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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • भारतीय अपराजिता नारियों की स्थिति हेतु प्रयासरत व चिंतनशील हूँ
    आलेख

    भारतीय अपराजिता नारियों की स्थिति हेतु प्रयासरत व चिंतनशील हूँ

    ByAdmin February 23, 2025February 23, 2025

    आधुनिक भारत के समाज की तमाम कुरीतियों के विरोध में अहम भूमिका निभाने वाले जाने-माने प्रतिष्ठित समाज-सुधारक : युगपुरुष कविवर श्री “सूर्यदीप” कवि-हृदय की यही मेरी आकांक्षा है कि सद्भाव के पुष्प निरंतर यहाँ खिलते रहें। हाँ, वास्तव में, लिखना एक महान कला है। आज की अपनी जंग तलवारों से नहीं बल्कि स्वयं की जीवंत…

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  • सस्ता इंटरनेट
    विवेचना

    सस्ता इंटरनेट देश की लुटिया डूबा रहा है

    ByAdmin February 23, 2025February 23, 2025

    पिछले कुछ महीनों से मेरे लेखन में कमी आयी हैं.. यह कमी बहुत अधिक है.. हालिका ऐसा नही है कि मेरे पास समय की कोई कमी हो.. अपने काम पर पूरा समय देने के उपरांत भी मेरे पास समय होता है कि मैं लिख सकू.. मगर ऐसा नही हो रहा है। मगर ऐसा क्यो हो…

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  • तुझ तक पहुंचने की चाह
    कविताएँ

    तुझ तक पहुंचने की चाह

    ByAdmin February 23, 2025February 23, 2025

    तुझ तक पहुंचने की चाह कोई मिल जाए जो तुझ तक पहुंचा दे,मेरे शब्द, मेरी सासें तुझ तक बहा दे।कि तू जान ले, आज भी प्रेम वहीं खड़ा है,तेरी राहों में, तेरी बाहों में, खुद को समेटे खड़ा है। चाहत की लौ बुझी नहीं है अब तक,तेरी यादों में जलती रही है अब तक।तेरे बिना…

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  • यह आग अभी
    गीत

    यह आग अभी

    ByAdmin February 23, 2025February 23, 2025

    यह आग अभी यह आग अभी तक जलती है ,मेरे आलिंगन में।स्वर मिला सका न कभी कोई ,श्वासों के क्रंदन में ।। जब छुई किसी ने अनायास ,भावुक मन की रेखा ।दृग-मधुपों ने खुलता स्वप्नों, का शीशमहल देखा।खिल उठे पुष्प कब पता नहीं ,सारे ही मधुवन में।।यह आग अभी—- दीपक कोई कब बन पाया ,साथी…

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  • रुपेश कुमार यादव ” रूप ” की कविताएं | Rupesh Kumar Yadav Poetry
    कविताएँ

    रुपेश कुमार यादव ” रूप ” की कविताएं | Rupesh Kumar Yadav Poetry

    ByAdmin February 22, 2025March 23, 2026

    कलम अंधेरा दिलों का मिटाती कलम हैछुपे भाव दिल की दिखाती कलम हैखुशी और गम की हो कोई कहानीभावों से पन्ना सजाती कलम है।। भरी है कलम में दुनिया की ताकतसोता है कोई, कलम से कोई जगतडरता है कोई ,कलम से कोई भागतसबसे है प्यारी कलम हमें लागत।। गलत और सही का यह अंतर बतातीपढ़ना…

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  • जीवन साथी
    कविताएँ

    जीवन साथी

    ByAdmin February 22, 2025February 22, 2025

    जीवन साथी “जीवन साथीजीवन का साथी हैसम्मान करो।” “नजरंदाजकभी नहीं करनासाथ ही देना।” “भरोसा करोएक दूसरे परसंदेह नहीं।” “घमंड छोड़ोमधुरता से बोलोसफल होगे।” “क्रोधित नहींतुम्हें कभी होना हैशांत ही रहो।” “व्यस्त रहनाइधर-उधर कीबात न करो।” “पति पत्नी तोदो पहिए होते हैंचलती गाड़ी।” “एक नहीं होफिसलती है गाड़ीगिरती झाडी।” “खुश किस्मतसभी नहीं होते हैंनसीब वाले।” “बद…

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  • वर्तमान नारी की झलक
    कविताएँ

    वर्तमान नारी की झलक

    ByAdmin February 22, 2025February 22, 2025

    वर्तमान नारी की झलक सदियों से रुढ़ियों के पर्दो में ढ़क कर जिसे रखा,आज वो समाज के इस पर्दे को हटाने आयी है, डरी,सहमी ,नासमझ स्त्रियों के दिल का बोझवो आशा बनकर मिटाने आयी है, अपनी ताकत से गांव ,शहर ही नहीं देश में भी जागरूकता लायी है, आज नारियों के कार्यों के चर्चा से…

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  • अमिताभ बच्चन जी साहेब
    सिनेमा

    अमिताभ बच्चन जी साहेब, ये मेरा दीवानापन है

    ByAdmin February 18, 2025February 18, 2025

    उस दिन मै नागपुर में था जब अखबारो में अमिताभ बच्चन जी की खबर आयी थी.. खबर थी उनके वापसी की.. हा वापसी की.. वो समय उन का कुछ ठीक नही था सो वे कुछ समय के लिए मिडिया से दूर हो गए थे। साथ में उन की तस्वीर भी छपी थी.. मगर ये क्या…..

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  • कुदरत का इंसाफ़
    कहानियां

    कुदरत का इंसाफ़

    ByAdmin February 18, 2025February 18, 2025

    बेटी निधि के प्रेम प्रसंग की जानकारी होने के बावजूद पिता अमर सिंह ने अखबार में वैवाहिक विज्ञापन दिया। निधि एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाती थी। इस स्कूल में पढ़ाने वाले कमल से निधि की आंखें चार हो गई। निधि कमल से शादी करना चाहती थी, लेकिन अमर सिंह इसके विरोध में थे क्योंकि कमल…

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  • ritu garg
    कविताएँ

    ऋतु गर्ग की कविताएं | Ritu Garg Poetry

    ByAdmin February 18, 2025July 9, 2025

    पढ़ी-लिखी बेटी मजबूत पीढ़ी बस यहां पर आकरमैं कमजोर हो जाती हूं! जब कोई पूछता हैबिटिया की शादी करोगी क्याअरे भाई !यह कोई पूछने की बात हैबेटियों को भी तो अपना घर बसाना है,उनको भी तो अपने घर जाना है। बस मैं यहां पर आकर,कमजोर हो जाती हूं! जब कोई पूछता है,बेटी को खाना बनाना…

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