Poem on Azadi in Hindi

आजादी | Poem on Azadi in Hindi

आजादी

( Azadi )

 

हमको प्यारी है हमारी आजादी,
बड़ी मुश्किल से पाई हमने आजादी
कई वीर शहीद हुए हैं हमारे देश के ,
कई घर ऊजड़ गए तब पाई ये आजादी ।।

जब जब मातृभूमि पर संकट आया
तब हर घर ने राष्ट्रध्वज फहराया,
अपने मनोबल और राजधर्म से
हमारे वीरों ने सदैव ही देश बचाया ।।

हां आज आजाद हैं हम तो,
यह हमारा सैन्य बल ही तो है
जिसके दम खम के आगे
नहीं कोई शत्रु सीमा लांघ पाया।।

आज भारत आजाद हैं,
पर क्या हमारी सोच भी आजाद हुई
इस प्रश्न पर विचार एक आया
हमारा आजाद भारत हमारे भीतर समाया।।

फिर क्यूं न जश्न मनाएं हम ,
आओ गणतंत्र दिवस मनाए हम
राष्ट्र गीतों और फूलों से ध्वज का सम्मान कर
आजादी का झंडा लहराए हम ।।

आशी प्रतिभा दुबे (स्वतंत्र लेखिका)
ग्वालियर – मध्य प्रदेश

dubeyashi467@gmail.com

यह भी पढ़ें :-

राष्ट्रीय बालिका दिवस | National Girl Child Day

Similar Posts

  • सोच-समझकर बोलो

    “मम्मी खाना खा लो। पापा ने भेजा है।” 5 वर्ष की मनु ने रजनी से कहा। “मुझे नहीं खाना। नाली में फेंक दे इसे।” अपने पति अशोक से नाराज रजनी ने मनु से कहा। “क्या?” मासूमियत व हैरानी से मनु ने पूछा। “तुझे एक बार में समझ में नहीं आ रहा, सुनाई नहीं आ रही?…

  • सूनी बगिया

    चारों ओर सामान बिखरा पड़ा है। चद्दर कंबल सब ऐसे पड़े हैं। घर नहीं कबाड़खाना बन चुका है। ऐसा हर समय नहीं रहता था। एक एक सामान बहुत शलीके से रखा रहता था क्या मजाल थी कोई सामान इधर से उधर हो जाए। लेकिन क्या कहा जा सकता है। मौत का ऐसा अनोखा झोंका आया…

  • बहुतई कड़ाई बा | Kahani Bahut Kadai ba

    “आपको पता है योगी जी के राज चल रहा है। योगी जी के राज में बहुतई कड़ाई है। हमही अकेले नहीं खाइत है। बाबू लोगन के बिना खिलाएं काम नहीं करते। इसलिए बिटिया के जो पैसा मिली उसमें से आधा देना होगा।”- यह बात रमेश को एक बिचौलिया समझा रहा था। बात दरअसल यह है…

  • बंधन | Bandhan

    पात्र = 20 वर्ष की नवयौवना किट्टो (नायिका) 21 वर्ष रॉय (विलेन) 22 वर्ष साहित्यिक नवयुवक (नायक) किट्टो 20 वर्ष की खुशमिजाज एक चुलबुली अपनी मुस्कान की खुशबू से फूलों की भाति सबके दिलों में एक उमंग जगा देने वाली नवयौवना। उसके केशों की लट हवा के झोंके से कभी माथे के इस ओर आ…

  • अंधविश्वास | Andhvishwas

    सुनीता को कई दिनों से सिर दर्द कर रहा था। एक दिन तो वह बेहोश हो गई। उसका पति शहर कमाने गया हुआ था। घर में उसकी सासू जेठ जेठानी आदि थे। उन्होंने सोचा कि इसको कोई भूत प्रेत का साया लग गया है इसलिए एक ओझा के पास गांव में ले गए। उसने भी…

  • सच्चा प्यार – अ ट्रू लव स्टोरी

    प्रभात और संध्या दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते थे। नाम तो उनके विपरीत थे। पर दोनों को देखकर यूं लगता था मानो “मेड फॉर ईच अदर” है। कहने को तो उनकी अरेंज मैरिज थी, लेकिन उनके बीच में लव मैरिज से ज्यादा प्रेम था। प्रभात एक छोटा-सा व्यापारी था और संध्या स्कूल में…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *