• ट्यूशन | Tuition

    मेरे पिता जी का ट्रांसफर जलालाबाद ( थानाभवन) से बदायूं हो गया,बदायूं के पास एक छोटा सा गाँव था तातागंज, वहाँ मैं कुछ दिन ही रहा,मेरे पापा डॉक्टर थे, नीचे अस्पताल था ऊपर मकान जिसमें हम लोग रहते थे। मकान की ख़ाशियत ये थी की दरवाज़े तो थे पर कुंडी नहीं थी,उस गाँव में मुझे…

  • सपने | Sapne

    सपने सपने नितांत जरूरी हैंजैसे हवा और पानीसपने बंजर भूमि में खिले फ़ूल हैंजो ख़ुशबू की तरहआपका जीवन महकाते हैंआपके नीरस और बेमक़सद जीवन को उद्देश्य देते हैं सपने देखे जाते हैंकभी सोते हुएकभी जागते हुएसपनों को यूहीं न जाने दोआज नहीं तो कल पूरे होंगेसपनों को यूहीं न जाने दोक्योंकि यदि सपने मर गएतो…

  • माँ की उलाहने

    माँ की उलाहने बिटिया जब छोटी थीमॉं के लिए रोती धी,पल भर न बिसारती थीमाँ – माँ रटती रह जाती थी। थोड़ी सी जब आहट पायेचहुओर नजरे दौड़ाये,नयन मिले जब माँ सेदोंनो हृदय पुलकित हो जाये। अब तो बिटिया हुई सयानीआधुनिकता की चढ़ी रवानी,नये तेवर में रहती है अति बुद्धिमानी अपने को,माँ को बुद्धॣ कहती…

  • ‘वाचाल’ की हरियाणवी कुंड़लियाँ

    ‘वाचाल’ की हरियाणवी कुंड़लियाँ तड़कै म्हारे खेत में, घुस बेठ्या इक साँड़।मक्का अर खरबूज की, फसल बणा दी राँड़।।फसल बणा दी राँड़, साँड़ नै कौण भगावै।खुरी खोद कै डुस्ट, भाज मारण नै आवै।।फुफकारै बेढ़ाल़ भगावणिये पै भड़कै,घुस्या मरखणा साँड़ खेत में तड़कै-तड़कै।। बहुअड़ बोल्ली जेठ तै, लम्बा घूंघट काढ़।दीदे क्यूँ मटकावता, मुँह में दाँत न…

  • साग़र के दोहे

    साग़र के दोहे 1.सर्दी के आवेग से ,निकली सबकी हाय ।ऐसे में सब ने कहा ,हो जाये अब चाय ।।2.सर्दी में सूझा यही ,सबको एक उपाय।गरम गरम पिलवाइये ,साहब हमको चाय।।3.ठन्डा ,वन्डा रख दिया ,सबने आज उठाय ।सबके मन को भा रही , गरम गरम ही चाय ।।4.सर्दी में क्या पूछना , क्या है किस…

  • अनमोल तोहफा : बाल कहानी

    न्यू ईयर चार दिन बाद आने वाला था। 10 वर्षीय राजू की मम्मी सन्ध्या का बर्थडे इत्तेफाक से न्यू ईयर पर ही पड़ता था। अपनी मम्मी के जन्मदिन पर राजू ने अपनी मम्मी को गिफ्ट देने का प्लान बनाया। उसने बातों बातों में अपनी मम्मी से पूछा:-“मम्मी जी, इस न्यू ईयर पर आपके जन्मदिन के…

  • शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था राजस्थान के तत्वावधान में नववर्ष पर कवि गोष्ठी

    शब्दाक्षर राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था राजस्थान के तत्वावधान में जांगिड अस्पताल परिसर में नववर्ष पर कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ दयाशकर जांगिड ने की। मुख्य अतिथि समाजसेवी कैलाश चोटिया तथा विशिष्ट अथिति मुरली मनोहर चोबदार रामावतार सबलानिया सीताराम घोड़ेला थे। शब्दाक्षर राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रताप सिंह ने सबको नववर्ष की शुभकामनाएं…

  • कवि गोपालदास नीरज

    कवि गोपालदास नीरज नमन है, वंदन है, जग में तुम्हारा पुनः अभिनंदन है,लाल है भारत के, आपके माथे पर मिट्टी का चंदन है।पद्मश्री हो आप, पद्म भूषण से सम्मानित हुए आप हो,प्रणाम है आपको, आपका बारंबार चरण वंदन है।। खो गए मस्त गगन में प्रेम का गीत पढ़ा करके हमको,चले गए जग को कितने मधुर…

  • होली में

    होली में किया जख़्मी उसी ने है मुझे हर बार होली मेंगुलो के रंग से मुझपर किया जो वार होली में नही रूठों कभी हमसे भुला भी दो गिले सारेतुम्हारे ही लिए लाएँ हैं हम यह हार होली में रही अब आरजू इतनी कि तुमसे ही गले लगकरबयां मैं दर्द सब कर दूँ सुनों इस…

  • प्रकृति का अद्भुत श्रृंगार

    प्रकृति का अद्भुत श्रृंगार ( 2222 2222 222 )निर्मल गंगा सी धारा तुम बहती होशबनम के मोती जैसी तुम लगती हो चंद्रप्रभा रातों की सुंदरता में तुमआँचल बन कर फैली नभ में दिखती हो यूँ लगता है जैसे ऊँचे परबत सेकल-कल करती झरने जैसी बहती हो फूलों की कोमल पंखुड़ियों के जैसेभँवरे की प्रीती की…