कविताएँ

  • जस्टिस फॉर गुलनाज

    जस्टिस फॉर गुलनाज ****** #justice_for_Gulnaz चाहे सरकारें बदलती रहें राज जंगलवाली ही रहे ऐसे में हम कहें तो क्या कहें? जब प्रशासन ही अपना चेहरा उजागर करे! कौन जीये/मरे फर्क जरा नहीं पड़े सिस्टम हैं सड़े आम आदमी है डरे अपराधी मजे ले अफसर चलें सियासी चाल सरकारों की रखें भरपूर ख्याल होते मालामाल ठोकते…

  • पछतावा

    पछतावा *** नहीं हो सका तुझसे कुछ भी अच्छा! रहा बच्चा का बच्चा, दिल का सादा और सच्चा। ईर्ष्या द्वेष वैमनस्य न जाना, ज़माने की दस्तूर न माना; देते हैं लोग अब ताना। मूर्ख ! तू इतना भी न जाना? छल कपट का है जमाना। कुछ कराने को ‘कुछ’ करना पड़ता है, वरना फाइल ठंडे…

  • भावनाएँ

    भावनाएँ   भावनाएँ अनमोल होती है..  जिंदगी खुशी और सकून देती है  यह हौसला, उम्मीद और ताकत देती हैं  भावनाएं ही हमें जीव से इंसान बनाती हैं जब तक भावनाएं हैं  तब तक ही हम इंसान है  सही मायने में भावना ही इंसानियत का पाठ पढ़ाती है हमें..!  भावनाओं से ही तो रिश्ते बनते हैं…..

  • आओ मिलकर दीप जलाएं | Poem on Diwali in Hindi

    आओ मिल कर दीप जलाएं ( Aao milkar deep jalaye )   ***** आओ मिलकर दीप जलाएं, अपने जैसा हर घर चमकाएं। पुष्पों दीपों से रौशन करें आंगन, खुशियों से भर दें हर एक दामन। जलाएं हंसी की फुलझड़ी, टपके खुशियां घड़ी घड़ी। ठहाकों की फोड़े पटाखा, दूर करें जग की निराशा। कृत्रिम रौशनी और…

  • अंधेरा चाहे जितनी कोशिशें करता रहेगा | Diwali ki kavita in Hindi

    अंधेरा चाहे जितनी कोशिशें करता रहेगा ( Andhera chahe jitani koshish karta rahega )     अंधेरा चाहे जितनी कोशिशें करता रहेगा। ये मिट्टी का दिया है उम्र भर जलता रहेगा।   शहर के पटाखे सब लूट लेगें फिर दिवाली, गाँव का बम बेचारा हाथ ही मलता रहेगा।   तूँ पत्थर है तो हम भी…

  • नयकी सरकार कुछ ना कुछ करी!

    नयकी सरकार कुछ ना कुछ करी! ******** खांटी बा बिहारी जल्दी हार न मानी कइले बा पूरी तैयारी विपक्ष में बैठी लेकिन सांस चैन के ना लीही सरकार के नाक में दम क# दीही विपक्ष बा मजबूत! एने ओने करे के# ना दीही छूट ना होखे दीही जनता के कमाई के लूट! मजबूरी हो जाई…

  • जगमग जगमग दीप जले है | Diwali ki kavita

    जगमग जगमग दीप जले है ( Jagmag jagmag deep jale )     जगमग जगमग दीप जले है। अँधियारे सब दूर टले है।।   घर घर में छाये खुशहाली । दिल में अरमां आज पले है।।   आज मिटा दो दिल से सारे। जितने शिकवे और गिले है।।   इस दिल में जो वैर न…

  • नीतीशे कुमार फिर से एकबार

    नीतीशे कुमार फिर से एकबार ******** दस लाख नौकरी पर भारी पड़ा उन्नीस लाख रोजगार का वादा बिहार ने चुना संख्या ज्यादा पाले महत्तम रोजगार का इरादा! बधाई हो सुशासन बाबू जीत गए चुनाव बिहार का। कड़े मुकाबले में हराया जीत का चौका लगाया विपक्ष ने भी था जोर लगाया सफल नहीं हो पाया। लेकिन…

  • अमेरिका को मिला नया राष्ट्रपति!

    अमेरिका को मिला नया राष्ट्रपति! ****** धन्य अमेरिका, धन्य अमेरिकी जनता.. नफ़रत के ऊपर चुना सद्भावना! कुछ यही है कहता- बाइडेन का चुना जाना। देखिए क्या आगे है होता? 46 लें राष्ट्रपति के रूप में 77 वर्षीय बाइडेन चुने गए हैं, छह बार सिनेटर भी रह चुके हैं। जो डेमोक्रेटिक पार्टी के थे उम्मीदवार, जिनपर…

  • बैठ जाता हूँ

    बैठ जाता हूँ     कितना इंतज़ार करता हूँ मैं हर सुबह और शाम इसी आस में कि अभी उसका फ़ोन आएगा और पूछेगी मुझसे मेरा हाल……   आता है जब फ़ोन चार पाँच दिनों के बाद बस दो मिनट भी नहीं कर पाती बात और बिन कहे ही काट देती है कॉल मैं बोलता…