Vishwa Guru

विश्वगुरु भारत | Vishwa Guru

विश्वगुरु भारत

( Vishwa Guru Bharat )

 

वो सोने की चिड़िया मेरी अब शेरो सी दहाड़ रही है,
अपने दम पर अकेले दुनियां को पछाड़ रही है।

स्वदेशी अपना कर हमने विदेशी को भगाना है,
अब अपनी मातृभूमि मिट्टी की ताकत को संसार को दिखाना है।

दुश्मन तो आजकल हमारे बस नाम से कांप जाते है,
जब सपने में भी उनको अब श्री राम नजर आते है।

कश्मीर को हमने आज़ाद किया अब अखंड भारत का सपना है,
गद्दारी से जो लूट लिया गया हमसे, वो भी तो मेरी भारत मां का अपना है।।

 

रचनाकार : योगेश किराड़ू
बीकानेर ( राजस्थान )

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