• सुन रही हो माँ | Sunn Rahi ho Maa

    सुन रही हो माँ ( Sunn Rahi ho Maa )   देखो माँ , हर वर्ष मातृ दिवस पर तुम्हारा गुणगान किया जाता है, उस एक दिन में, भर दिए जाते है पन्ने, तुम्हारी महानता के, माँ महान है, माँ बगैर हम कुछ नही, कही झूठ कही सच, कही भ्रम का लिबास पहनाकर, तुम्हारी महिमा…

  • माता पिता | Kavita Mata Pita

    माता पिता ( Mata Pita )   माता पिता छोड़ चले मुझे अधर झूल में दुआ आशीष छोड़ चले मुझे अधर झूल में दुखों का पहाड़ टूटा मेरे सिर पर भारी प्यार ममता छोड़ चले मुझे अधर झूल में अनुभव नहीं था कोई बोझ उठाने का ज़रा भरा परिवार छोड़ चले मुझे अधर झूल में…

  • कितना खूबसूरत शब्द है माँ

     माँ कितना खूबसूरत शब्द है माँ जिसे सुनकर बढ़ जाती है चेहरे की चमक सीने से बहने लगती है गंगा जमुना की धारा दिल की टहनी पर फूटने लगती हैं फूलों की कोंपलें कितना खूबसूरत शब्द है माँ जिसे सुनते ही कानों में बजने लगती हैं घण्टियाँ पैरों में आ जाती है अजब-सी शक्ति बाहें…

  • “माँ” आज भी मुझे बाबू कहके बुलाती है

    “माँ” आज भी मुझे बाबू कहके बुलाती है   यशोदा-कौशल्या से ज़्यादा लाड लड़ाती, देख-देख अठखेलियां मंद-मंद मुस्काती, आशीषों की झड़ी लगा के लेती है बलाए, आज भी माथा चूम जी भरके देती दुवाएं, ममता का सागर वो निश्छल बरसाती है ! “माँ” आज भी मुझे बाबू कहके बुलाती है !! १ !! क्या कोई…

  • लड़कियों की जिंदगी

    लड़कियों की जिंदगी बहुत मार्मिक,संघर्षशील,सहनशीलता से भरी होती है। इतने ही नहीं धैर्य और ममता भी अंदर कूट-कूट कर निहित कुछ एक दो अपवाद स्वरूप है। अपवाद की तो बात ही जुदा गुलाब में भी कांटे होते हैं। लड़कियों में हर दु:ख-दर्द पीड़ा को सहने की अपूर्व क्षमता रहती है। हर असहनीय पीड़ा को हंसते-हंसते…

  • माँ बहुत याद आती है

    माँ बहुत याद आती है तेरी गोद, तेरी लोरियां, बहुत याद आती है, बरसों बीत गए हैं माँ, सुकून की नींद ना आती है। मेरी चोट पर आंसू तेरे बहते, वो बाहें याद आती है, तेरा आंचल याद आता है माँ, जब आंखें नम हो जाती हैं। गिरने से पहले संभाल लेती मुझको, वो परवाह…

  • हे परम प्रिय मन रूप अंतरात्मा!

    हे परम प्रिय मन रूप अंतरात्मा! कोटि-कोटि नमन आप एक ईश्वर द्वारा विभूषित अति उत्तम,महत्वपूर्ण देन है। आप की महिमा अपरंपार है। हवा से भी तेज गति है,आपने जीवन के लिए सैनिक का काम,चारों दिशाओं में मन रूप नजर दौड़ती, सूचना लाती।जीवन के हर एक प्रश्नों का उत्तर,मानो एक प्रश्न उत्तरी हैं। आप हो अति…

  • माता की भूमिका | Kavita Mata ki Bhumika

    माता की भूमिका माता ही हमारी जान-प्राण-शक्ति, हम उनके जिगर के टुकड़े। माता की भूमिका अनुपम,अद्भुत। माता जी के बिना बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव नहीं जीवन में। मां की कारीगरी,कला-कौशल से बच्चे सफल ,जिंदगी में मुस्कान। बच्चों के लिए ही समर्पित जीवन। क्योंकि हम रहते एक मिट्टी का पुतला, माँ ही उसमें सार्गर्भित गुण…

  • फिर कोई ख़्वाब | Ghazal Phir koi Khwab

    फिर कोई ख़्वाब ( Phir koi Khwab )   फिर कोई ख़्वाब निगाहों मे बसाने आजा फिर मेरे घर को करीने से सजाने आजा एक मुद्दत से तरसता हूँ तेरी सूरत को ग़मज़दा हूँ मुझे तस्कीन दिलाने आजा तुझको लेकर हैं परेशाँ ये दर-ओ-दीवारें अपना हमराज़ इन्हें फिर से बनाने आजा जिसको सुनते ही ग़म-ए-दिल…

  • महान प्रख्यात कवि रवींद्रनाथ टैगोर

    महान प्रख्यात कवि रवींद्रनाथ टैगोर   जन्म के साथ ही प्रख्यात ज्ञान लेकर पधारे थे धरा धाम में। 7 मई1961 कोलकाता की धरा की बड़ाई शोभा, पिता देवेंद्र नाथ जी,माता शारदा जी की घर आंगन की। दादाजी द्वारिका नाथ शहर की सबसे धनी लब्ध प्रतिष्ठित व्यक्ति। उनके ज्यादातर शिक्षा घर पर ही संपन्न, वह बचपन…