Tag: Sahitya

  • Ghazal | वो तो उड़ा हंसी चेहरे से हिजाब शायद

    वो तो उड़ा हंसी चेहरे से हिजाब शायद ( Wo to uda hansi chehre se hijab shayad ) वो तो उड़ा हंसी चेहरे से हिजाब शायद ऐसा लगा जैसे निकला आफ़ताब शायद   मैं समझा खिल गये है वो  फ़ूलों की बहारे महका था उस हंसी का ही वो शबाब शायद   वो फ़ोन आजकल…

  • निबंध : सोशल मीडिया की ताकत | Essay In Hindi

    निबंध : सोशल मीडिया की ताकत ( Power of social media :  Essay In Hindi  )   आज के दौर में सोशल मीडिया लोगों के जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। इसके बहुत सारे फीचर्स हैं जैसे सूचनाएं आदान प्रदान करना, मनोरंजन करना, शिक्षित करना आदि। सोशल मीडिया एक परंपरागत मीडिया से अलग…

  • जिंदगी में ख़ुदा ख़ुशी चाहिए | Zindagi Shayari

    जिंदगी में ख़ुदा ख़ुशी चाहिए ( Zindagi mein khuda khushi chahiye )     जिंदगी में ख़ुदा  ख़ुशी चाहिए ! उम्रभर ऐसी वो जिंदगी चाहिए   भेज दें ए ख़ुदा जिंदगी की ख़ुशी और ख़ुशी की नहीं बेदिली चाहिए   खाली है जिंदगी में बहुत ही दग़ा बावफ़ा अब ख़ुदा दोस्ती चाहिए   रब अंधेरों…

  • अंतर्मन की बातें | Kavita

    अंतर्मन की बातें ( Antarman ki baatein )   अंतर्मन की बातें निकल जब, बाहर आती हैं। हर पल बदलती जिंदगी, कुछ नया सिखाती है।।   खुशी से हर्षित है ये मन, निशा गम की छा जाती है । कभी बिछुड़न बना है दर्द, मिलन से खुशियां आती है।।   कभी ऐसे लगे जीवन ,खुशनसीब…

  • गुरु कुम्हार | Kavita

    गुरु कुम्हार ( Guru kumhar )   गुरु कुम्हार शिष् कुंभ है गढ़ी गढ़ी कांठै खोट। अंतर हाथ सहार दे बाहर बाहे चोट। हर लेते हो दुख सारे खुशियों के फसल उगाते हो। अ से अनपढ़ ज्ञ से ज्ञानी बनाते हो। चांद पर पैर रखने की शिक्षा भली-भांति दे जाते हो। नेता, अभिनेता, डॉक्टर, इंजीनियर,…

  • साहिल- तेरे लिए | Hindi Ghazal

    साहिल- तेरे लिए ( Sahil- tere liye )   मन के अरमान मेरे बहकने लगे, तुम चले आओ अब मेरे आगोश में।   बिन तुम्हारे है सूनी, प्रणय वाटिका, रिक्तता सी है मेरे प्रणय कोश में।।   तुम मिले मुझको जब, मैं दिवानी हुई, जो मेरे पास था छोड़ कर आ गई।   प्रीत बाबुल…

  • अब किसी से गुलाब मिल जाये | Sad Shayari

    अब किसी से गुलाब मिल जाये ( Ab kisi se gulab mil jaaye )     अब किसी से गुलाब मिल जाये ! इक हंसी से ज़नाब मिल जाये   तरसे है पढ़ने को जिसे ये दिल प्यार की अब क़िताब मिल जाये   तरसू गुल की ख़ुशबू से मैं कब तक हुस्न का अब…

  • सौतन | Kavita

    सौतन ( Sautan )   कर में सौतन देके गये ब्रजनाथ राधिका रानी के। खेलते रही अधर पर प्रिय के राज किये मनमानी के।।१   गये श्याम जबसे मथुरा हैं भूल गये गोकुल नगरी, घटा कालिंदी का जल इतना लगती है उतरी उतरी। चले गये चितचोर नैन जलधार बहे राधारानी के।। २   छायी खुशी…

  • महक तेरी मुहब्बत की | Ghazal

    महक तेरी मुहब्बत की ( Mehak teri muhabbat ki )   इत्र क्या,  गुलाब क्या ,  खुशबु कैसी, कहां महक है इस जहान मे , तेरी जैसी   खुदा की खोज मे शीश झुकाया दर दर, कहां है पूजा कोई, तेरे आचमन जैसी   होंगे कई तेरे चाहने वाले, समझ है मुझको, ना  कही  होगी, …

  • मोहब्बत का जैसे असर लग रहा | Ghazal

    मोहब्बत का जैसे असर लग रहा ( Mohabbat ka jaise asar lag raha )   खूबसूरत सुहाना सफर लग रहा। मोहब्बत का जैसे असर लग रहा।।   राह -ए -हयात जिस पर मैं थक जा रही थी। उस पर चलती रहूं उम्र भर लग रहा।।   ख्वाबों में अब तक जो मेरे आता रहा। रूबरू…