अनोखा रिश्ता | Hindi katha
अनोखा रिश्ता
( Anokha rista : Hindi kahani )

( Anokha rista : Hindi kahani )
अनिल जी एक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। वे समाज में व्याप्त रूढ़ियों से बच्चों को बचाने के लिए अक्सर वे बच्चों से इस विषय पर चर्चा करते रहते हैं। एक दिन उन्होंने देखा कि बहुत से बच्चे काली-काली ताबीज गले में बांधे हुए हैं। कुछ हाथ में भी बांधे हैं। उन्होंने सुमित नाम के लड़के…
सुधांशु बहुत उधेड़बुन में है। उसे समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें? क्या ना करें ? सोचते हुए आज धीरे-धीरे एक मां हो गए। जब वह मां की 13वीं से लौट रहा था तो उसके पिताजी बहुत मायूस लग रहें थे। वह दूर जाते हुए अपने बेटे बहु को अपलक देखते रहे।…
एक अस्पताल में नर्स और डाक्टर की कहा सुनी चल रही थी – नर्स ने बड़े गुस्से से मेज पर फाइल पटक कर कहा- आप भी सफेद कोट पहनते हो मैं भी सफेद कोट पहनती हूँ, जितना काम आप कर लेते हो उससे कहीं ज्यादा काम मैं भी कर लेती हूँ- पता नहीं आप लोग…
वर्तमान समय में देखा जाए तो भूत प्रेत की मान्यता से लगभग सारा संसार जकड़ा हुआ है। किंतु भूत प्रेत आदि क्या है? कैसे हैं ? या नहीं हैं? इस विषय में कोई प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक तथ्य तक नहीं पहुंच पाया है। इसीलिए समाज में तरह-तरह के भूत- प्रेत के नाम पर नौटंकीया चलती रहती…
एक पुस्तक की दुकान पर बहुत से बच्चे जाब का फॉर्म देख रहे थे। उसी में एक फॉर्म डोम की भर्ती का भी निकला हुआ था। बच्चों ने सोचा यह डोम क्या होता है ? एक ने कहा-” तुम डोम नहीं जानते-समझते। अरे भाई जो मुर्दों को जलाते हैं । जिसमें हर समय मुर्दों के…
उम्र लगभग 80 पार हो चुकी थी। कमर झुकी हुई थी फिर भी बैठे-बैठे वह बर्तन धुल रहे थी। उसके इतनी भी हिम्मत नहीं थी कि वह बर्तन उठाकर रख सके बस वो धूल दे रही थी। धुलने के बाद वह बूढ़ी अम्मा अपनी नाती को बुलाकर कहती है -“बर्तन थोड़ा घर में रख दो।…
अनिल जी एक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। वे समाज में व्याप्त रूढ़ियों से बच्चों को बचाने के लिए अक्सर वे बच्चों से इस विषय पर चर्चा करते रहते हैं। एक दिन उन्होंने देखा कि बहुत से बच्चे काली-काली ताबीज गले में बांधे हुए हैं। कुछ हाथ में भी बांधे हैं। उन्होंने सुमित नाम के लड़के…
सुधांशु बहुत उधेड़बुन में है। उसे समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें? क्या ना करें ? सोचते हुए आज धीरे-धीरे एक मां हो गए। जब वह मां की 13वीं से लौट रहा था तो उसके पिताजी बहुत मायूस लग रहें थे। वह दूर जाते हुए अपने बेटे बहु को अपलक देखते रहे।…
एक अस्पताल में नर्स और डाक्टर की कहा सुनी चल रही थी – नर्स ने बड़े गुस्से से मेज पर फाइल पटक कर कहा- आप भी सफेद कोट पहनते हो मैं भी सफेद कोट पहनती हूँ, जितना काम आप कर लेते हो उससे कहीं ज्यादा काम मैं भी कर लेती हूँ- पता नहीं आप लोग…
वर्तमान समय में देखा जाए तो भूत प्रेत की मान्यता से लगभग सारा संसार जकड़ा हुआ है। किंतु भूत प्रेत आदि क्या है? कैसे हैं ? या नहीं हैं? इस विषय में कोई प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक तथ्य तक नहीं पहुंच पाया है। इसीलिए समाज में तरह-तरह के भूत- प्रेत के नाम पर नौटंकीया चलती रहती…
एक पुस्तक की दुकान पर बहुत से बच्चे जाब का फॉर्म देख रहे थे। उसी में एक फॉर्म डोम की भर्ती का भी निकला हुआ था। बच्चों ने सोचा यह डोम क्या होता है ? एक ने कहा-” तुम डोम नहीं जानते-समझते। अरे भाई जो मुर्दों को जलाते हैं । जिसमें हर समय मुर्दों के…
उम्र लगभग 80 पार हो चुकी थी। कमर झुकी हुई थी फिर भी बैठे-बैठे वह बर्तन धुल रहे थी। उसके इतनी भी हिम्मत नहीं थी कि वह बर्तन उठाकर रख सके बस वो धूल दे रही थी। धुलने के बाद वह बूढ़ी अम्मा अपनी नाती को बुलाकर कहती है -“बर्तन थोड़ा घर में रख दो।…
अनिल जी एक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। वे समाज में व्याप्त रूढ़ियों से बच्चों को बचाने के लिए अक्सर वे बच्चों से इस विषय पर चर्चा करते रहते हैं। एक दिन उन्होंने देखा कि बहुत से बच्चे काली-काली ताबीज गले में बांधे हुए हैं। कुछ हाथ में भी बांधे हैं। उन्होंने सुमित नाम के लड़के…
सुधांशु बहुत उधेड़बुन में है। उसे समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें? क्या ना करें ? सोचते हुए आज धीरे-धीरे एक मां हो गए। जब वह मां की 13वीं से लौट रहा था तो उसके पिताजी बहुत मायूस लग रहें थे। वह दूर जाते हुए अपने बेटे बहु को अपलक देखते रहे।…
एक अस्पताल में नर्स और डाक्टर की कहा सुनी चल रही थी – नर्स ने बड़े गुस्से से मेज पर फाइल पटक कर कहा- आप भी सफेद कोट पहनते हो मैं भी सफेद कोट पहनती हूँ, जितना काम आप कर लेते हो उससे कहीं ज्यादा काम मैं भी कर लेती हूँ- पता नहीं आप लोग…
वर्तमान समय में देखा जाए तो भूत प्रेत की मान्यता से लगभग सारा संसार जकड़ा हुआ है। किंतु भूत प्रेत आदि क्या है? कैसे हैं ? या नहीं हैं? इस विषय में कोई प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक तथ्य तक नहीं पहुंच पाया है। इसीलिए समाज में तरह-तरह के भूत- प्रेत के नाम पर नौटंकीया चलती रहती…
एक पुस्तक की दुकान पर बहुत से बच्चे जाब का फॉर्म देख रहे थे। उसी में एक फॉर्म डोम की भर्ती का भी निकला हुआ था। बच्चों ने सोचा यह डोम क्या होता है ? एक ने कहा-” तुम डोम नहीं जानते-समझते। अरे भाई जो मुर्दों को जलाते हैं । जिसमें हर समय मुर्दों के…
उम्र लगभग 80 पार हो चुकी थी। कमर झुकी हुई थी फिर भी बैठे-बैठे वह बर्तन धुल रहे थी। उसके इतनी भी हिम्मत नहीं थी कि वह बर्तन उठाकर रख सके बस वो धूल दे रही थी। धुलने के बाद वह बूढ़ी अम्मा अपनी नाती को बुलाकर कहती है -“बर्तन थोड़ा घर में रख दो।…