई शोभा, पिता देवेंद्र नाथ जी,माता शारदा जी की घर आंगन की। दादाजी द्वारिका नाथ शहर की सबसे धनी लब्ध प्रतिष्ठित व्यक्ति। उनके ज्यादातर शिक्षा घर पर ही संपन्न, वह बचपन…

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  • Jameel Ansari Hindi Poetry
    कविताएँ

    जमील अंसारी की कविताएं | Jameel Ansari Hindi Poetry

    ByAdmin May 11, 2024September 23, 2024

    बेटियां चंपा,गुलाब,मोगरा,चंदन है बेटियां। रिश्तों को जोड़ देने का बंधन है बेटियां। लाल,ओ,गोहर,अक़ीक़ है कंचन है बेटियां। बाबुल का हंसता, खेलता आंगन है बेटियां। पी,टी उषा हो सानिया या चावला,किरण। दुनिया के कैनवास पे रौशन है बेटियां। इज़्ज़त है आब्रु है ये ज़ीनत घरों की है। किरदार और खुलूस का दर्पण है बेटियां। आयत है…

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  • Geet Man ka Mail
    गीत

    मन का मैल | Geet Man ka Mail

    ByAdmin May 11, 2024May 11, 2024

    मन का मैल ( Man ka Mail )    मन का मैल नहीं धोया तो 1.मन का मैल नहीं धोया तो, क्या होता है नहाने से दिल मे नहीं दया घ्रणा है,तो क्या होता है दिखावे से | घर मे भूँखी माँ बैठी है,पिता की उमर ना कमाने की | बेटा बाहर भंडारे लगवाये,कुछ होड…

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  • Kahani Swayamsidha
    कहानियां

    स्वयंसिद्धा | Kahani Swayamsidha

    ByAdmin May 10, 2024May 10, 2024

    जीत ने जैसे ही घर का ताला खोल घर मे प्रवेश कदम रखा कि मोहल्ले की औरतों ने भी उसके साथ प्रवेश किया। वे सब उससे उसका हाल चाल पूछ रही थीं और वह बड़े संयत ढंग से उन सभी के प्रश्नों का उत्तर देती जा रही थी। लगभग दो घण्टो के बाद भीड़ छंटनी…

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  • पान | Laghu Katha Paan
    कहानियां

    पान | Laghu Katha Paan

    ByAdmin May 10, 2024

    दोनों ही रोज तालाब से लगे पार्क मे रोज साथ-साथ आते और साथ-साथ ही जाते मगर आज क्या हुआ कि दोनों आऐ तो साथ-साथ मगर गए अलग-अलग। दुर्गेश जी के मन मे ये बात खटक रही थी कि हमेशा खुश रहने और कभी न झगड़ने वाले जोड़े मे आज ऐसा क्या हुआ जो वो इस…

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  • एक प्रेम कहानी
    कहानियां

    उसने कहा था | एक प्रेम कहानी

    ByAdmin May 10, 2024

    बहुत पुरानी बात है 13-14 वर्ष की एक मासूम प्यारी -सी, चुलबुली-सी , हमेशा अपने आप में मस्त रहने वाली लड़की उसका नाम किरण था। किरण के घर के सामने से आम रास्ता था ,उस रास्ते से होकर एक सूरज नाम का लड़का कॉलेज जाया करता था । सूरज को किरण रोज दिख जाया करती…

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  • Akshaya Tritiya ka Mahatva
    कविताएँ

    अक्षय तृतीया का महत्व | Akshaya Tritiya ka Mahatva

    ByAdmin May 10, 2024

    अक्षय तृतीया का महत्व ( Tritiya ka Mahatva )   अक्षय तृतीया का शुभ दिन, शुरू होते सब काज। वैशाख मास की शुक्ल पक्ष, तिथि तृतीय आज। ब्रह्मपुत्र अक्षय का जन्म, हुआ तिथि थी आज। परशुराम के शुभावतरण से, धरा बना बिना राजा। मां गंगा धरती पर आई, अन्नपूर्णा का अवतरण। खजाना मिला कुबेर को,…

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