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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • मीरा जैसी कोई अब दीवानी नहीं
    ग़ज़ल

    मीरा जैसी कोई अब दीवानी नहीं

    ByAdmin November 20, 2024November 20, 2024

    मीरा जैसी कोई अब दीवानी नहीं प्यार की हमको दिखती कहानी नहींमीरा जैसी कोई अब दीवानी नहीं दर्द मुझको भी होता है समझो जरामुझमें भी है लहूँ कोई पानी नहीं वो भी देता है ताना मुझे ख़्वाब मेंप्यार की पास में जो निशानी नहीं धौंस सब पर दिखातें हैं वो ही यहांजिनकी बस में ही…

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  • सुदेश दीक्षित की कविताएं | Sudesh Dixit Poetry
    कविताएँ

    सुदेश दीक्षित की कविताएं | Sudesh Dixit Poetry

    ByAdmin November 20, 2024August 12, 2025

    आयेगा बुलावा तो जाना पड़ेगा आयेगा बुलावा तो जाना पड़ेगा।माया मोह से हाथ छुड़ाना पड़ेगा। मस्त हो नींद गहरी में होंगे तब हम।तुम्हें बार बार ना हमें बुलाना पड़ेगा। जो मरजी हो बेफिक्र हो करते रहना।सब ये देख हमें दिल ना दुखाना पड़ेगा। गिर जाएंगे जब अपनी ही नज़रों से हम।अपना जनाजा हमें तब खुद…

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  • कागा की कलम
    कविताएँ

    कागा की कलम | Kaga ki Kalam

    ByAdmin November 19, 2024December 16, 2024

    खोज जो खोजा वो पाया गोता मार गेहराई में ,सीपों में छुपे है मोती मिले गेहराई में ! बीते दिन जीवन के बेठे रहे किनारे पर ,जब ख़्याल आया खोजने का मिले गेहराई में ! कंगाल कोई नहीं सबके अंदर मोजूद माणक लाल ,डूबने का डर छलांग मारी मिले गेहराई में ! जान का ख़त़रा…

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  • भगवान महावीर का 2594 वां दीक्षा कल्याणक दिवस
    कविताएँ

    भगवान महावीर का 2594 वां दीक्षा कल्याणक दिवस

    ByAdmin November 19, 2024November 19, 2024

    भगवान महावीर का 2594 वां दीक्षा कल्याणक दिवस यह उमर हमारी बीत रहीसत् संगत में रमकरज्ञानामृत का पान कर लेमहावीर प्रभु का गुणगान कर ले ।नाशवान है काया हमारीक्यों करे मेरी मेरी ।इस तन को राख बननेलगे न इक पल की देरी ।महावीर प्रभु का गुणगान कर ले ।सबके साथ लगा है भारी ,जन्म –…

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  • मैं लिखता रहा अश्क धोते रहे
    शेरो-शायरी

    मैं लिखता रहा अश्क धोते रहे

    ByAdmin November 19, 2024November 21, 2024

    मैं लिखता रहा अश्क धोते रहे मैं लिखता रहा अश्क धोते रहे।सफे किस्मत के खुद पे रोते रहे। हम सुनाते रहे दास्तां दिल की अपनी।रात सारी सिर कंधे पे रख वो सोते रहे। उन्हें लगता था हम जिंदा है पर थे नहीं।अपनी ही लाश हम कंधों पर ढोते रहे। गंवाया नहीं आंखों से निकला अश्क।उठा…

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  • तेरे हुस्न पर कामरानी लुटा दी
    ग़ज़ल

    तेरे हुस्न पर कामरानी लुटा दी

    ByAdmin November 19, 2024November 19, 2024

    तेरे हुस्न पर कामरानी लुटा दी तेरे हुस्न पर कामरानी लुटा दीबुलंदी की हर इक निशानी लुटा दी ख़ुदा ने सँवारा सजाया चमन कोगुलों पे सभी मेहरबानी लुटा दी फ़िजाओं में नफ़रत का विष घोल कर केमुहब्बत की सारी कहानी लुटा दी ख़ज़ाना किया सारा खाली उन्होंनेकि हासिल हुई राजधानी लुटा दी करें रोज़ क़ुदरत…

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  • तेरा शिद्दत से इंतिज़ार किया
    ग़ज़ल

    तेरा शिद्दत से इंतिज़ार किया

    ByAdmin November 18, 2024November 18, 2024

    तेरा शिद्दत से इंतिज़ार किया उम्र भर बस ये रोज़गार कियातेरा शिद्दत से इंतिज़ार किया बेसबब ख़ुद को दाग़दार कियाजाने क्यों तेरा ऐतिबार किया ज़ीस्त में अब न लुत्फ़ है कोईक्या कहें घर को ही मज़ार किया क्यों न करते भी शुक्रिया उसकाजिसने मौसम को ख़ुशगवार किया ज़ख़्म खाये हज़ार थे हमनेमरहम-ए-वक़्त ने सुधार किया…

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  • ज़िंदगी को वो जहन्नुम ही बनाएगा
    ग़ज़ल

    ज़िंदगी को वो जहन्नुम ही बनाएगा

    ByAdmin November 18, 2024November 18, 2024

    ज़िंदगी को वो जहन्नुम ही बनाएगा ज़िंदगी में फूल को जो भी सताएगाज़िंदगी को वो जहन्नुम ही बनाएगा तू डराना चाहता है मौत को प्यारेये बता तू मौत को कैसे डराएगा बावली सी हो गयी मैं जानकर ये कीआज बेटा शौक से खाना पकाएगा मानता हूं तू बहुत नाराज़ है लेकिनभाई के बिन जश्न तू…

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  • वो ख़ुद मुस्कुरा दी
    ग़ज़ल

    वो ख़ुद मुस्कुरा दी

    ByAdmin November 18, 2024November 18, 2024

    वो ख़ुद मुस्कुरा दी हिमाकत पे अपनी वो ख़ुद मुस्कुरा दीकिसी की ख़ता की किसी को सज़ा दी मुझे हौसला जब नहीं हो रहा थाउसी ने इशारों से हिम्मत बढ़ा दी मुझे फ़ैसला यूँ बदलना पड़ा थाशिकायत की उसने झड़ी सी लगा दी मैं औरों से तरजीह दूँ क्यों न उसकोमेरी साईं क़िस्मत थी उसने…

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  • T. S. Eliot
    कविताएँ

    टी. एस. एलियट की अनुवादित कविता | अनुवादक- दीपक वोहरा

    ByAdmin November 18, 2024November 18, 2024

    टी. एस. एलियट एक प्रमुख अंग्रेजी कवि, निबंधकार, नाटककार, और आलोचक थे, जिनका जन्म 26 सितंबर 1888 को सेंट लुइस, मिसौरी, अमेरिका में हुआ था। 25 साल की उम्र में इंग्लैंड चले गए और वहीं बस गए। उन्होंने 20वीं सदी के आधुनिक काव्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आंखें जिन्हें आखिरी बार देखा था आँसुओं…

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