Holi ka huddang

होली का हुड़दंग | Poem on holi in Hindi

होली का हुड़दंग

( Holi ka huddang )

 

होली में हुड़दंग मचाना,
अच्छा लगता है।
स्वर लहरी हो मस्ती भरी,
गाना अच्छा लगता है।।

 

धमालों पर रसिया नाचे,
स्वांग रचाते नर नारी।
पिचकारी से इक दूजे को,
रंग लगाना अच्छा लगता है।।

 

गौरी नित का काग उड़ाये,
मेरो साजन कब घर आए।
गोरे गालों पे गुलाल रंग,
लगाना अच्छा लगता है।।

 

रंगीलो महीनों फागुन को,
मदमाता मधुमास महके।
झूम झूमकर फाग उत्सव,
मनाना अच्छा लगता है।।

 

जहां प्रेम की बजे बांसुरी,
छाए मस्ती भरा माहौल।
महक प्यार की सद्भावों की,
पाना अच्छा लगता है।।

 

मधुबन कान्हा मुरली वाला,
संग में राधा नाच रही।
विष का प्याला पी गई मीरा,
कृष्ण दीवाना अच्छा लगता है।।

 

रसिकों की टोली सज जाए,
ढप खड़ताल चंग बजाएं।
गली गली में होली होली,
शोर मचाना अच्छा लगता है।।

 

हंसी खुशी और मस्ती का,
ऐसा आलम लहरा उठता।
मनभावन त्योहार होली में,
रंग जाना अच्छा लगता है।।

 

कवियों का संगम पावन हो,
होली है मुस्काता जा।
रंग लगाकर तेरा मुस्काना,
अच्छा लगता है।।

 

आओ रंग गुलाल लगाएं,
होली का त्योहार मनाए।
भाईचारा भाव मस्ती में,
गाना अच्छा लगता है।।

   ?

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • सुदेश दीक्षित की कविताएं | Sudesh Dixit Poetry

    आयेगा बुलावा तो जाना पड़ेगा आयेगा बुलावा तो जाना पड़ेगा।माया मोह से हाथ छुड़ाना पड़ेगा। मस्त हो नींद गहरी में होंगे तब हम।तुम्हें बार बार ना हमें बुलाना पड़ेगा। जो मरजी हो बेफिक्र हो करते रहना।सब ये देख हमें दिल ना दुखाना पड़ेगा। गिर जाएंगे जब अपनी ही नज़रों से हम।अपना जनाजा हमें तब खुद…

  • रूठे अल्फाज़ | Roothe Alfaaz

    रूठे अल्फाज़ ( Roothe alfaaz )   अल्फाज रूठ से गए मुझ से , मानो कहते हों खफा हू मै तुझसे गम ए दर्द सुनाऊं तो आंसू के मोती पलकों पर छलकते खुशियों के गीत सुनाऊं तो शहनाई कानों में बजाते यादों के पन्ने पलटकर देखू, तो होठों पर खामोशी बैठा देते यारी की महफिल…

  • आत्मविश्वास | Kavita Atmavishwas

    आत्मविश्वास ( Atmavishwas )   आत्म विश्वास है जीवन के संघर्षों को हराकर जीतने का संकल्प। आत्मा की अनन्य शक्ति, आत्मा को शिखर तक पहुंचाने का प्रकल्प।। जीवन की हर बाधा, प्रतिबाधा में घोर निराशा से उबरने का विकल्प ।। आच्छादित अंधेरे में, घोर ना उम्मीदी मे प्रकाश की किरण का प्रकल्प।। उम्मीद की रोशनी,…

  • आस्था में ही विश्वास है | Aastha Mein Vishwas

    कंचन काया राम की , नयन कमल समान दर्शन करती दुनियां,करती प्रभु को प्रणाम ।। मूर्तिकार ने जब यह मूर्ति बनाई तब उसका स्वरूप उसे इस प्रकार का बिल्कुल नहीं लगा जैसे उसमें कोई ऊर्जा समाहित हो परंतु प्राण प्रतिष्ठा के बाद राम का स्वरूप और निखार एकदम से अलग हो गया हमारे वेद मन्त्रों…

  • मां शैलपुत्री | Maa shailputri

    मां शैलपुत्री ( Maa shailputri )    पर्वतराज हिमालय के घर जन्मी मां शैलपुत्री, आदिशक्ति जगदम्बा का प्रथम रूप हिमराज की पुत्री। कठोर तपस्या करके शिव की बनी अर्धांगिनी, रूप अनुपम शांत स्वभाव की है ये स्वामिनी। श्वेत वस्त्र प्रिय इनको करती वृष की सवारी, हिमराज और मैना देवी की है ये दुलारी। कैलाश पर्वत…

  • विश्वगुरु भारत | Vishwa Guru

    विश्वगुरु भारत ( Vishwa Guru Bharat )   वो सोने की चिड़िया मेरी अब शेरो सी दहाड़ रही है, अपने दम पर अकेले दुनियां को पछाड़ रही है। स्वदेशी अपना कर हमने विदेशी को भगाना है, अब अपनी मातृभूमि मिट्टी की ताकत को संसार को दिखाना है। दुश्मन तो आजकल हमारे बस नाम से कांप…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *