Poem palke apni khol prabhu

पलके अपनी खोल प्रभु | Poem palke apni khol prabhu

पलके अपनी खोल प्रभु

( Palke apni khol prabhu )

 

 

तुमने भेजा है धरती पे क्या होता मेरे साथ प्रभु
पलके अपनी खोल जरा देखो हे मेरे नाथ प्रभु

 

कोई आंख दिखाता कोई मुझको धमकाता है
मेहनत खून पसीने की कोई कमाई खा जाता है

 

मेरी हर तकलीफों का बढ़ गया पारावार प्रभु
डूब रही नैया मेरी आय कर दो भव पार प्रभु

 

तुम चाहो तो सुख की गंगा जीवन में बहारें आती
पतझड़ सुखाये बाग कोई कली कली खिल जाती

 

हे भाग्यविधाता मेरे बदलो किस्मत की रेखाएं
यश वैभव भंडार भरें चले सुरभित सी हवाएं

 

आंधी तूफां को पार करे हौसला बुलंद कर दो मेरा
मिल जाए मंजिलें मुझे ऐसा सौभाग्य कर दो मेरा

 

तेरा ध्यान लगाकर ही नित राहों में गुण गाता हूं
कर दो बेड़ा पार मेरा पीर प्रभु तुझको सुनाता हूं

 

 ?

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

हे ईश्वर क्या तेरी माया | Poem hey ishwar kya teri maya

Similar Posts

  • अनकही | Poem anakahee

    अनकही ( Anakahee )   चलिये ना कुछ बात करें मैं अपने दिल की बात कहूँ कुछ छुपे हुए से राज कहूँ तुम अपने मन की परते खोलो सहज जरा सा तुम भी हो लो मैं अपनी कहानी कह दूंगी जो बंधी है मन के भीतर गिरहें सभी मैं खोलूंगी तुम भी अपने घाव दिखाना…

  • तुम ही तो माँ | Kavita Tum Hi to Maa

    तुम ही तो माँ ( Tum Hi to Maa ) सुबह सवेरे जब तुम मुझे उठाती थी, एक रौशनी सी मेरे आंखों को छू कर जाती थीं। उठ कर, हाथों से जब मैं आंखें मलती थी, ” सुबह हो गई बेटा ” कह कर तुम सीने से मुझे लगाती थी। देख कर तुम्हारी प्यारी सी…

  • Romantic Poetry In Hindi -बावरा मन

    बावरा मन ( Bawara Man )     बावरा   मन   मेरा,  हर  पल  ढूंढे   तुमको। नैना द्वारे को  निहारे, एकटक देखे  तुमको।   प्रीत  कहते  है  इसे, या  कि कोई रोग है ये। जो  झलकता तो नही, दर्द  का संयोग है ये।   कहना चाहूं कह न पाऊं, ऐसा  मनरोग है ये। झांझरी सा मन…

  • Hasya Kavita in hindi | हसीन सपने

    हसीन सपने ( Haseen sapne )   बैठे थे हम महफिल में, हसीनो के बीच, बालों को रंगवा कर। और हरकत थी कुछ ऐसे जैसे 60 में से 40 घटा कर। महफिल भी जवां और दिल भी जवां। मन में सावन ऐसे झूम रहा था, जैसे आवारा, बादल चूम रहा था। हमने भी, हमने भी,…

  • मोबाईल की महिमा | Kavita Mobile ki Mahima

    मोबाईल की महिमा ( Mobile ki Mahima )   कितना प्यारा है कितना न्यारा है सबके आंखों का तारा है तू! क्या बच्चे क्या व्यस्क क्या बालायें क्या बूढे उंगलियां उनके नीचे सदा दिन-रात घनघनाती बच्चे गेम्स में व्यस्क चैट कर वूढें यूट्यूब पर झूमते-गाते रहते! वनिता ओं के कहने शरमों-हया को धता बता कर…

  • नव वर्ष 2024 | Nav Varsh

    नव वर्ष 2024   हंसी खुशी करते विदा नमन तुम्हें 2023 स्वागत है आपका आइये घर 2024 नव प्रभात की शुभ बेला पर अभिनंदन नव वर्ष तुम्हारा भर दो सब में प्रेम रस बने स्वर्णिम देश हमारा देते हैं आसन कमल पुष्प सा जो है देवों का सिंहासन चतुर्मुखी हो प्रगति हमारी तुमसे मिले यही…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *