प्यार की खातिर

प्यार की खातिर

असलम की बेवफाई से निराश नुजहत का सारा समय अब मोबाइल पर यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम चलाने व नेट सर्फिंग में ही बीत रहा था। दिन तो किसी तरह कट जाता था, लेकिन रात काटनी उसे भारी गुजरती थी। फ़ेसबुक पर वीडियोज क्लिप्स देखते समय अचानक उसकी नज़र एक आकर्षक एडवर्टाइजमेंट पर पड़ी। जिसमें लिखा था:-

“आपने किसी से बेइंतहा मोहब्बत की, लेकिन बदले में आपको सिर्फ धोखा और तन्हाई मिली। आपने रो-रो कर सामने वाले से प्यार की भीख मांगी लेकिन बदले में आपको सिर्फ दर्द, रुसवाई, अकेलापन और बदनामी ही मिली। हर कोई चाहता है कि उसका सच्चा प्यार फिर से लौट कर वापस आ जाए।

जिस प्यार को वापस पाने के लिए आपने अपनी सारी हदें पार कर दी लेकिन आपका प्यार वापस आने का नाम नहीं ले रहा… दिन-रात उसी का ख्याल आपको सताता है। उसकी याद में आप खूब आंसू बहाते हो।

अपना खोया प्यार पाने के लिए अल्लाह से दिन-रात दुआ भी करते हो लेकिन आपकी दुआ अल्लाह तक नहीं पहुंच पाती, कबूल नहीं हो पाती तो… दिल छोटा करने की कोई जरूरत नहीं है। हमारे पास आपकी हर समस्या का हल है। हमारी एक ज्योतिषी सलाह आपके जीवन की दशा व दिशा दोनों बदल सकती है तो सोचिए मत।

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असलम पहले से ही शादीशुदा था। उसके दो बच्चे थे। जबकि नुजहत 35 वर्षीय कुंवारी महिला थी। दोनों की पहली मुलाकात एक शादी की पार्टी में हुई थी। पहली नजर में ही दोनों एक दूसरे की तरफ आकर्षित हो गए थे। पार्टी में ही दोनों ने एक दूसरे के मोबाइल नंबर ले लिए। इसके बाद जमकर बातों का सिलसिला चला।

असलम की बातों ने नुजहत पर ऐसा जादू किया कि वह शादीशुदा असलम को अपना दिल दे बैठी। वैसे भी मुस्लिम समुदाय में पुरुष एक से अधिक निकाह कर सकता है। नुजहत को भी यकीन था कि असलम भी उससे प्यार करता है और उससे जल्द ही निकाह कर लेगा।

लेकिन हुआ इसके विपरीत। असलम ने नुजहत का शारीरिक, आर्थिक, मानसिक व भावनात्मक रूप से 1 साल तक लगातार शोषण किया और अब मन भर जाने के बाद वह उससे बातें करने से कतराने लगा, न के बराबर ही बात करता। नुजहत असलम की कही हुई बातों, किये हुए वायदों को ही जिंदगी मान बैठी थी।

अब पिछले दो सप्ताह से असलम उसकी कॉल नहीं उठा रहा था। इससे वह बहुत आहत थी। वह हर कीमत पर असलम को पाना चाहती थी। वह असलम को निकाह हेतु मनाने के लिए सारे हथकंडे अपना चुकी थी।

अपने बैंक खाते में जमा धनराशि से ₹3 लाख की असलम की आर्थिक मदद भी कर चुकी थी, लेकिन सब बेकार। वह असलम के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थी। आज ज्योतिषी के विज्ञापन को देखकर/पढ़कर उसके मन में असलम को पाने की इच्छा/उम्मीद फिर से बलवती हो उठी।

उसने विज्ञापन पर दिए लिंक पर क्लिक किया तो व्हाट्सएप चैट खुल गई। चैट ओपन करते ही उसमें एक के बाद एक कई सवाल आये:-

आपका क्या नाम है?
आपकी जन्मतिथि क्या है?
आपका बर्थप्लेस क्या है?
आपका जन्म का समय क्या है?

सब सवालों के जवाब देने के बाद नुजहत से चैट के माध्यम से पूछा गया:-

क्या परेशानी है आपको?
आप अपनी समस्या बताइए, मैं आपकी मदद करूंगा?

नुसरत बोली:-

“मेरा प्यार मुझे छोड़ कर चला गया है। उसका साथ मुझे बहुत अच्छा लगता था। मुझे उसके साथ बिताए पल बहुत याद आते हैं, बहुत तकलीफ देते हैं। मैं अपने प्यार को फिर से वापस पाना चाहती हूं। इसके लिए मुझे क्या करना होगा?”

अगला सवाल आया-

“आप अपने प्यार को लेकर क्या सोच रहे हैं? हमें बताओ। क्या आपने अपने प्यार से बात की है?”

“नहीं। मेरी अभी उनसे दो सप्ताह से कोई बात नहीं हुई है। कुछ दिनों से वे मेरा फोन नहीं उठा रहे हैं।” नुजहत ने जवाब दिया।

“चिंता मत कीजिए। मैं आपकी पूरी मदद करूंगा। आपकी कुंडली बहुत अच्छी बनी है। आपका प्यार तो वापस आना ही है।”

“लेकिन आपको कैसे पता?” नुजहत ने आश्चर्य से पूछा।

“बेटा जी, यह तो आपकी कुंडली में साफ दिख रहा है। इस बार वह पहले से भी 10 गुना ज्यादा केयरिंग होगा।”

“थैंक यू सो मच। लेकिन कैसे? इसके लिए मुझे क्या करना होगा?” नुजहत ने अपने सवाल का उत्तर पूछा।

उधर से जवाब आया-
“आपका फ्री चैट का 2 मिनट का समय पूरा हो गया है। रिचार्ज करके आप अपना चैट टाइम बढ़ा लीजिए और हमारी ऐप पर हमसे बात कीजिए ताकि मैं आपकी पूरी हेल्प कर सकूं। ऐप का लिंक ये रहा।”

ऐप का लिंक भेजने के बाद अगला मैसेज आया-
“हम आपका वेट कर रहे हैं। ऐप डाऊनलोड करके पुनः कनेक्ट कीजिए, चैट कीजिए।”

चैट कंटिन्यू पर क्लिक करते ही… “मिनिमम रूल ऑफ 5 मिनट ( चैट 20 रूपये प्रति मिनट) रिक्वेस्टेड टू स्टार्ट चैट” लिखा आया।

नुजहत ने ₹100 का रिचार्ज करके ज्योतिषी से बात करनी शुरू की। उसको बातों में मजा आने लगा। एक बार जो उसने बातें करनी शुरू की तो.. वह इसमें फंसती चली गई। कुछ मिनटों में ही उसके सैकड़ों रुपये खर्च होने लगे। अब उसको हर बार आगे की बात करने के लिए फिर से रिचार्ज करना पड़ता था।

हर बात से बेखबर, असलम को पाने की धुन में मग्न, नुजहत इसी तरह सुबह से शाम तक पाँच-पाँच हज़ार का रिचार्ज करके ज्योतिषी से बात करने लगी। ज्योतिषी के बताएं उपायों पर अमल करते हुए 6 माह कैसे बीत गए? इसका उसे पता ही नहीं चला। हर समय वह चैटिंग में ही लगी रहती। हर बार ज्योतिषी उससे यह कहकर उसका मनोबल बढ़ाते:-

“आप अपने प्यार को पाने के बेहद करीब हो। बस यह उपाय और कर लो। निश्चित ही तुम्हें सफलता मिलेगी। अब इतनी आगे जाकर हार मान लेना ठीक नहीं है। हम आपके लिए, आपके प्यार के लिए लगातार प्रयासरत हैं। लगातार पूजा पाठ कर रहे हैं।”

बेचारी नुजहत रिचार्ज पर रिचार्ज कराती चली गई। ज्योतिषी नुजहत को हर बार आश्वासन पर आश्वासन देते रहे।

“इस दुआ के बाद असलम के दिल में आपके लिए जितनी भी नफरत है, वह सब खत्म हो जाएगी और नफरत मोहब्बत में बदल जाएगी। आपके खोए हुए महबूब के दिल में मोहब्बत का ऐसा तूफान उमड़ेगा कि वह आपके पैरों में आकर गिर जाएगा।

इस दुआ की ताकत इतनी ज्यादा है कि यह महबूब के दिल में आपकी मोहब्बत की आग फिर से जला देगा। महबूब के दिल में आपकी मोहब्बत के फूल फिर से खिला देगा। जो महबूब आपको छोड़कर गया था, वह माफी मांगता हुआ आपके पास वापस लौट आएगा। ध्यान रखें, प्यार एक मायावी पक्षी है जो तब उड़ सकता है, जब आपको इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

ज्यादातर इसके साथ आने वाली समस्याओं से निपटना मुश्किल हो जाता है, जिससे यह दिमाग और दिल के बीच एक अंतहीन लड़ाई बन जाता है। अतः निराश ना हो। आप हमारे संपर्क में रहो। निश्चित ही आप को आपका प्यार असलम मिल जाएगा।”

असलम को पाने की आस में 6 माह से ज्यादा समय का समय बीत गया था। नुजहत को होश तब आया, जब नुजहत की अम्मी ने घर में जरूरी काम/मरम्मत करवाने के लिए ₹200000(दो लाख) मांगे और नुजहत से बैंक से रुपए निकाल कर लाने के लिए कहा।

नुजहत ने अपना बैंक बैलेंस चेक किया तो अब उसमें मात्र ₹30000 बाकी थे। वह असलम को अपना बनाने के चक्कर में ज्योतिषी के बताए उपायों पर काम करने व बातें करने के चक्कर में इतनी अंधी हो गई थी कि उसने कभी यह सोचने समझने की कोशिश ही नहीं की कि जिन रुपयों को वह असलम को पाने के लिए खर्च कर रही है, रिचार्ज पर रिचार्ज किये जा रही है… वे रुपए उसके अपने हैं ही नहीं।

नुजहत के पिताजी नुजहत को बेहद प्यार करते हैं। उसको अपने चार भाई बहनों के परिवार में सबसे ज्यादा समझदार मानते थे। उन्होंने मरने से पहले नुजहत पर विश्वास करके 15 लाख रुपए उसके खाते में जमा करवाये थे ताकि उनके बाद परिवार को कोई दिक्कत न हो। नुजहत समझदारी से रुपये खर्च करेगी और उन रुपयों से उसकी शादी भी हो सकेगी। बाकी तीनों बच्चों की शादी उन्होंने अपने जीते जी कर दी थी।

बर्बाद होने के बाद, अब नुजहत की समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें? उसकी आंखों के आगे अंधेरा छा गया। उसे अपनी समस्या का कोई उपाय/हल नजर नहीं आ रहा था। वह सिर पकड़ कर बैठ गई। उसे लग रहा था कि जैसे उसके दिमाग की नस फट जाएगी और वह मर जाएगी।

वह समझ नहीं पा रही थी कि वह अपनी अम्मी को कैसे बताएं कि उसकी नासमझी के कारण… असलम को अपना बनाने की जिद पालने के कारण उसने होशोहवास गंवाकर ज्योतिषियों के चक्कर में पड़कर अपने सारे रुपए खर्च कर डाले थे। उसे खुद पर शर्म आ रही थी। वह खुद से नज़रें नहीं मिला पा रही थी।

अचानक उसे असलम को दिए ₹300000 याद आ गए। पहले जब-जब उसने असलम की 10 या 20 हजार तक की मदद की थी, तब असलम ने उसके रुपए बताये समय पर लौटा दिए थे। इस बार धनराशि ज्यादा थी तो वह बेईमान बन गया। माँगने पर बहाने पर बहाने बनाने लगा और एक साल से पहले रुपए देने से मना कर दिया।

नुजहत के लिए अब सारे दरवाजे बंद हो चुके थे। उसे अब मरने के अलावा कोई उपाय नजर ना आ रहा था। अपनी नज़रों से वह गिर चुकी थी। वह समझ नहीं पा रही थी कि वह अपने परिवार और समाज का सामना कैसे करेगी? कैसे वह अपने परिवार को शादीशुदा असलम के साथ अपने प्रेम संबंधों को बता पाएगी?

और कैसे उसने असलम को पाने के लिए यह जानते हुए भी कि… असलम का मन उससे भर चुका है और वह उसका कभी भी नहीं हो सकता… अपना शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक शोषण करवाना मंजूर किया। और तो और अब वह आर्थिक तौर पर भी खत्म हो चुकी थी।

इन सब बातों को सोच-सोचकर वह इतना परेशान हो गई कि एक सुसाइड नोट लिखकर उसने अपने परिजनों की अनुपस्थिति में(जब घर पर कोई नहीं था) जहर खाकर अपनी जान दे दी।

सुसाइड नोट में उसने शुरू से लेकर अब तक की सभी बातों और घटनाओं का जिक्र करते हुए, अपने कायरपन व सुसाइड करने के लिए… उनको छोड़कर जाने के लिए अपने परिवार से माफी मांगी। इसके साथ ही उसने एस्ट्रोलॉजी ऐप्स, ज्योतिषियों व तांत्रिकों के चक्कर में न पड़ने की लोगों से अपील की।

ज्योतिषी के झूठे आश्वासनों के चक्कर में पड़कर ही नुजहत बलि की भेंट चढ़ गई। वशीकरण और तांत्रिक क्रियाओं के बारे में किए गए दावे अक्सर व्यक्तिगत अनुभव और अंधविश्वासों पर आधारित होते हैं। उनके समर्थन में कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

यदि आप अपने रिश्ते को सुधारने और अपने प्यार को वापस पाने के बारे में सोच रहे हैं तो यह महत्वपूर्ण है कि आप तर्कसंगत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं। आपसी संवाद, समझदारी और प्रयास से रिश्तों में सुधार लाया जा सकता है। यह भी महत्वपूर्ण है कि आप ऐसे लोगों व ज्योतिषियों से सावधान रहें… जोकि आपको धोखा देने और ठगने की कोशिश करते हैं।

आजकल यह धंधा बन गया है। सैकड़ो एस्ट्रोलॉजी एप और उनके विज्ञापन हमें फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम आदि हर जगह दिखाई देते हैं। यहाँ अधिकांश अभिनेता/अभिनेत्रियां इनका प्रचार करते नज़र आ जाते हैं। इन पर पूरी तरह विश्वास करने से बचें। इसमें पड़कर आप आर्थिक रूप से और दिमागी तौर पर पूरी तरह खत्म हो जाएंगे और खुद को बर्बाद कर लेंगे। अतः अपने निर्णय को समझदारी और विवेक से लें।
धन्यवाद!

लेखक:- डॉ० भूपेंद्र सिंह, अमरोहा

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