• रह गए हम | Rah Gaye Hum

    रह गए हम हम नज़र होते होते रह गए हमहमसफ़र होते होते रह गए हम शब में लगने लगा मुकम्मल हैऔर सहर होते होते रह गए हम हमने सोचा किसी के हो जाएँहाँ मगर होते होते रह गए हम बस कहानी थी यूँ तो कहने कोचश्मे-तर होते होते रह गए हम साथ हमने बाताए सात…

  • जिनसे अब तक सुना दुश्मनी हो गई

    जिनसे अब तक सुना दुश्मनी हो गई जिनसे अब तक सुना दुश्मनी हो गईकह रहे अब वही दोस्ती हो गई बात देखो बहुत ये बड़ी हो गईक्यों नबाबी नगर गोमती हो गई माँ-पिता से मिला आज आशीष तोदूर जीवन की सब बेबसी हो गई घर कदम क्या पड़े आज सरकार केहर तरफ़ अब यहाँ रोशनी…

  • हरियाणा प्रदेश के नाम की व्युत्पत्ति

    हरयान या हरियान शब्दों से नहीं, अहिराणा शब्द से हुई है हरियाणा की व्युत्पत्ति : डॉ. रामनिवास ‘मानव’ हरियाणा प्रदेश के नाम की व्युत्पत्ति के संबंध में विविध थ्योरियाँ हैं। हरियाणा एक प्राचीन नाम है। वैदिक युग में इस क्षेत्र को ब्रह्मवर्त, आर्यवर्त और ब्रह्मोपदेश के नाम से जाना जाता था। ये सभी नाम हरियाणा…

  • अति

    “अति” प्रत्येक अति बुराई का रूप धारण कर लेती है।उचित की अति अनुचित हो जाती है।। अति मीठे को कीड़ा खा जाता है।अति स्नेह मति खराब कर देता है।। अति मेल मिलाप से अवज्ञा होने लगती है।बहुत तेज हवा से आग भड़क उठती है।। कानून का अति प्रयोग अत्याचार को जन्म देता हैं।अमृत की अति…

  • चाँद को निखार कर

    चाँद को निखार कर चाँद को निखार कर आज बहुत प्यार दूँ,प्रेमिका की झूमती लटे बिन कहे संवार दूँ निज हृदय प्रतीत होते प्रेम की बात हैछोड़कर समाज य़ह कामना की बात हैहृदय के प्रकोष्ठ यूँ अनुभाव कांपते रहेहृदय को न्यौछावर कर भावना की बात हैरूप कांच को छुए नहीं दृश्य को संवार लूँअपनी निश्चल…

  • चोरी पकड़ी गई

    स्कूल की कैंटीन में कक्षा एक की 6 साल की इलिशा के हाथ में 500 का नोट देखकर कैंटीन मालिक को बड़ा आश्चर्य हुआ। वह बच्ची कैंटीन से कुछ सामान खरीदने आयी थी। कैंटीन मालिक ने बच्ची से पूछा- “बेटा, तुम्हें क्या चाहिए? यह 500 का नोट तुम्हें किसने दिया? क्या पापा ने दिया?” “नहीं,…

  • भला क्या माँगा

    भला क्या माँगा तुझ से दिलदार से मैंने भी भला क्या माँगातेरे जलवों से शब-ए-ग़म में उजाला माँगा तेरी रहमत ने जो भी फ़र्ज़ मुझे सौंपे हैंउनको अंजाम पे लाने का वसीला माँगा हर ख़ुशी इनके तबस्सुम में छुपी होती हैरोते बच्चों को हँसाने का सलीक़ा माँगा तू है दाता हैं तेरे दर के भिखारी…

  • छोड़ दे ऐब को

    छोड़ दे ऐब को छोड़ दे ऐब को, तख़सीस ,दुआ तू रख लेअपने असलाफ़ के अख़लाक़ की तू बू रख ले तू सलीके से पहुँच जाए बुलंदी पे भीख़ार दे गुल के मुझे और तू ख़ुशबू रख ले है फ़रेबी ये जहाँ लोग तमाशाई भीमत बिफर नादां तू गुस्से पे भी काबू रख ले मिल…

  • गुरु घासीदास बाबा जयंती

    गुरु घासीदास बाबा जयंती सन्ना न न ना सना हो रे नना ।सन्ना न न ना नाना हो रे नना ।। गुरु बाबा जी के जयंती मनाए बर।सतनाम के पावन अंजोर बगराए बर।आवा जी संगी हो आवा जी मितान।गुरु बाबा के सीख ल कर लव धारन।सन्ना न न ना सना हो रे नना ।सन्ना न…

  • क्या कहने | Kya Kahne

    क्या कहने इक तो जुल्फें दराज़, क्या कहनेउसपे बाहें ग़ुदाज़, क्या कहने मुँह को तेड़ा किये यूँ बैठे हैंहुस्न और उसपे नाज़, क्या कहने अहले-दुनिया को ताक पर रख करएक उसका लिहाज़, क्या कहने जब भी गाऐ तो अंदलीब लगेउस पे परवाज़-ए-बाज़, क्या कहने गुफ़्तुगू भी पहेलियों जैसीऔर आँखों में राज़, क्या कहने कल तलक…