Shikwa Shikayat

कोई शिकवा शिकायत ही नहीं | Shikwa Shikayat

कोई शिकवा शिकायत ही नहीं

( Koi shikwa shikayat hi nahi )

 

کوئی شکوہ شکایت ہی نہیں ہے
مجھے تم سے عداوت ہی نہیں ہے
कोई शिक्वा शिकायत ही नहीं है
मुझे तुम से अदावत ही नहीं है

تمہارے بعد میں اۓ جان جاناں
کسی سے اب محبت ہی نہیں ہے
तुम्हारे बाद में अए जाने जाना
किसी से अब मुहब्बत ही नहीं है

اگر شامل خیال، غیر ہو پھر
اۓزاہد وہ عبادت ہی نہیں ہے
अगर शामिल ख़्याल ए ग़ैर हो फिर
अए ज़ाहिद वो इबादत ही नहीं है

تمہاری محفلیں مجھکو ہیں پیاری
مگر کوئی عنایت ہی نہیں ہے
तुम्हारी महफिलें हैं मुझको प्यारी
मगर कोई इनायत ही नहीं है

محبت کو محبت سے نبھا لو
تمہاری ایسی عادت ہی نہیں ہے
मुहब्बत को मुहब्बत से निभा लो
तुम्हारी ऐैसी आदत ही नहीं है

رکھیں کیا رابطہ فنصور ان سے
جنہیں ملنے کی فرصت ہی نہیں
रखें क्या राब्ता फ़नसूर उनसे
जिन्हें मिलने की फुरसत ही नहीं है

फ़न्सूर जाफ़री बरेलवी
पता ,, उदयपुर बन्नोजान
थाना,, भोजीपुरा
ज़िला बरेली ( उत्तर प्रदेश )

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उनका किरदार | Unka Kirdar

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