Tag: Sahitya

  • श्याम सलोने | Kavita

    श्याम सलोने ( Shyam Salone )   राधा को मिल गए श्याम राधा प्यारी गाती फिरे राधा जाने लगी संग गईया चली श्याम माखन में डुबकी लगाने लगे संग राधा के झूम झूम गाने लगे राधा बैठन लगी संग पायल बजी श्याम पांव में मेहंदी लगाने लगे संग राधा की झूम-झूम गाने लगे राधा खेलन…

  • निबंध: इंटरनेट द्वारा प्रभावित समाज, समृद्ध भारतीय संस्कृति के लिए किस तरह खतरनाक है

    निबंध: इंटरनेट द्वारा प्रभावित समाज, समृद्ध भारतीय संस्कृति के लिए किस तरह खतरनाक है ( Essay in Hindi on : How Internet-influenced Society, Dangerous for rich Indian Culture )   इंटरनेट को सूचना प्रौद्योगिकी की जीवन रेखा भी कह सकते हैं। इंटरनेट की वजह से एक नई क्रांति पैदा हो गई है। इसकी वजह से…

  • बधाई बजे यशोदा द्वार | Poetry On Krishna Janmashtami

    बधाई बजे यशोदा द्वार ( Badhai baje yashoda dwar )   -कृष्ण ने लिया मनुज अवतार             लयबद्ध—–   बधाई बजे यशोदा द्वार, कृष्ण ने लिया मनुज अवतार।।   उस कंस ने जुल्म उचारा,  बहना को जेल में डारा। रात में हो गए यमुना पार।। कृष्ण ने लिया ——  …

  • कृष्ण ने लिया मनुज अवतार | Geet

    कृष्ण ने लिया मनुज अवतार ( Krishna ne liya manuj avtaar )   कारावास दिया बहना को, बढा कंस का अत्याचार। आठवां पुत्र मौत बनेगा, हो गया अब जीना दुश्वार। खुल गए सारे द्वार जेल के, सो गए सारे पहरेदार। दुष्ट कंस वध करने, कृष्ण ने लिया मनुज अवतार।   कृष्ण कंहैया नटवर नागर, तेरी…

  • श्री कृष्ण जन्माष्टमी विशेष (कजरी) | Shri Krishna Janmashtami vishesh

    श्री कृष्ण जन्माष्टमी विशेष (कजरी) ( Shri Krishna Janmashtami vishesh – Kajri )   जनमे देवकी के जब लाला खुलिगा जेल का ताला ना …2 ll   हाथों से हथकड़ियां छूटी मात पिता की बेड़ी टूटी खुल गए पाप के बंधन सारे आए जब नंदलाला ना…. जनमे देवकी ०…   सो गए सारे पहरेदार खुल…

  • घर घर बजे बधाई | Krishna Janmashtami Par Kavita

    घर घर बजे बधाई ( Ghar ghar baje badhai )   घर घर बजे बधाई लयबद्ध——ले के पहला पहला प्यार   जन्मे जग के पालनहार ,मैया करे लाल से प्यार , नाचे गाए सब नर नार, बधाई बज रही घर-घर में।।   भादो कृष्ण अष्टमी आई ,नंद बाबा घर खुशियां छाई। सखियां गावे मंगलाचार, घर-घर…

  • सिलसिला जब से मुहब्बत का हुआ | Romantic Poetry

    सिलसिला जब से मुहब्बत का हुआ! ( Silsila jab se muhabbat ka hua )   सिलसिला जब से मुहब्बत का हुआ! और  भी  रिश्ता  उससे गहरा हुआ   आशना तो वो रहा बनकर मुझसे वो नहीं  दिल से मगर  मेरा हुआ   देखता था जो कभी उल्फ़त नजर आज मेरा  दुश्मन वो  चेहरा हुआ  …

  • राखी का त्यौहार | Kavita Rakhi ka tyohar

    राखी का त्यौहार ( Rakhi ka tyohar )   बात-बात पे लड़ना, बात -बात पे झगड़ना, कभी रूठना ,कभी मनाना, कभी अड़ना;   बड़ा नटखट है- भाई बहन का प्यार, देखो, आ गया ये राखी का त्यौहार ।। सतरंगी रंगों में चमक रही हैं राखियाँ, हर तरफ़ बिखरी हैं सैकड़ों मिठाइयाँ;   आज पूरी तरह…

  • प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए | Ghazal

    प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए! ( Pyar ka e khuda ab gulab chahie )     प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए! इक हंसी जिंदगी में  ज़नाब  चाहिए   नफ़रतों के पन्ने पड़ लिये ख़ूब है प्यार की उम्रभर अब क़िताब चाहिए   जो ख़ुशी से भर दें दामन मेरा सदा  ऐसा…

  • डा0 अलका अरोड़ा के संचालन में हृदयांगन संस्था मुंबई का हुआ आनलाइन राष्ट्रीय कवि सम्मेलन

    स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर हृदयांगन साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था मुंबई ने एक शाम देश के नाम कार्यक्रम 14 अगस्त 2021 को आयोजित किया जिसमे देश प्रेम तथा विविध गीतो की जमकर बरसात हुई।। कार्यक्रम की शुरूआत श्री सदाशिव चतुर्वेदी मधुर जी ने सरस्वती वंदना से की ।। चार घंटे चले इस कवि सम्मेलन…