Tag: Romantic Ghazal
मोहब्बत का जैसे असर लग रहा | Ghazal
मोहब्बत का जैसे असर लग रहा ( Mohabbat ka jaise asar lag raha ) खूबसूरत सुहाना सफर लग रहा। मोहब्बत का जैसे असर लग रहा।। राह -ए -हयात जिस पर मैं थक जा रही थी। उस पर चलती रहूं उम्र भर लग रहा।। ख्वाबों में अब तक जो मेरे आता रहा। रूबरू…
कितना आसाँ है कहना – भूल जाओ | Ghazal
कितना आसाँ है कहना – भूल जाओ ( Kitna aasan hai kehna – bhool jao ) इस दिल पे इतनी सी इनायत करना सुर्ख लबो में अलफ़ाज दबाये रखना खामोश रही आँखो पे सवालात न करना चंद रौशनदानो को भी घर में खुला रखना हवा का रुख बदलेगा जमाना जब भी घर की…
सिलसिला जब से मुहब्बत का हुआ | Romantic Poetry
सिलसिला जब से मुहब्बत का हुआ! ( Silsila jab se muhabbat ka hua ) सिलसिला जब से मुहब्बत का हुआ! और भी रिश्ता उससे गहरा हुआ आशना तो वो रहा बनकर मुझसे वो नहीं दिल से मगर मेरा हुआ देखता था जो कभी उल्फ़त नजर आज मेरा दुश्मन वो चेहरा हुआ …
साथ तुम आ जाओ | Romantic Poetry In Hindi
साथ तुम आ जाओ ( Saath tum aa jao ) साथ आज तुम आ जाओ तो, संबल मुझको मिल जाए। जीवन नैया डगमग डोले, उजड़ी बगिया खिल जाए।। कंटक पथ है राह कठिन है, कैसे मंजिल पाऊंगा। हाय अकेला चला जा रहा, साथी किसे बनाऊंगा। फिर भी बढ़ता जाऊंगा, शायद किनारा मिल जाए।…
चेहरा गुलाब जैसा है | Ghazal
चेहरा गुलाब जैसा है ( Chehra gulab jaisa hai ) मुस्कुराते हुए लब और चेहरा गुलाब जैसा है अब तो वो मेरे लिए बस इक ख्वाब जैसा है काबीलियत नहीं मेरी शायद जिसे पाने की जिंदगी में मेरे लिए वह उस खिताब जैसा है मेरा वजूद मुनव्वर है आज भी उसके दम…
चमन में अब निखार है शायद | Ghazal
चमन में अब निखार है शायद ( Chaman me ab nikhar hai shayad ) चमन में अब निखार है शायद। आने वाली बहार है शायद ।। वो मर गया मगर हैं आंखें खुली, किसी का इंतजार है शायद।। गर्ज पूरी हुई मुंह मोड़ लिया, बहुत मतलबी यार है शायद।। पांव में…
प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए | Ghazal
प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए! ( Pyar ka e khuda ab gulab chahie ) प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए! इक हंसी जिंदगी में ज़नाब चाहिए नफ़रतों के पन्ने पड़ लिये ख़ूब है प्यार की उम्रभर अब क़िताब चाहिए जो ख़ुशी से भर दें दामन मेरा सदा ऐसा…
आज मुद्दतों बाद | Romantic Ghazal
आज मुद्दतों बाद ( Aaj muddaton baad ) आज मुद्दतों बाद वो चुपके से पास आकर मेरा हाथ सहलाकर पूछती है कहाँ गुम हो क्यों खामोश हो मुझे क्यों भूल गये स्याही क्या सूख गई हर्फ क्या नहीं मिल रहे अलफाज़ नहीं जुड़ रहे क्यों इतने गमगीन हो जो मुझको…
देख लूँ जी भर के आपको एक पल| Romantic Ghazal
देख लूँ जी भर के आपको एक पल ( Dekh loon jee bhar ke aapko ek pal ) देख लूँ जी भरके आपको एक पल! ए सनम पास बैठे रहो एक पल चैन दिल को मिलेगा चले जाने फ़िर प्यार की आओ बातें करो एक पल गीत उल्फ़त के ही गायेगे…
प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी | Love Shayari
प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी ( Pyar ki meri adhuri si kahani rah gai ) प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी! आँखों में आंसू दिल में ग़म की रवानी रह गयी आज दिल से लुट गयी है वो मुहब्बत की ख़ुशी ग़म भरी ही रोज़ अपनी जिंदगानी…