जीवन साथी

जीवन साथी

जीवन साथी

“जीवन साथी
जीवन का साथी है
सम्मान करो।”

“नजरंदाज
कभी नहीं करना
साथ ही देना।”

“भरोसा करो
एक दूसरे पर
संदेह नहीं।”

“घमंड छोड़ो
मधुरता से बोलो
सफल होगे।”

“क्रोधित नहीं
तुम्हें कभी होना है
शांत ही रहो।”

“व्यस्त रहना
इधर-उधर की
बात न करो।”

“पति पत्नी तो
दो पहिए होते हैं
चलती गाड़ी।”

“एक नहीं हो
फिसलती है गाड़ी
गिरती झाडी।”

“खुश किस्मत
सभी नहीं होते हैं
नसीब वाले।”

“बद किस्मत
बहुत होते बेचारे
खुद से हारे।”

“अकड़ नहीं
पकड़ सही हो तो
काम हों सारे।”

“विवाह एक
पवित्र बंधन है
ढंग से निभा।”

“खटास मत
आपस में ही करो
खुशी से रहो।”

“पैर भू पर
रखकर ही चलो
न अभ्र पर।”

“अपना पानी
खुद मत नापिए
कितना पानी।”

“सम्मान रहे
पति-पत्नी दोनों का
ऐसा ही काम करो।”

डॉ. विश्वम्भर दयाल अवस्थी
“वाचस्पति”
खुर्जा, बुलंदशहर (उ. प्र.)

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