मेरी धरती तुझको है नमन | Kavita Meri Dharti Tujhko Hai Naman

मेरी धरती तुझको है नमन

( Meri Dharti Tujhko Hai Naman )

 

वीर जवानों की शहादत को है
नमन
लहराते इस तिरंगे में बसता है
चमन
भारत के बाशिंदों का प्यारा है
वतन
धर्म मजहब जुदा फिर भी हैl
अमन
फूलों के गुलिस्ता को करते हैं l
नमन
देश भक्ति देश सेवा खून में हैl
गमन
कदम दुश्मनों के कर देते हैंl
दमन
दुख सुख संग रहते कोई ना है
भरम
पूजा और इबादत बस यही है
करम
भारत की आन पर मर मिटना है
चलन
मेरी मिट्टी मेरी धरती तुझको है
नमन

 

डॉ प्रीति सुरेंद्र सिंह परमार
टीकमगढ़ ( मध्य प्रदेश )

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One response to “मेरी धरती तुझको है नमन | Kavita Meri Dharti Tujhko Hai Naman”

  1. rajeev kumar Avatar
    rajeev kumar

    Good poem

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