प्रकृति हूं मैं कदर करो

प्रकृति हूं मैं कदर करो

प्रकृति हूं मैं कदर करो

जल मैं, अग्नि मैं, वायु मैं ।
वृक्ष,जीव,प्राणी, अचल हूं मैं ।।

स्वर्ग का द्वितीय रूप मैं ।
ईश्वर का महा चमत्कार मैं।।

मनमोहक सा दिखता हूं ।
मनमोहित मैं करता हूं ।।

जिधर देखो , उधर हूं मैं ।
हर तरफ हर जगह हूं मैं ।।

चंद्र मैं , सूर्य मैं , भू , धारा , गगन हूं मैं।
प्रकृति कहे सब मुझको , सुंदर और प्रचंड मैं ।।

धरा पर जीवन की रक्षा मैं सदा ही करता हूं ।
लेकिन अपनी रक्षा के बारे में सोचते ही डरता हूं ।।

मनुष्य प्रलय बुला रहे है ।
मुझको यूं मिटा रहे है ।।

पेड़ काटे जा रहे है , हरियाली घटा रहे है ।।

जंगल मिटा रहे है , इमारतें बना रहे है ।।

मनुष्य कहे विकास इसको , पर अपना काल बुला रहे है ।।

दुश्मनी करो न मुझसे ए मनुष्यों, दोस्ती तुम कर ही लो।।

प्राणियों का घर हूं मैं , जीवन का कारण हूं मैं ।।

अंत में यही कहूं मैं , नष्ट मुझको न करो।।

प्रकृति हूं कदर करो ।।
प्रकृति हूं कदर करो ।।

अथर्व कुमार

यह भी पढ़ें:-

Similar Posts

  • आजादी के शहजादे | Poem in Hindi on Bhagat Singh

    आजादी के शहजादे ( Azadi ke shahzade )    अठाईस सितंबर धन्य हुआ,तेईस मार्च की स्तुति में अठाईस सितंबर उन्नीस सौ सात, शहीदे आजम हिंद अवतरण । रज रज अति उमंग उल्लास, सर्वत्र अप्रतिम खुशियां संचरण । फिरंगी सिंहासन हिला डाला, प्रतिभाग कर क्रांतिकारी युक्ति में । अठाईस सितंबर धन्य हुआ, तेईस मार्च की स्तुति…

  • नव वर्ष की डायरी | Nav Varsh ki Diary

    नव वर्ष की डायरी ( Nav varsh ki diary )   जब इस नव वर्ष की डायरी लिखना तो पहले पृष्ठ पर सिर्फ़ ‘मुहब्बत’ लिख कर छोड़ देना कुछ पृष्ठ पर अपने ख़्वाब, अपनी ख़्वाहिशें लिखना बीच के पृष्ठ को हृदयस्पर्शी कविताओं के लिए रखना भावुकता के लिए रखना कुछ पृष्ठ सिर्फ़ अपने लिए रखना…

  • हिन्दी | Hindi Par Kavita

    हिन्दुस्तान के हिन्दी हैं हम  ( Hindustan ke Hindi Hai Hum ) १. बड़ी मधुर मीठी है , सुन्दर है सुरीली है | दिल को छू लेने वाली, नाजुक और लचीली है | हर हिंदुस्तानी की जुवां, पर राज है उसका | ऐसी हमारी राष्ट्र भांषा, हिन्दी अलबेली है | हिन्दुस्तान के हिन्दी हैं हम…

  • आजादी का अमृत उत्सव | Poem azadi ka amrit utsav

    आजादी का अमृत उत्सव (  Azadi ka amrit utsav )   आजादी का अमृत उत्सव, घर में चलो मनायेंगे। पापा ला दो एक तिरंगा, गीत वतन के गायेंगे।। वीर शहीदों की कुर्बानी, फिर से याद करेंगे हम भारत माँ की जय जयकार, मिलकर आज कहेंगे हम रंगोली तोरन हारों से, आँगन खूब सजायेंगे। पापा ला…

  • मानव अधिकार

    मानव अधिकार स्वतंत्रता,समता अनेकों अधिकार मिला,मानव को न मानव अधिकार मिला,घर में मतभेद बच्चों -बूढो मेंरिश्ते नातों से बस घाव मिला,कौन लड़ें ,किससे कहें दिल कि बातेंअपनो से न अब वो भाव मिला,किस अधिकारों के लिए लड़ेंजब कहने, सुनने तक का न अधिकार मिला,घर से हो रही राजनीति देश तक जा मिला,हर परिवार को निगलने…

  • खादी एक शान है | Khadi

    खादी एक शान है   खादी एक शान है, खादी एक सम्मान है। स्वाभिमान है खादी, खादी एक सद विचार है। देसी धागों से बना हुआ, देश प्रेम मे सना। रेशम के तानों से तना, खादी एक सत्कार है।   गांधी जी का जीवन दर्शन है, अपना तो दर्पण है, समर्पण है। तन ढकने को…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *