Abhaav

अभाव | Abhaav

अभाव

( Abhaav )

 

अंधेरा न होता तो सवेरा न होता
होता न दिन तो रात भी न होती
यही तो है सच्चाई भी जीवन की
होता सबकुछ तो कुछ भी न होता..

न होती किसी को जरूरत किसी की
न किसी को किसी की पहचान होती
न होती भूख किसी को न प्यास होती
न किसी से उम्मीद होती न आस होती..

कुछ का न होना ही सब का होना है
कुछ को पाने के लिए ही तो कुछ होना है
कह लो इसे संघर्ष,प्रेम,लोभ या लालच
इसके खातिर ही तो जागना और सोना है..

अभाव ही तो करता है प्रेरित करने के लिए
अभाव ही तो दिखाता है राह संघर्ष की
अभाव ही तो पहुंचाता है शिखर तक
अभाव ही तो है राह आपके उत्कर्ष की…

कमी तो आती ही है पूरा करने के लिए
पूरे की चाहत ही तो बनाती है सफल तुम्हे
दुख के पीछे ही छिपी है बहार खुशियों की
कमी ही तो देती है करने की प्रेरणा तुम्हे…

 

मोहन तिवारी

( मुंबई )

यह भी पढ़ें :-

मन | Man

Similar Posts

  • मकर संक्रान्ति

    मकर संक्रान्ति मकर संक्रान्ति पर्व परहमारे जीवन में नवचिन्तन का सृजन होंऔर आशा हमारे जीवन केहर पल को उत्साह से भरती जायें ।क्योंकि सकारात्मक जीवनव चिंतन का अपना एकअलग ही आनंद और उत्साह है,इससे दुःख की धारा का प्रवाहस्वतः ही पड़ जाता मंद है ।मरना सिर्फ एक ही दिन परजीने के दिन तो अनेक है,सत्य…

  • चुलबुली की यादें | Poem Chulbuli

    चुलबुली की यादें ( Chulbuli ki yaadein )   ये गर्म सर्द हवाओ की साजिश है कि बिखर जाउँ मैं तेरे  शहर  आऊं  और  तेरी बाहों में सिमट जाउँ मैं ये चाय का शौक कब का भुला दिया मैं चुल्बुली हो जाये तू मेरी बाहों में तेरे होंठो से लग जाऊं मैं तुम  कामों  में …

  • दो घोड़ों की सवारी | Kavita Do Ghodon ki Sawari

    दो घोड़ों की सवारी ( Do ghodon ki sawari )    दो अश्वों पे होकर सवार मत चलना रे प्यारे। मुंह के बल गिर जाओगे दिन में देखोगे तारे। चाहे जितनी कसो लगाम मिल ना सकेगा विराम। कोई इधर चले कोई उधर चले गिर पड़ोगे धड़ाम। दो नावों पे दो घोड़ों पे वो मंझधार में…

  • Bhojpuri Vyang नेतागिरी

    नेतागिरी (व्यंग ) ( Netagiri – Vyang )   हमहू करबई नेतागिरी झट से आए हमरो अमीरी नेतागिरी में आराम बा सबसे बढ़िया काम बा एक बार जब जीत के जाईब जिवन भर पेंशन हम पाईब जब तक रहिब विधायक सांसद, खूबई पैसा लेब कमाईब हमहू करबई जम के लूट बोलब जनता से खूब झूठ…

  • वोट करो भई वोट करो

    वोट करो भई वोट करो   वोट करो भई वोट करो, तारीख अपनी नोट करो, लोकतंत्र नायक बन कर, राजशाही पर चोट करो !! १ !! वोट करो भई वोट करो, प्रसन्नचित हो वोट करो, मतदान अधिकार आपका, मतो से तुम विस्फोट करो !! २ !! घर से चल न संकोच करो, पड़े पड़े नहीं…

  • कारें कजरारे नैना | Kare kajrare naina | Kavita

    कारें कजरारे नैना ( Kare kajrare naina )   काली आंखें तिरछे नैना दमक रहा आनन सारा प्रीत भरी इन आंखों में झलक रही प्रेम रसधारा   झील सी आंखें गहरी गहरी डूब न जाना नैनों में मादकता भरे ये लोचन अंदाज मस्ताना नैनों में   नैन कटीले काले कजरारे चले नैना तीर कटार मृगनयनी…

One Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *