26 वीं वैवाहिक वर्षगांठ

सर्वप्रथम अरविंद भैया और स्मिता भाभीजी को 26 वीं वैवाहिक वर्षगाँठ पर “प्रदीप” की और से प्रणाम! बहुत- बहुत बधाई , शुभकामनाएँ व मंगलकामनाएँ ।

जीवन के प्रवाहमान में निरन्तर साँसों की तरह रिश्तों को भी उतार- चढ़ाव में पत्थर की ठोकर लगती हैं और विवेक से ख़ुशी का रसनानुवादन भी होता हैं परन्तु यह हमारे ऊपर हैं की हम अरविंद भैया और स्मिता भाभीजी की तरह सदैव अडिग रहकर, किसी भी तरह की ठोकर में बिना विचलित हुए रुके और आगे से आगे की और प्रयास करते हुए आदि – आदि सही दिशा में कदम रखते हुए चलते – चलते जायें वह मंज़िल को प्राप्त करे ।

आप दोनों के जीवन की सबसे बड़ी मूल्यवान पूंजी प्यार और सौहार्द भरे रिश्ते है ।आप दोनों ने अपने जीवन में स्वहित को त्याग कर हर स्थिति में सदैव परिवार को सर्वप्रथम रखा है ।

हमारे जीवन को आप दोनों के द्वारा रिश्तों का सही से संतुलन और खुशी मिलती है । अत: यह रिश्ते सदैव सद्भावोंपूर्वक हो जिससे इसमें कभी भी दूरी नहीं आए और प्रेम सदैव रहे ।

आपने सदैव रिश्तों को भी पौधों की तरह पालें हैं यानि उन्हें समय पर सहेजें, संभालें आदि है ।आप दोनों का सदैव उच्च सोच का मनोभाव जीवन में सदैव रिश्तों की मिठास व माधुर्य का आभास देते है इसलिए रिश्ते मधुर जीवन के खास हिस्से हैं। जीवन में अच्छे मधुर रिश्ते खुशी व प्रसन्नता के स्रोत होते हैं।

यह जीवन को आनन्द से ओत-प्रोत कर देते हैं। ऐसे रिश्तों में प्यार और सम्मान होता है वह इनसे स्वार्थ और अभिमान दूर रहता है। जीवन में बिना रिश्तों की सहभागिता के कोई भी उत्सव हो या उपलब्धि अधूरे हैं।

वह अपनों के बिना जीवन में प्रगति कोई माने नहीं रखती है इसीलिए तो यही कहना सही है रिश्तों की मिठास जैसा जीवन का स्वाद और भी कहीं नहीं है ।

आप दोनों के सुखी दाम्पत्य जीवन में सदैव ख़ुशियाँ विद्यमान रहे और हम आपकी 50 वी 75 वी वैवाहिक वर्षगाँठ बनाते रहे और आपका आशीर्वाद सदैव प्रदीप पर रहे। इन्ही शुभ भावों से आपको पुनः बहुत- बहुत बधाई व प्रणाम।

प्रदीप छाजेड़
( बोरावड़)

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