Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • प्यार करता हूँ
    कविताएँ

    प्यार करता हूँ | Pyar Kavita

    ByAdmin April 11, 2020October 31, 2021

     प्यार करता हूँ  ( Pyar karta hun )   बहार क्या होती है फूल क्यूँ खिलते हैं भँवरे क्यों गाते हैं खुशबू क्यों बिखरती है सूरज क्यों निकलता है चाँद रात भर आकाश में, क्यूँ चक्कर लगाता है बारिश क्यों होती है दिन क्यूँ होता है रात क्यूँ ढलती है। हवा क्यों बहती है पँछी…

    Read More प्यार करता हूँ | Pyar KavitaContinue

  • जया बच्चन से जुड़ी कुछ कही अनकही बाते
    सिनेमा

    जया बच्चन से जुड़ी कुछ कही अनकही बाते

    ByAdmin April 9, 2020January 4, 2021

    हर किरदार में अपनी छाप छोड़ने वाली जया बच्चन का आज जन्मदिन है । जय बच्चन का जन्म 9 अप्रैल 1948 को मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुआ था । उनके पिता तरुण कुमार भादुड़ी अमिताभ बच्चन के पिता की तरह ही मशहूर लेखक व कवि थे । जया बच्चन की पहचान एक बेहतरीन अभिनेत्री और…

    Read More जया बच्चन से जुड़ी कुछ कही अनकही बातेContinue

  • काश तुम मेरा प्यार हो जाओ और मैं तुम्हारा प्यार हो जाऊँ
    शेरो-शायरी

      ख्वाहिश | Prem wali shayari

    ByAdmin March 31, 2020November 11, 2021

      ख्वाहिश   ( Khwahish )   काश तुम मेरी सर्दियों की अदरक वाली चाय हो जाओ और मैं तुम्हारी सुबह का पहला अखबार हो जाऊँ काश तुम मेरी ओस की बूँदें हो जाओ और मैं तुम्हारी कोहरे की फुहार हो जाऊँ काश तुम मेरी सुर्ख़ रंग गुलाबी हो जाओ और मैं तुम्हारे ग़ुलाबों की बौछार…

    Read More   ख्वाहिश | Prem wali shayariContinue

  • इन्द्र का दर्प
    कविताएँ

    इन्द्र का दर्प | Kavita

    ByAdmin March 29, 2020October 26, 2022

    इन्द्र का दर्प ( Indra ka darp )   इन्द्र… हाँ ! इन्द्र, आज फिर क्रूध हो चुका है ! डुबोना चाहता है सारी धरती ! क्योंकि इन्होंने चुनौती दी है, उसके ऐश्वर्य एवं सत्ता को ! डूबने को हैं मजदूर, किसान एवं नौजवान । दर्द एवं दहशत इतना कि आवाज भी नहीँ दे पा…

    Read More इन्द्र का दर्प | KavitaContinue

  • मुश्किलों से निकलने का रास्ता दिखा
    शेरो-शायरी

    या खुदा कर दे रिहा

    ByAdmin March 27, 2020November 11, 2021

      या खुदा कर दे रिहा ( Ya khuda kar de riha )   हर पल यूँ ही आँखे भर जाना उदासी को दर्शाती है, खामोश रह, सब कुछ बर्दाश करना घुटन को बतलाती है ।। ये खुदा मुझे बहरा बना दे, कि कुछ सुन न सकूँ । या खुदा पत्थर दिल बना दे कि…

    Read More या खुदा कर दे रिहाContinue

  • हम जीतेंगे...हम जरूर जीतेंगे
    विवेचना

    हम जीतेंगे | Hum jeetenge

    ByAdmin March 25, 2020October 25, 2022

    अंततः अगले 21 दिनों (14 Apr ) तक पूरे देश मे लॉकडाउन (एक तरह से कर्फ्यू) लगा दिया गया।इस महामारी को देखते हुए सरकार का यह कदम स्वागतयोग्य है। अगले 21 दिनों तक निश्चित ही हम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा लेकिन यह देश के लिए, हमारे लिए बहुत जरूरी है। मैं सोचता…

    Read More हम जीतेंगे | Hum jeetengeContinue

  • अगर हिंदी का परचम दुनिया में लहराएगा, तभी तो भारत विश्व गुरु कहलायेगा
    निबंध

    हिंदी भाषा और मैं

    ByAdmin March 23, 2020November 10, 2021

    हिंदी भाषा और मैं , एक बहोत ही अच्छा शीर्षक है। विभिन्न लेखक इसको अपने-अपने विचारों के अनुसार विश्लेषित करेंगे किन्तु मेरे बिचारों का आधार इस शीर्षक के लिए राष्ट्रप्रेम तथा हिंदी भाषा के प्रति प्रेम है । अर्थात इस शीर्षक में दिए मैं को किसी एक बयक्ति से संभंधित न करते हुए, मैं इसे…

    Read More हिंदी भाषा और मैंContinue

  • कोरोना का रोना है ,हाँ हाँ कार मची है दुनियां मे
    कविताएँ

    कोरोना का रोना | Corona ke upar kavita

    ByAdmin March 21, 2020November 10, 2021

    कोरोना का रोना ( Corona ka rona ) –> कोरोना का रोना है , हाँ हाँ कार मची है दुनियां मे || 1.कोरोना वायरस फैल रहा,जाने कैसी बीमारी है | रोका नहीं गया इसको तो,आगे चल के महामारी है | इसके बारे मे कुछ पता नहीं,अभी ये बन्द अलमारी है | हमको ही मिलकर लडना…

    Read More कोरोना का रोना | Corona ke upar kavitaContinue

  • हम भी हैं इसी मुल्क के
    कविताएँ

    हम भी हैं इसी मुल्क के | Poem on communalism in Hindi

    ByAdmin March 21, 2020November 10, 2021

    हम भी हैं इसी मुल्क के ( Ham bhi hain isi mulk ke )     हम भी हैं इसी मुल्क के,  गद्दार नहीं है । मजहब ये मुसलमान सितमगर नहीं है ।   अपने लहू का कतरा भी कुर्बान करें हम कहते हो हमको हम वफादार नहीं हैं   हम भी हैं इसी मुल्क…

    Read More हम भी हैं इसी मुल्क के | Poem on communalism in HindiContinue

  • ये वादे तो रोज करते हैं, मगर फिर भूल जाते हैं ।
    शेरो-शायरी

    आजकल के नेता | Political shayari

    ByAdmin March 20, 2020November 9, 2021

    आजकल के नेता ( Aajkal ke neta )   ये वादे तो रोज करते हैं, मगर फिर भूल जाते हैं ।    ये ऐसे दोस्त हैं जो पीठ पर खंजर चुभाते हैं !   करेंगे  सब  की  सेवा देश को आगे बढ़ाएंगे,   इलेक्शन जीतने के बाद ये  सब  भूल  जाते  हैं   हमीं वादों…

    Read More आजकल के नेता | Political shayariContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 832 833 834 835 836 … 838 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

gelfer.net/pl
  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search