karwa chauth poem in Hindi

  • करवा चौथ पर कविता | Karwa Chauth Poem in Hindi

    करवा चौथ पर कविता ( Karwa Chauth par kavita ) ( 5 ) मिट्टी से बने बर्तन और चतुर्थी कृष्ण पक्ष कितना प्यारा, सुहागिन स्त्रियां खास विधान पूजा करती श्रृंगार न्यारा। करती श्रृंगार,चूड़ी,कंगन,बिंदिया,सिंदूर,मेहंदी हाथों पर, शतायु हो,खुशियां हों जीवन में,अमर रहे सुहाग हमारा।। चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती खुशियां मांगती जीवन में, कामना करती,गणेश जी…

  • करवा चौथ | Karwa Chauth kavita

    करवा चौथ ( Karwa Chauth ) ( 3 )  मेरे जीवन की चांदनी, तुझको लगता हूं चंद्र प्रिये। रोम रोम में स्नेह रश्मियां, भीगी सुधारस रंध्र प्रिये। दिल से दिल के तार जुड़े, सुरों का संगम भावन हो। मैं मनमौजी बादल हूं, तुम मधुर बरसता सावन हो। सौम्य सुधा सुधाकर पाओ, करती हो उपवास प्रिये।…

  • करवा चौथ | Hindi poem On karwa chauth

    करवा चौथ ( Hindi poem On karwa chauth )   चाँद का कर लूं सनम दीदार मैं प्यार से जो बंधा करवा चौथ है   उसकी चूड़ी उसकी देखो बिंदिया  मुस्कुराती  सूरत करवा चौथ है   हो गया दीदार अपनें चाँद का प्यार का आया वो करवा चौथ है   सज गयी है चाँद की …