Bharat par Bhojpuri Kavita
Bharat par Bhojpuri Kavita

भारत भोजपुरी कविता

( Bharat Bhojpuri Kavita )

 

भारत देश हमार, जेके रुप माई समान
चेहरा काशमीर, मुडी हिमालय मुकुट के पहचान
बायां हाथ अरु, आसाम
मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम, मनिपुर,नागा अउर मुटान
दाहिना हाथ गुजरात अउर राजसथान
गोड कर्नाटक, आंध्रा, तमिलनाडु, केरला शितलता के प्रमाण
इनके ढेरों ल‌इका विर अउर विद्वान
पंजाब अउर हिमाचल लागे गला
हरियाणा , दिल्ली लागे दिल के निशान
मध्यप्रदेश, छत्तिसगढ़, उत्तरप्रदेश,झारखंड, बिहार अउर बंगाल
लागे माई के गोंड के समान
उत्तराखंड अउर सिक्किम हऽ कंधा के भाग
महाराष्ट, तेलंगाना, उड़िसा मिल बनल भारत महान
जेके गोड धोयेला सागर
जे में बसल गंगा जमुना सरसवति के गागर
जेके साडी हऽ तिरंगा, हर भाग में बहे प्यार के गंगा
ओके गोड छु करी हम प्रणाम
जय जय भारत देश महान ।

 

कवि – उदय शंकर “प्रसाद”
पूर्व सहायक प्रोफेसर (फ्रेंच विभाग), तमिलनाडु
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